होमवकीलगुरुग्राम जिला अदालत में बम धमकी: न्यायिक कार्यवाही ठप, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट
वकील

गुरुग्राम जिला अदालत में बम धमकी: न्यायिक कार्यवाही ठप, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

गुरुग्राम जिला अदालत को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद न्यायिक कार्य पूरी तरह ठप कर दिया गया है। सुरक्षा एजेंसियां जांच में जुटी हुई हैं और अदालत परिसर को खाली करा दिया गया है। सभी अधिवक्ताओं और कर्मचारियों से अपनी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अदालत परिसर छोड़ने का अनुरोध किया गया है।

31 जुलाई 2026 को 05:32 am बजे
गुरुग्राम जिला अदालत में बम धमकी: न्यायिक कार्यवाही ठप, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

सौजन्य से:- Jagran

गुरुग्राम जिला अदालत को बम से उड़ाने की धमकी, कामकाज ठप; सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

गुरुग्राम जिला अदालत परिसर को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद शुक्रवार को न्यायिक कार्य पूरी तरह ठप कर दिया गया। धमकी भरा ईमेल जिला बार एसोसिएशन को ...और पढ़ें

HighLights

- गुरुग्राम जिला अदालत को बम से उड़ाने की धमकी मिली।

- धमकी के बाद शुक्रवार को न्यायिक कार्य पूरी तरह बंद।

- पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां जांच में जुटी, परिसर खाली कराया।

महावीर यादव, बादशाहपुर (गुरुग्राम)। जिला अदालत परिसर को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद शुक्रवार को जिला एवं सत्र न्यायालय का कामकाज पूरी तरह बंद कर दिया गया है।

जिला बार एसोसिएशन (डीबीए) की आधिकारिक ई-मेल आईडी पर धमकी भरा संदेश मिलने के बाद अदालत परिसर में सुरक्षा अलर्ट घोषित कर दिया गया। एहतियात के तौर पर अधिवक्ताओं, कर्मचारियों और वादकारियों से अदालत परिसर खाली करने की अपील की गई।

डीबीए की ओर से जारी नोटिस में कहा गया कि जिला अदालत परिसर को लेकर बम की धमकी मिलने के कारण शुक्रवार को जिला एवं सत्र न्यायालय में कोई न्यायिक कार्य नहीं होगा। सभी अधिवक्ताओं से अपनी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तुरंत अदालत परिसर छोड़कर घर लौटने का अनुरोध किया गया। साथ ही जिला एवं सत्र न्यायाधीश से शुक्रवार को सूचीबद्ध सभी मामलों की सुनवाई स्थगित कर अगली तारीख देने का आग्रह किया गया है।

धमकी की सूचना मिलते ही पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां मौके पर पहुंच गईं। पूरे न्यायालय परिसर की गहन तलाशी शुरू की गई और सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई। अदालत आने वाले लोगों की आवाजाही पर भी निगरानी रखी गई। सुरक्षा जांच पूरी होने तक किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए गए।

जिला बार एसोसिएशन के सचिव राहुल धनखड़ ने अपने सभी सदस्यों से प्रशासन का सहयोग करने और किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की है। पुलिस ई-मेल भेजने वाले की पहचान करने और धमकी की सत्यता का पता लगाने में जुटी हुई है।

खबरें और भी

सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई और न्यायालय के सामान्य संचालन को लेकर निर्णय लिया जाएगा।

Powered by Nyaya 247 News

संबंधित ख़बरें

इसी विषय की और ख़बरें →
सुप्रीम कोर्ट ने ‘वंदे मातरम’ के 6 पदों के गायन पर दंड के प्रश्न को जांचने का आश्वासन दिया
वकील

सुप्रीम कोर्ट ने ‘वंदे मातरम’ के 6 पदों के गायन पर दंड के प्रश्न को जांचने का आश्वासन दिया

सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के वेतन कटौती व अवमानना आदेश पर रोक लगाई, हिमाचल के बागवानी सचिव को मिली राहत
वकील

सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के वेतन कटौती व अवमानना आदेश पर रोक लगाई, हिमाचल के बागवानी सचिव को मिली राहत

सुप्रीम कोर्ट ने वैध कारणों से ‘वन्दे मातरम्’ न गाने पर दंड की जाँच को स्वीकृत किया, पर गीत के पदों की संख्या का फैसला संसद के अधिकार में रखा
वकील

सुप्रीम कोर्ट ने वैध कारणों से ‘वन्दे मातरम्’ न गाने पर दंड की जाँच को स्वीकृत किया, पर गीत के पदों की संख्या का फैसला संसद के अधिकार में रखा

सुप्रीम कोर्ट ने दवाओं की ऊँची कीमतों को ‘डकैती’ कहा, दवाओं पर मूल्य नियंत्रण की मांग
वकील

सुप्रीम कोर्ट ने दवाओं की ऊँची कीमतों को ‘डकैती’ कहा, दवाओं पर मूल्य नियंत्रण की मांग

दिल्ली के 33 लाख मतदाताओं को SIR नोटिस: सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से स्पष्टीकरण व फ़िल्टरिंग का निर्देश
वकील

दिल्ली के 33 लाख मतदाताओं को SIR नोटिस: सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से स्पष्टीकरण व फ़िल्टरिंग का निर्देश

लोक अदालत ने फरीदाबाद में सड़क दुर्घटना के मुआवजा क्लेम का निपटारा; बीमा कंपनी को 2.5 लाख रुपये देने का आदेश
वकील

लोक अदालत ने फरीदाबाद में सड़क दुर्घटना के मुआवजा क्लेम का निपटारा; बीमा कंपनी को 2.5 लाख रुपये देने का आदेश

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली SIR नोटिसों को ‘मशीन‑जनित’ कहा
वकील

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली SIR नोटिसों को ‘मशीन‑जनित’ कहा

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली के वोटर लिस्ट रिव्यू में ‘लॉजिकल डिस्क्रिपेन्सी’ नोटिस को यांत्रिक बताया
वकील

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली के वोटर लिस्ट रिव्यू में ‘लॉजिकल डिस्क्रिपेन्सी’ नोटिस को यांत्रिक बताया

ताज़ा ख़बरें