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JPSC परीक्षा घोटालाः सुप्रीम कोर्ट में CBI जांच की मांग वाली याचिका पर सुनवाई, केंद्र और झारखंड सरकार को नोटिस

JPSC Scam: जेपीएससी की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच का अनुरोध करने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार को नोटिस जारी किया। रांचीः उच्चतम न्यायालय ने झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की प…

24 अगस्त 2026 को 10:55 am बजे
JPSC परीक्षा घोटालाः सुप्रीम कोर्ट में CBI जांच की मांग वाली याचिका पर सुनवाई, केंद्र और झारखंड सरकार को नोटिस

सौजन्य से:- Navbharat Times

JPSC Scam: जेपीएससी की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच का अनुरोध करने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार को नोटिस जारी किया।

रांचीः उच्चतम न्यायालय ने झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच का अनुरोध करने वाली याचिका पर केंद्र और राज्य सरकार को नोटिस जारी किया।

भारत के प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची एवं न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने केंद्र सरकार, झारखंड सरकार, झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और अन्य से जवाब मांगा।

सीबीआई जांच या उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश से जांच कराने की मांग

याचिका में कहा गया है कि भारत के संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत यह रिट याचिका जनहित में दायर की गई है, जिसमें झारखंड लोक सेवा आयोग द्वारा विज्ञापन संख्या 01/2026 के तहत 19 अप्रैल 2026 को आयोजित झारखंड संयुक्त असैनिक सेवा प्रारंभिक प्रतियोगी परीक्षा 2025 की शुचिता, निष्पक्षता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता को लेकर गंभीर चिंताओं के मद्देनजर इस न्यायालय से तत्काल हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया गया है।

कथित तौर पर पैसे का लेन-देन होने का आरोप

याचिकाकर्ता की ओर से अदालत को बताया गया कि झारखंड में विभिन्न नियुक्तियों में गंभीर गड़बड़ियों के आरोप सामने आए हैं। नियुक्ति प्रक्रिया में कथित तौर पर पैसे का लेन-देन हुआ और अयोग्य अभ्यर्थियों को लाभ पहुंचाकर सरकारी पदों पर नियुक्त किया गया। इस मामले में छात्र और अभ्यर्थी लंबे समय से सीबीआई जांच की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं।

राज्य सरकार सीबीआई जांच कराने के पक्ष में नहीं

याचिकाकर्ता की ओर से यह भी दलील दी गई कि राज्य सरकार मामले की सीबीआई जांच कराने के पक्ष में नहीं है। ऐसे में निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच के लिए केंद्रीय एजेंसी से जांच कराना जरूरी है। याचिका में राज्य सरकार, केंद्र सरकार, सीबीआई, सीआईडी, जेपीएससी और जेएसएसी को प्रतिवादी बनाया गया है। मामले की जांच के दौरान सामने आए तथ्यों का हवाला देते हुए याचिका में कहा गया है कि गड़बड़ी का दायरा केवल एक-दो नियुक्तियों तक सीमित नहीं है।

याचिकाकर्ता का कहना है कि नियुक्तियों में कथित अनियमितताओं की व्यापकता को देखते हुए केवल विभागीय या राज्य एजेंसी की जांच पर्याप्त नहीं है। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता सत्यम राजपूत ने दलीलें पेश कीं। सुप्रीम कोर्ट द्वारा नोटिस जारी करने के आदेश के बाद अब राज्य सरकार और अन्य प्रतिवादियों का पक्ष सामने आएगा।

इनपुट- भाषा और आईएएनएस

लेखक के बारे मेंरवि सिन्हारवि प्रकाश सिन्हा नवभारत टाइम्स डिजिटल (डिजिटल) में प्रिंसिपल डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूस हैं। वर्तमान में झारखंड और बिहार की टीम में शामिल है। रवि प्रकाश सिन्हा सितंबर, 2022 में नवभारत टाइम्स डिजिटल से जुड़े हैं। वह एनबीटी डिजिटल में बिहार और झारखंड से संबंधित सेक्शन में तथ्य आधारित ऐसे लेख तैयार कर रहे हैं जिससे रीडर्स तक काम की जानकारी बिना बढ़ा-चढ़ाकर आसान भाषा में पहुंच सकें।

रवि प्रकाश सिन्हा की प्राथमिकता झारखंड और बिहार से जुड़ी खबरों को बिना सनसनी फैलाए पाठकों तक पहुंचाने की रही है। दोनों राज्यों की सियासी नब्ज को टटोलने के साथ-साथ आम लोगों की जरूरत की खबरों तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। अपने 25 साल के करियर में रवि प्रकाश सिन्हा को पत्रकारिता जगत के अलग-अलग क्षेत्र में रिपोर्टिंग करने और आमजन के लिए उपयोगी खबरें लिखने का मौका मिला।

