करनाल में प्री‑लोक अदालत: बैंक से जुड़े 500 विवादों का समाधान
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने करनाल में शुक्रवार सुबह 10 बजे प्री‑लोक अदालत का आयोजन किया है, जहाँ बैंक, बीमा, चेक बाउंस, ऋण वसूली और व्यापारिक लेन‑देन से जुड़े लगभग पाँच सौ मामलों को आपसी समझौते के आधार पर निपटाया जाएगा। इस सत्र के बाद 12 सितंबर को लोक अदालत में 28,461 विभिन्न प्रकार के आपराधिक, सिविल और राजस्व मामलों का निपटारा करने का लक्ष्य रखा गया है।

सौजन्य से:- Amar Ujala
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Karnal News: प्री-लोक अदालत आज, बैंकों से जुड़े 500 मामलों का होगा निपटारा
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करनाल। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से शुक्रवार को प्री-लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। सुबह 10 बजे से मामलों की सुनवाई शुरू होगी। प्री-लोक अदालत में बैंक, बीमा, चेक बाउंस, बैंक ऋण की वसूली और निजी या व्यापारिक लेन-देन से जुड़े पैसों के विवाद जैसे 500 मामलों का आपसी समझौते के आधार पर निपटारा किया जाएगा। वहीं, 12 सितंबर को आयोजित होने वाली लोक अदालत में करीब 28,461 मामलों का निपटारा किए जाने का लक्ष्य है।
सीजेएम मीनाक्षी यादव ने बताया कि प्री-लोक अदालत में दोनों पक्षों को अपना पक्ष रखने का अवसर मिलेगा। आपसी सहमति बनने पर मामले का निपटारा समझौते के आधार पर किया जाएगा। वहीं प्री लोक अदालत में लगभग 500 के करीब मामलों का निपटारा किया जाएगा। वहीं 12 सितंबर को लोक अदालत का आयोजन होगा जिसमें क्रिमिनल कंपाउंडेबल मामले, 138 के मामले, मोटर वाहन के मामले, चालान, पीएलए मामले, राजस्व मामले, यूसीआर, कैंसिलेशन मामले, सिविल मामले, समरी मामले, लेबर मामले, पारिवारिक मामले, एमएसीटी मामले, बैंकिंग मामले और अन्य प्रकार के मामले शामिल रहेंगे।
कोर्ट में लंबित और नए मामले भी लगाए जा सकेंगे
जिन व्यक्तियों का मुकदमा पहले से कोर्ट में चल रहा है, वे संबंधित कोर्ट में आवेदन देकर अपना मामला लोक अदालत में लगवा सकते हैं। वहीं, जिन मामलों में अभी मुकदमा दर्ज नहीं हुआ है, लेकिन पक्षकार विवाद का समाधान चाहते हैं, वे संबंधित कोर्ट में आवेदन फॉर्म भरकर मामला लोक अदालत में लगवा सकते हैं। आवेदन मौखिक रूप से भी दिया जा सकता है।
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- एडीआर केंद्र से निशुल्क कानूनी सहायता
एडीआर केंद्र की ओर से पात्र लोगों को निशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाती है। 1987 के अधिनियम के तहत एससी-एसटी वर्ग के ऐसे लोग, जिनकी पारिवारिक आय तीन लाख रुपये तक है, किसी भी वर्ग की महिलाएं, बुजुर्ग, बच्चों से जुड़े मामले और पुलिस कस्टडी से जुड़े मामलों में निशुल्क कानूनी सहायता दी जाती है। सीजेएम मीनाक्षी यादव ने बताया कि पात्र लोग एडीआर केंद्र से निशुल्क कानूनी सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
उपमंडल स्तर पर भी लगेगी लोक अदालत
