अंबाला की विशेष अदालत ने एनडीपीएस के तहत नितिन (उर्फ रजत) को सबूत की कमी पर बरी किया
अंबाला के थाने से जुड़े इस मामले में, पुलिस ने 21 नवंबर 2019 को गुप्त सूचना पर एक व्यक्ति को हिरासत में लिया और 5.48 ग्राम हेरोइन बरामद किया। आरोपी नितिन ने स्वयं को दोषी नहीं ठहराया, जबकि अभियोजन ने सह-आरोपी संजय कुमार के बयान के अलावा कोई ठोस साक्ष्य नहीं पेश किया, जिससे अदालत ने संदेह के लाभ पर उन्हें बरी कर दिया।

सौजन्य से:- Amar Ujala
{"_id":"6ac956d386ed84930209bec4","slug":"the-court-acquitted-the-accused-in-an-ndps-case-due-to-lack-of-evidence-ambala-news-c-36-1-amb1002-170944-2026-10-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ambala News: एनडीपीएस मामले में आरोपी को सबूत के अभाव में अदालत ने किया बरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ambala News: एनडीपीएस मामले में आरोपी को सबूत के अभाव में अदालत ने किया बरी
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला सिटी। अंबाला की एक विशेष अदालत ने एनडीपीएस अधिनियम के तहत दर्ज एक मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपी नितिन उर्फ रजत को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया है। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों को संदेह से परे साबित करने में पूरी तरह नाकाम रहा है।
यह पूरा मामला अंबाला छावनी के थाना अंबाला सदर से जुड़ा है। पुलिस के मुताबिक, 21 नवंबर 2019 को पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर संजय कुमार नामक शख्स को मानव चौक के पास से गिरफ्तार किया था और उसके कब्जे से 5.48 ग्राम हेरोइन बरामद की थी। इसके बाद पूछताछ के दौरान संजय कुमार ने पुलिस के सामने खुलासा किया था कि उसने यह हेरोइन नितिन उर्फ रजत से खरीदी थी।
इस खुलासे के आधार पर पुलिस ने सेंट्रल जेल अंबाला में बंद नितिन उर्फ रजत को इस मामले में नामजद किया और प्रोडक्शन वारंट के जरिए उसे पूछताछ के बाद गिरफ्तार दिखाया। इस मामले में मुख्य आरोपी संजय कुमार पहले ही अदालत में अपना जुर्म कबूल कर चुका था और उसे 9 जुलाई 2026 को सजा सुनाई जा चुकी है। सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि अभियोजन पक्ष द्वारा नितिन उर्फ रजत के खिलाफ केवल सह-आरोपी संजय कुमार के इकबालिया बयान के अलावा कोई ठोस सबूत पेश नहीं किया गया। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
अंबाला सिटी। अंबाला की एक विशेष अदालत ने एनडीपीएस अधिनियम के तहत दर्ज एक मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपी नितिन उर्फ रजत को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया है। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों को संदेह से परे साबित करने में पूरी तरह नाकाम रहा है।
यह पूरा मामला अंबाला छावनी के थाना अंबाला सदर से जुड़ा है। पुलिस के मुताबिक, 21 नवंबर 2019 को पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर संजय कुमार नामक शख्स को मानव चौक के पास से गिरफ्तार किया था और उसके कब्जे से 5.48 ग्राम हेरोइन बरामद की थी। इसके बाद पूछताछ के दौरान संजय कुमार ने पुलिस के सामने खुलासा किया था कि उसने यह हेरोइन नितिन उर्फ रजत से खरीदी थी।
विज्ञापन
इस खुलासे के आधार पर पुलिस ने सेंट्रल जेल अंबाला में बंद नितिन उर्फ रजत को इस मामले में नामजद किया और प्रोडक्शन वारंट के जरिए उसे पूछताछ के बाद गिरफ्तार दिखाया। इस मामले में मुख्य आरोपी संजय कुमार पहले ही अदालत में अपना जुर्म कबूल कर चुका था और उसे 9 जुलाई 2026 को सजा सुनाई जा चुकी है। सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि अभियोजन पक्ष द्वारा नितिन उर्फ रजत के खिलाफ केवल सह-आरोपी संजय कुमार के इकबालिया बयान के अलावा कोई ठोस सबूत पेश नहीं किया गया। संवाद
विज्ञापन
Powered by Nyaya 247 News
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
सुप्रीम कोर्ट ने लाइव स्ट्रीमिंग पर कोई रोक नहीं, क्लिप दुरुपयोग पर चेतावनी

दिल्ली पुलिस पर दवाब: लॉकडाउन जैसी प्रतिबंधों के बीच शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार की रक्षा करें

नवी पिल्लै को नोबेल शांति पुरस्कार के बाद अमेरिका ने आईसीसी पर प्रतिबंध लगाए

मोहाली में कांग्रेस के पंजाब प्रभारी सचिन पायलट ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर विरोध प्रदर्शन व कानून व्यवस्था को लेकर कड़ी टिका́टिप्पणी की

सितंबर 2026 के हाई कोर्ट फैसलों में IVF आयु सीमा, जूनियर वकीलों के वेतन, तलाक‑ए‑हसन और कई अन्य मुद्दे शामिल

रांची पोक्सो अदालत ने देवराज महतो को 20 साल कैद व 50,000 रुपये जुर्माना सजा

सचिन पायलट ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर तेज हमला

AIIMS प्रशासन पर कोर्ट के कड़े सवाल, फर्जी नौकरी स्कीम की जाँच में CCTV डेटा सुरक्षित
ताज़ा ख़बरें
- पंजाब के भ्रष्टाचार मामले में सुप्रीम कोर्ट जस्टिस ने खुद को अलग किया, गाैरव यादव को रेगुलर डीजीपी नियुक्त
- पश्चिमी दिल्ली के 2017 के गोलीबारी मामले में तिस हजारी कोर्ट ने तीन संदिग्धों को बरी किया
- गुरुग्राम जिला अदालत में वकीयों ने परवीन बूरा पर हुए हमले की सज़ा की मांग में हड़ताल कर न्यायिक कार्य रोक दिया
- मोहाली में सचिन पायलट ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर विपक्षी प्रदर्शनों और पंजाब की व्यवस्था को लेकर तीखी आलोचना की
- सचिन पायलट ने किया तीखा हमला: विपक्ष के प्रदर्शन व पंजाब की कानून व्यवस्था पर मुख्य चुनाव आयुक्त की आलोचना
- पूर्व सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश गोपाला गोवाडा ने SIR फैसले को अवैध और अँडेमोक्रेटिक घोषित कर पुनः विचार की माँग की
- सुप्रीम कोर्ट ने मेट्रो‑रेल पर व्यापक प्रतिबंध हटाने का आदेश, कहा ‘मक्खी मारने के लिए हथौड़ा नहीं’
- कानून लागू करने की गुणवत्ता कानूनी कार्य का एक मापदंड है।