रवि प्रकाश सिन्हा ने अक्टूबर 2000 में भोपाल में न्यूज़ एजेंसी ईएमएस से पत्रकारिता के क्षेत्र में करियर की शुरुआत की। एक साल बाद उन्होंने ईएमएस के रांची प्रभारी के रूप में नई जिम्मेदारियों की शुरुआत की। इस दौरान कांग्रेस, भाजपा, जेएमएम, आरजेडी और विभिन्न राजनीतिक दल, झारखंड सचिवालय, सीएम, मंत्रियों और विधानसभा रिपोर्टिंग से लेकर तमाम छोटी-बड़ी और स्पेशल खबरों के लिए कंटेंट तैयार करने का काम किया।

इस दौरान झारखंड की खबरों को लेकर न्यूज प्लानिंग, वैल्यू एडेड आर्टिकल्स, इन्फ्रोग्राफिक्स और स्पेशल दिनों के लिए कंटेंट तैयार करने का काम किया। रवि प्रकाश सिन्हा के करियर में भूमिकाएं तो कई बदलीं, लेकिन एक चीज स्थिर रही- आमजन के लिए उपयोगी खबरों को आसान से आसान भाषा में रीडर्स तक पहुंचाना।

अपने दो दशक के लंबे सफर के दौरान सटीक खबर, फैक्ट पर आधारित इन डेप्थ और नॉलेज से भरपूर कंटेंट रीडर्स तक पहुंचाने की कोशिश की। उनका मानना है कि कोई भी जानकारी यूजर तक बिना वेरीफाई किए नहीं जानी चाहिए। इसलिए खबरों के लिए हमेशा ऑथेंटिक सोच पर ही भरोसा करते हैं।

झारखंड के छोटे से शहर चतरा में जन्मे और पले-बढ़े रवि प्रकाश सिन्हा ने बिहार बोर्ड से 10वीं और 12वीं की परीक्षा पास की। बाद में विनोबा भावे विश्वविद्यालय, हजारीबाग से B.A. और M.A. की डिग्री हासिल की। इसके बाद पत्रकारिता के क्षेत्र में करियर संवारने की ख्वाहिश के चलते माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पीजीडीएनएम में एक साल का डिप्लोमा किया। इसके बाद रिपोर्टिंग करते हुए रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीजी की डिग्री हासिल की।

पत्रकारिता जगत में 25 साल का अनुभव

रवि प्रकाश सिन्हा प्रिंसिपल डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत है। पिछले 25 साल में रवि प्रकाश सिन्हा को कई प्रतिष्ठित अखबारों में अपना स्किल दिखाने का मौका मिला। न्यूज एजेंसी यूएनआई के हिन्दी सर्विस यूनीवार्ता के लिए अप्रैल 2004 से दिसंबर 2005 तक रांची में रिपोर्टिंग करने का अवसर भी मिला। दूरदर्शन रांची और आकाशवाणी केंद्र के प्रादेशिक समाचार एकांश में आकस्मिक सहायक संपादक के रूप में 17 साल का काम करने का अनुभव है। राजस्थान पत्रिका में दिसंबर 2005 से लेकर अप्रैल 2020 तक झारखंड प्रतिनिधि के रूप में कार्य करने का मौका मिला। इसके बाद जून 2020 से अगस्त 2022 तक एनबीटी डिजिटल के लिए रांची से रिपोर्टर के रूप में भी काम करने का मौका मिला।

इससे पहले उन्होंने करियर की शुरुआत न्यूज एजेंसी एक्सप्रेस मीडिया सर्विस (ईएमएस) के साथ की। रांची एक्सप्रेस, आज, देशप्राण, आवाज, बिहार ऑब्जर्वर, प्रत्यूष नवबिहार, नव प्रदेश, दबंद हिंद, राष्ट्रीय खबर हमारी नजर, फ्रीडम फाइटर, पंच, मेट्रो रेज, श्वेत पत्र, उत्कल मेल, कोयलांचल संवाद, राष्ट्रीय सागर, राष्ट्रीय नवीन मेल, झारखंड जागरण, चमकता आईना, न्यू इस्पात मेल, संताल एक्सप्रेस, कौमी तंजीम, फारुकी तंजीम, जम्हूरियत टाइम्स, सियासी उफुक, जदीद भारत समेत कई अन्य हिन्दी और उर्दू अन्य समाचार पत्रों और वेबपोर्टल के लिए लंबे समय तक स्वतंत्र रूप से लेखन। पत्रकारिता की शुरुआत के बाद 2001 से झारखंड की राजधानी रांची कर्म स्थल। सामाजिक और राजनीतिक खबरों में विशेष रुचि। पत्रकारिता की हर विधा को सीखने की लगन और चाहत।

पुस्तक लेखन

झारखंड विधानसभा, रांची के सहयोग से बिहार-झारखंड के सांसदों की जीवनी से संबंधित दो पुस्तकों (संसदीय राजनीतिक कोश, भाग-1 और भाग-2)के लेखन में समन्वयक की भूमिका

स्पेशल कवरेज

2005 में झारखंड विधानसभा चुनाव, 2009, 2014, 2019 और 2024 के झारखंड विधानसभा और लोकसभा चुनावों की स्पेशल कवरेज।

2024 में बिहार लोकसभा चुनाव और 2025 विधानसभा चुनावों की स्पेशल कवरेज।... और पढ़ें

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