सुप्रीम कोर्ट
अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा घोटाला: सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद जांच में तेजी
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद राम मंदिर चढ़ावा हेराफेरी मामले में एसआईटी जांच तेज हो गई है, जिसमें 200 से अधिक लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं और दस्तावेजों की जांच जारी है।

सौजन्य से:- aajtak.in
राम मंदिर चढ़ावा हेराफेरी मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद एसआईटी ने जांच तेज कर दी है. जांच एजेंसी ने आरोपियों के रिश्तेदारों समेत करीब 200 लोगों को नोटिस जारी किए हैं. दस्तावेजों की जांच और पूछताछ जारी है, जबकि मामले की गूंज संसद तक पहुंच चुकी है. जांच का दायरा अयोध्या के बाहर रहने वाले लोगों तक भी बढ़ाया गया है.
Powered by Nyaya 247 News
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट के आदेश का भोजशाला विवाद में पहला आंतरिक मूल्यांकन

सुप्रीम कोर्ट
सर्वोच्च न्यायालय में विशेष लोक अदालत: न्याय की घर-घर तक पहुंच सुनिश्चित करने का प्रयास

सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट में पेलेट गन का दावा: सर्जरी में निकले धातु के कण, अस्पताल ने रखा सुरक्षित

सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट के 48 मामलों में शुरू हुई मध्यस्थता की प्री-सिटिंग

सुप्रीम कोर्ट
सीजीएसटी अधिनियम: जब आपूर्तिकर्ता कर तो ही आईटीसी खरीदार को मिलेगी

सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने बताया कि रेस ज्यूडिकाटा किसमें लागू होता है, जानें फ़ैसला

सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश से जुड़ी मुख्य बातें: CJP प्रदर्शन की वज़ह और राहत की जानकारी

सुप्रीम कोर्ट
UP सरकार का बड़ा फैसला: नौकरी छोड़ने का डर, अब पुराने शिक्षकों का भविष्य सुरक्षित!
ताज़ा ख़बरें
- सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र, बोर्डों के लिए एपीएआर सहमति में संशोधन का निर्देश दिया
- सुप्रीम कोर्ट ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार कानून पर संयुक्त राष्ट्र आयोग की 60वीं वर्षगांठ के अवसर पर प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया
- सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से कहा है कि NEET पेपर लीक विवाद को सुलझाएं, त्रुटियों की श्रृंखला समाप्त करें
- एनडीपीएस अधिनियम के तहत व्यक्तिगत तलाशी: सुप्रीम कोर्ट का महत्वपूर्ण निर्णय
- सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस की गंभीरता को स्वीकार किया, आरोपी को पहले नोटिस जारी करना आवश्यक:
- सुप्रीम कोर्ट ने बताया तथ्यात्मक त्रुटियों को ठीक करने के लिए पुनरीक्षण क्षेताधिकार का उपयोग नहीं किया जा सकता
- अमेरिकी टैरिफ नीति: ट्रम्प प्रशासन ने सफलता का दावा किया और अदालत के झटके के बावजूद नई कानूनी रणनीति में जुट गया।
- 10 साल की सजा के साथ पेपर लीक पर शिकंजा कसने के लिए निर्धारित किया गया नया कानून लागू

