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सुप्रीम कोर्ट से CBSE की नई 3-लैंग्वेज नीति पर तुरंत सुनवाई की अपील

सुप्रीम कोर्ट से CBSE की नौवीं कक्षा के लिए तीन-भाषा नीति को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर तुरंत सुनवाई की अपील की गई है। याचिकाकर्ताओं के अनुसार, CBSE की नई नीति को लागू करने के लिए पर्याप्त शिक्षक और किताबें नहीं हैं।

4 अगस्त 2026 को 11:15 am बजे
सुप्रीम कोर्ट से CBSE की नई 3-लैंग्वेज नीति पर तुरंत सुनवाई की अपील

सौजन्य से:- Jagran

'न टीचर हैं और न उतनी किताबें', सुप्रीम कोर्ट से CBSE की '3-लैंग्वेज पॉलिसी' पर तुरंत सुनवाई की अपील

सुप्रीम कोर्ट से CBSE की नौवीं कक्षा के लिए तीन-भाषा नीति को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर तुरंत सुनवाई की अपील की गई है। ...और पढ़ें

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट से मंगलवार को अपील की गई कि वह CBSE के उस नियम को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर तुरंत सुनवाई करे, जिसमें 9वीं क्लास के छात्रों के लिए तीन भाषाएं पढ़ना जरूरी किया गया है।

याचिकाकर्ताओं में से एक की ओर से पेश सीनियर वकील गोपाल शंकरनारायणन ने चीफ जस्टिस सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और वी. मोहना की बेंच से कहा कि याचिकाओं पर बुधवार या गुरुवार को सुनवाई की जाए, क्योंकि एकेडमिक सेशन पहले ही शुरू हो चुका है।

न टीचर हैं और न उतनी किताबें: वकील

वकील ने कहा कि CBSE की पॉलिसी को लागू करने के लिए न तो पर्याप्त शिक्षक हैं और न ही उतनी किताबें। याचिका प CJI ने कहा, 'हम देखेंगे।'

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने एजुकेशन बोर्ड की पॉलिसी को चुनौती देने वाली दो नई याचिकाओं पर केंद्र, NCERT और CBSE से जवाब मांगा था।

सीबीएसई की ओर से क्या कहा गया?

इसमें याचिकाओं को 29 जुलाई को सुनवाई के लिए लिस्ट किया था। केंद्र, CBSE और NCERT ने अपने अलग-अलग हलफनामों में नेशनल एजुकेशन पॉलिसी (NEP) 2020 के तीन-भाषा वाले फ्रेमवर्क को लागू करने का पुरजोर बचाव किया था और कहा था कि यह 'बहुभाषावाद और राष्ट्रीय एकता' को बढ़ावा देने के लिए जरूरी है।

उन्होंने देश भर के CBSE से जुड़े स्कूलों में अपनाई गई तीन-भाषा वाली पॉलिसी के खिलाफ दायर याचिकाओं को खारिज करने की मांग की थी।

इससे पहले की सुनवाई में, एक सीनियर वकील ने आरोप लगाया था कि CBSE गैर-कानूनी सर्कुलर लागू कर रहा है जो 'शिक्षा का अधिकार' एक्ट के खिलाफ हैं। उन्होंने कहा था, 'वे बिना किसी विकल्प के भाषाएं थोप रहे हैं।'

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इससे पहले, सुप्रीम कोर्ट ने एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी से कहा था कि वे इस फैसले को लागू करने के लिए CBSE की लॉजिस्टिकल तैयारियों पर रिपोर्ट सौंपें।

1 जुलाई से तीन भाषा नियम लागू है

याचिकाकर्ता यशिका भंडारी जैन और अन्य की ओर से पेश सीनियर वकील मुकुल रोहतगी ने कहा कि CBSE ने देश भर में एक सर्कुलर जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि छात्रों को अगले एकेडमिक सेशन से तीन भाषाएं पढ़नी होंगी।

CBSE के एक सर्कुलर के अनुसार, 1 जुलाई से क्लास 9 के छात्रों के लिए तीन भाषाओं की पढ़ाई अनिवार्य कर दी गई है, जिनमें कम से कम दो भारतीय भाषाएं शामिल होनी चाहिए।

15 मई को जारी सर्कुलर के अनुसार, जो छात्र विदेशी भाषा चुनना चाहते हैं, वे ऐसा तभी कर सकते हैं जब वे पहले दो भारतीय भाषाएं पढ़ चुके हों।

सर्कुलर में कहा गया है कि 1 जुलाई 2026 से क्लास 9 के लिए तीन भाषाओं (R1, R2, R3) की पढ़ाई अनिवार्य होगी, जिनमें से कम से कम दो भाषाएं भारतीय होनी चाहिए।'

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