ममता बनर्जी को TMC के प्रशासनिक कार्यों से रोका, अदालत का अंतरिम आदेश
अलीपुर अदालत ने तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी को पार्टी के प्रशासनिक कार्य करने और आदेश जारी करने पर रोक लगा दी है। यह आदेश पार्टी के दो गुटों के बीच चल रहे विवाद के संदर्भ में दिया गया है। अदालत ने पार्टी के धन और दस्तावेजों की सुरक्षा के लिए यह अंतरिम आदेश जारी किया है।

सौजन्य से:- Jagran
बंगाल: अदालत ने ममता बनर्जी पर TMC के प्रशासनिक कामकाज और निर्देश जारी करने पर लगाया प्रतिबंध
अलीपुर अदालत ने तृणमूल के दो गुटों के विवाद में ममता बनर्जी को पार्टी के प्रशासनिक कार्य करने और कोई भी आदेश जारी करने से रोक दिया है। ...और पढ़ें
HighLights
- अदालत ने ममता बनर्जी को तृणमूल के प्रशासनिक कार्य से रोका।
- पार्टी के धन और दस्तावेजों की सुरक्षा के लिए अंतरिम आदेश।
- अगली सुनवाई 6 अगस्त को, वास्तविक अध्यक्ष पर होगा फैसला।
राज्य ब्यूरो, जागरण, कोलकाता। तृणमूल के दो गुटों के बीच चल रहे विवाद में अलीपुर अदालत ने अंतरिम आदेश जारी किया है। अदालत ने निर्देश दिया कि मामले के निपटारे तक ममता बनर्जी पार्टी के प्रशासनिक कार्य नहीं कर सकेंगी और तृणमूल के नाम पर कोई नियुक्ति, आदेश या निर्देश भी जारी नहीं करेंगी।
अदालत ने पिछले सप्ताह भी आदेश दिया था कि ममता बनर्जी और उनके गुट के नेता स्वयं को पार्टी का पदाधिकारी नहीं बताएंगे। साथ ही वे पार्टी के बैंक खातों का संचालन नहीं करेंगे तथा पार्टी के धन, दस्तावेज या संपत्ति से संबंधित कोई कदम नहीं उठाएंगे। यह मामला स्वरूप विश्वास की पत्नी जुई विश्वास ने दायर किया है।
याचिका में इन बातों को लेकर आशंका
याचिका में आशंका जताई गई कि ममता बनर्जी गुट पार्टी की राशि कहीं और स्थानांतरित कर सकता है तथा महत्वपूर्ण दस्तावेजों में बदलाव या उन्हें नष्ट कर सकता है। इसी आधार पर अदालत से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की गई थी।
अदालत ने कहा कि फिलहाल अंतरिम आदेश इसलिए आवश्यक है ताकि पार्टी की धनराशि, दस्तावेजों और संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। साथ ही 22 जून को बागी गुट की ओर से चुनी गई राष्ट्रीय कार्यसमिति के कामकाज में ममता बनर्जी कोई बाधा नहीं डालेंगी और न ही तृणमूल भवन या किसी अन्य पार्टी कार्यालय पर जबरन कब्जा किया जाएगा।
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किस बात पर होगी विस्तृत सुनवाई?
अदालत ने स्पष्ट किया कि तृणमूल का वास्तविक अध्यक्ष और महासचिव कौन है, इस पर विस्तृत सुनवाई होगी। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि 2022 में गठित पार्टी समिति का कार्यकाल समाप्त हो चुका है या नहीं तथा पांच जून और 22 जून को हुई बैठकों की वैधता पर भी विचार किया जाएगा।
हालांकि यह अंतरिम आदेश ममता बनर्जी गुट का पक्ष सुने बिना जारी किया गया है। न्यायाधीश ने कहा कि मामले की तत्काल आवश्यकता को देखते हुए यह आदेश दिया गया है। यह अंतिम फैसला नहीं है और सभी पक्षों को सुनने के बाद आगे की सुनवाई छह अगस्त को होगी।
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