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सुप्रीम कोर्ट ने ठेका मजदूरों के अधिकार की रक्षा में दिलाया न्याय

झारखंड क्रांतिकारी मजदूर यूनियन के नेतृत्व में बीपीएससीएल में कार्यरत ठेका मजदूरों को सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक जीत दिलाई है। सुप्रीम कोर्ट ने प्रबंधन को 2009-11 की एडब्लूए राशि के साथ 6% सूद का भुगतान करने का आदेश दिया है।

13 जुलाई 2026 को 08:13 pm बजे
सुप्रीम कोर्ट ने ठेका मजदूरों के अधिकार की रक्षा में दिलाया न्याय

सौजन्य से:- Hindustan

सुप्रीम कोर्ट ने बीपीएससीएल में कार्यरत ठेका मजदूरों के पक्ष में दिलाया न्याय

झारखंड क्रांतिकारी मजदूर यूनियन ने बीपीएससीएल में कार्यरत ठेका मजदूरों के लिए सुप्रीम कोर्ट से ऐतिहासिक आदेश प्राप्त किया है। 2009 से 2011 तक की एडब्लुए राशि सहित 6% सूद का भुगतान करने का आदेश दिया गया। यह निर्णय यूनियन की मेहनत का परिणाम है और मजदूरों की जीत को दर्शाता है।

बोकारो ,प्रतिनिधि। झारखंड क्रांतिकारी मजदूर यूनियन ने सेक्टर 9 कार्यालय में यूनियन के महामंत्री डीसी गोहाई ने कहा लगन और इमानदारी से करनें वाला हर संघर्ष सफल होता है। इसका ताजा उदाहरण 8 जुलाई 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड क्रांतिकारी मजदूर यूनियन के अगुवाई में बीपीएससीएल में कार्यरत ठेका मजदूरों के पक्ष में आदेश देते हुए बीपीएससीएल प्रबंधन को 2009 से 2011 तक दो वर्ष कि एडब्लुए के राशि की 6%सूद सहित भुगतान करने का आदेश दिया गया है। यह आदेश यूनियन व बीपीएससी एल के ठेका मजदूरों कि ऐतिहासिक जीत है।

यूनियन का संघर्ष

जबकि एडब्लूए के राशि के तहत प्रति महीना प्रति ठेका मजदूरों को 1000 रूपया सेल प्रबंधन द्वारा भुगतान करने का निर्णय लिया गया था। परन्तु बीपीएससीएल प्रबंधन ने उनके अधिनस्थ कार्यरत ठेका मजदूरों को एडब्लूए के राशि भुगतान कराने में मना कर दिया था। यूनियन के नेतृत्व में जोरदार आंदोलन के तहत तीन दिवसीय बीपीएससीएल प्लांट को बंद कर हड़ताल किया गया था।

कानूनी प्रक्रिया

साथ ही औद्योगिक विवाद अधिनियम 1947 के अन्तर्गत कानूनी प्रक्रिया के तहत भारत सरकार केन्द्रीय औद्योगिक धनबाद में न्याय के लिए केस दायर किया गया था। जिनपर न्यायलय ने मजदूरों के पक्ष में फैसला दिया था। बीपीएससीएल प्रबंधन ने इसके विरुद्ध झारखंड उच्च न्यायालय में अपील दायर किया था। बाद में झारखंड उच्च न्यायालय ने भी उक्त आदेश को बरकरार रखा परन्तु प्रबंधन ने उच्च न्यायालय के आदेश को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दिया था।

सुप्रीम कोर्ट का निर्णय

अंत में सर्वोच्च न्यायालय ने भी बीपीएससीएल में कार्यरत ठेका मजदूरों के पक्ष में न्याय दिलाया। मौके पर यूनियन के पदाधिकारी सुजीत सिंह, संजीव कुमार राय,आर सी प्रसाद, नंद कुमार, बिनोद राम, राजेश सिंह, हरदेव राम आदि मौजूद थे।

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