बारिश की बाधा नहीं: मेरठ के शास्त्रीनगर में सैटबैक प्रकरण के विरोध में जारी महिलाओं का धरना
मेरठ के शास्त्रीनगर में सैटबैक प्रकरण के विरोध में महिलाओं का धरना 83वें दिन भी जारी रहा, बारिश के बावजूद महिलाएं डटी रहीं। सुप्रीम कोर्ट में 14 जुलाई को सुनवाई प्रस्तावित है। प्रभावित लोगों की चिंता बढ़ रही है, वे न्याय के लिए लड़ाई जारी रखने का संकल्प लिए हुए हैं।

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar
- Hindi News
- Local
- Uttar pradesh
- Meerut
- Meerut Shastrinagar Setback Protest | Supreme Court Hearing July 14
83 वे दिन बारिश में भी महिलाओं का धरना जारी:मेरठ के शास्त्रीनगर में चल रहे सैटबैक प्रकरण की 14 जुलाई को है सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
- कॉपी लिंक
मेरठ के शास्त्रीनगर स्थित सेक्टर 2 और सेक्टर 4 में सेटबैक कार्रवाई के विरोध में चल रहा महिलाओं का धरना बुधवार को बारिश के बीच भी जारी रहा। तेज बारिश और टेंट में पानी भरने के बावजूद महिलाएं धरनास्थल से नहीं हटीं। रोजाना की तरह सुबह सुंदरकांड के 11 पाठ किए गए। इसके बाद भगवान को भोग लगाकर प्रसाद वितरित किया गया। मामले में 14 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई प्रस्तावित है। सुनवाई की तारीख नजदीक आने के साथ ही प्रभावित लोगों की चिंता भी बढ़ती जा रही है।
दोपहर में बारिश तेज होने पर धरनास्थल पर लगाया गया टेंट छोटा पड़ गया और उसमें से पानी टपकने लगा। इसके बावजूद महिलाएं छाता लेकर टेंट में डटी रहीं। तिरंगा चौक व्यापार संघ, के अध्यक्ष मनोज गर्ग ने बताया कि जिला और पुलिस प्रशासन से बारिश को देखते हुए बड़ा और वाटरप्रूफ टेंट लगाने की अनुमति देने का अनुरोध किया गया है। उन्होंने सभी व्यापारियों से बुधवार सुबह 11 बजे धरनास्थल पर पहुंचकर आंदोलन को समर्थन देने की अपील भी की।
आवास एवं विकास परिषद की ओर से शास्त्रीनगर स्कीम नंबर-7 के तहत 815 भवनों को नोटिस जारी किए गए हैं। नोटिस के बाद कई भवन स्वामी सेटबैक के लिए अपने मकानों के आगे के हिस्से स्वयं हटवा रहे हैं। इसका असर सेंट्रल मार्केट के कारोबार पर भी साफ दिखाई दे रहा है। बाजार में अधिकांश दुकानें बंद हो चुकी हैं। जो दुकानें अभी खुली हैं, वे स्टॉक क्लियरेंस और भारी छूट के पोस्टर लगाकर तथा ग्राहकों को संदेश भेजकर सामान बेचने का प्रयास कर रही हैं।
वहीं शास्त्रीनगर के गोल मंदिर के पास सेक्टर-3 और 4 के चौराहे पर भी महिलाओं का धरना लगातार जारी रहा है। महिलाओं का कहना है कि हम न्याय के लिए लंबे समय से लड़ाई लड़ रहे हैं और जब तक हमे अपने घर व्यापार बचाने की इस लड़ाई में न्याय नहीं मिलता है हमारा यह प्रदर्शन जारी रहेगा।
Powered by Nyaya 247 News
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
सड़क दुर्घटना में मारे गए व्यक्ति के परिवार को 31.43 लाख रुपये का मुआवजा

गर्भवती IPS अधिकारियों को प्रशिक्षण से रोकने वाले नियम पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामलों के लिए विशेष अदालत अगस्त में होगी

अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट: गुजरात हाईकोर्ट ने दी मुहर, दोषियों के परिवार सुप्रीम कोर्ट जाने की कर रहे तैयारी

फ्रांस के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार मरीन ले पेन को गबन का दोषी पाया गया, इलेक्ट्रॉनिक निगरानी का आदेश

विकास कार्य समय पर पूरे करें, कानून-व्यवस्था से समझौता नहीं होगा

कर्नाटक उच्च न्यायालय ने जमीन हड़पने के मामले में सरकारी अधिकारियों के खिलाफ जांच रद्द करने से इनकार किया

सुप्रीम कोर्ट जेपी अग्रवाल और सुदीप्ति हजेला की ड्रेसेज टीम के गैर-चयन को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करेगा।
ताज़ा ख़बरें
- उत्तराखंड हाईकोर्ट ने तदर्थ शिक्षकों को 1990 से नियमितीकरण दिया, वरिष्ठता का लाभ भी मिलेगा
- प्रभारी मंत्री का निर्देश: समय पर पूरे हों विकास कार्य, कानून-व्यवस्था में लापरवाही न बरतें
- सुप्रीम कोर्ट में नए नियम: जज करेंगे कार पूलिंग, स्टाफ को मिलेगा वर्क फ्रॉम होम
- सुप्रीम कोर्ट का डीएमके को झटका, करूर भगदड़ पर मुख्यमंत्री के बयान पर रोक लगाने से मना
- सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद डीएमके ने वापस ली याचिका
- कांवड़ यात्रा: पुलिस-प्रशासन से शांतिपूर्ण कानून व्यवस्था की अपील
- फ्रांसीसी अदालत से मरीन ले पेन को बड़ी राहत, लेकिन स्वतंत्रता पर शर्तें
- महिलाओं के अधिकारों के लिए कोर्ट ने दिलाई बड़ी राहत, जब्त शादी से भागी लड़की को मिली सुरक्षा