सीजेएम मीनाक्षी यादव ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत 12 सितंबर को जिला न्यायालय सहित सभी उपमंडल स्तरों पर आयोजित की जाएगी। राष्ट्रीय लोक अदालत में लंबित मुकदमों का आपसी रजामंदी से निपटारा किया जाता है। लोक अदालत के लिए 9 बैंच निर्धारित किए गए हैं। इनमें अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायधीश करनाल शैलजा गुप्ता, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश करनाल डा. सविता कुमारी, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश करनाल नितीन किनरा, अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी करनाल सुधीर कुमार, सिविल जज जूनियर डिवीजन करनाल रूहेला शर्मा व सिविल जज जूनियर डिवीजन करनाल उदित अग्रवाल के साथ सब डिवीजन में सिविल जज जूनियर डिवीजन असंध अमृतबीर कौर, सिविल जज जूनियर डिवीजन इंद्री कुणाल मितल व सिविल जज जूनियर डिवीजन घरौंडा गौरांग शर्मा का बैंच शामिल है।
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सीजेएम मीनाक्षी यादव ने बताया कि प्री-लोक अदालत में दोनों पक्षों को अपना पक्ष रखने का अवसर मिलेगा। आपसी सहमति बनने पर मामले का निपटारा समझौते के आधार पर किया जाएगा। वहीं प्री लोक अदालत में लगभग 500 के करीब मामलों का निपटारा किया जाएगा। वहीं 12 सितंबर को लोक अदालत का आयोजन होगा जिसमें क्रिमिनल कंपाउंडेबल मामले, 138 के मामले, मोटर वाहन के मामले, चालान, पीएलए मामले, राजस्व मामले, यूसीआर, कैंसिलेशन मामले, सिविल मामले, समरी मामले, लेबर मामले, पारिवारिक मामले, एमएसीटी मामले, बैंकिंग मामले और अन्य प्रकार के मामले शामिल रहेंगे।
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कोर्ट में लंबित और नए मामले भी लगाए जा सकेंगे
जिन व्यक्तियों का मुकदमा पहले से कोर्ट में चल रहा है, वे संबंधित कोर्ट में आवेदन देकर अपना मामला लोक अदालत में लगवा सकते हैं। वहीं, जिन मामलों में अभी मुकदमा दर्ज नहीं हुआ है, लेकिन पक्षकार विवाद का समाधान चाहते हैं, वे संबंधित कोर्ट में आवेदन फॉर्म भरकर मामला लोक अदालत में लगवा सकते हैं। आवेदन मौखिक रूप से भी दिया जा सकता है।
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एडीआर केंद्र की ओर से पात्र लोगों को निशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाती है। 1987 के अधिनियम के तहत एससी-एसटी वर्ग के ऐसे लोग, जिनकी पारिवारिक आय तीन लाख रुपये तक है, किसी भी वर्ग की महिलाएं, बुजुर्ग, बच्चों से जुड़े मामले और पुलिस कस्टडी से जुड़े मामलों में निशुल्क कानूनी सहायता दी जाती है। सीजेएम मीनाक्षी यादव ने बताया कि पात्र लोग एडीआर केंद्र से निशुल्क कानूनी सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
उपमंडल स्तर पर भी लगेगी लोक अदालत
सीजेएम मीनाक्षी यादव ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत 12 सितंबर को जिला न्यायालय सहित सभी उपमंडल स्तरों पर आयोजित की जाएगी। राष्ट्रीय लोक अदालत में लंबित मुकदमों का आपसी रजामंदी से निपटारा किया जाता है। लोक अदालत के लिए 9 बैंच निर्धारित किए गए हैं। इनमें अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायधीश करनाल शैलजा गुप्ता, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश करनाल डा. सविता कुमारी, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश करनाल नितीन किनरा, अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी करनाल सुधीर कुमार, सिविल जज जूनियर डिवीजन करनाल रूहेला शर्मा व सिविल जज जूनियर डिवीजन करनाल उदित अग्रवाल के साथ सब डिवीजन में सिविल जज जूनियर डिवीजन असंध अमृतबीर कौर, सिविल जज जूनियर डिवीजन इंद्री कुणाल मितल व सिविल जज जूनियर डिवीजन घरौंडा गौरांग शर्मा का बैंच शामिल है।
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