विदेशी फंडिंग के नए नियमों पर भारत-अमेरिका में बढ़ता तनाव
भारत का नया कानून विदेशी फंडिंग पर प्रतिबंध लगा रहा है, जिस पर अमेरिका तिलमिलाया हुआ है। यह कानून एनजीओ और धार्मिक संस्थाओं पर बड़ा असर डाल सकता है।

सौजन्य से:- Navbharat Times
FCRA Bill 2026 Explained: विदेशी फंडिंग पर भारत का नया कानून, अमेरिका क्यों तिलमिलाया ?
एक ऐसा कानून जो भारत में आने वाले विदेशी फंड के रूप में फॉरेन करेंसी का रास्ता तय करता है, अब उसी कानून को लेकर दिल्ली से चर्चों तक और संसद से लेकर अमेरिका तक हलचल मची हुई है। सवाल सिर्फ इतना नहीं है कि FCRA क्या है.. सवाल ये है कि अगर किसी NGO का FCRA लाइसेंस खत्म हो गया... तो विदेशी फंड से बना उसका स्कूल, अस्पताल, चैरिटी सेंटर या धार्मिक स्थल किसके नियंत्रण में जाएगा.. क्या सरकार विदेशी फंड से बनी संपत्तियों को अपने कब्जे में ले सकेगी.. क्या चर्च और धार्मिक संस्थाओं पर सच में संकट आने वाला है.. और सबसे बड़ा सवाल... अमेरिका को भारत के इस कानून से इतनी चिंता क्यों हो रही है.. क्योंकि अमेरिका के एक रिपब्लिकन सांसद ने तो यहां तक चेतावनी दे दी कि अगर भारत ने ये बदलाव आगे बढ़ाया, तो इसका असर भारत-अमेरिका संबंधों पर पड़ सकता है। लेकिन भारत ने भी साफ कर दिया है, भारत के कानून भारत की संसद तय करेगी। तो आखिर FCRA की इस पूरी लड़ाई के पीछे की कहानी क्या है.. आइए शुरू से समझते हैं...
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