स्थायी लोक अदालत के आदेश से मिली राहत, टैंकर के साथ घर पहुंच गया पानी
झुंझुनूं के सुशील कुमार शर्मा को दो साल से पानी की संकट झेलना पड़ रहा था, जिसके बाद स्थायी लोक अदालत ने जलदाय विभाग को निर्देश दिए और जुर्माने की शर्त लगाई।

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar
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- The Lok Adalat Imposed A Fine Of Rs 500 Per Day, And The Tanker Arrived.
लोक अदालत ने लगाई रोज 500 रु. जुर्माने की शर्त तो पहुंचा टैंकर
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भास्कर संवाददाता| झुंझुनूं
दो साल से पेयजल संकट झेल रहे एक उपभोक्ता को स्थायी लोक अदालत (जिला विधिक सेवा प्राधिकरण) के हस्तक्षेप से राहत मिली है। अदालत ने जलदाय विभाग को नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए और चेतावनी दी कि पालना नहीं होने पर विभाग को प्रतिदिन 500 रुपए जुर्माना देना होगा। इसके बाद विभाग ने उपभोक्ता के घर पानी का टैंकर भेज दिया।
बगड़ के वार्ड-6, पटवारी कॉलेज के सामने रहने वाले सुशील कुमार शर्मा ने 6 मार्च 2026 को स्थायी लोक अदालत में परिवाद दायर किया था। उन्होंने बताया कि नियमित जल कनेक्शन होने और समय पर बिल जमा कराने के बावजूद पिछले दो वर्षों से उनके घर पर्याप्त पानी की आपूर्ति नहीं हो रही। जलदाय विभाग के अधिकारियों को कई बार लिखित शिकायतें भी दीं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष सुनील पंचौली और सदस्य लालचंद रैगर ने जलदाय विभाग को नियमित जलापूर्ति के निर्देश दिए। फैसला अहम क्यों : अधिवक्ता विक्रम सिंह रोहिला ने बताया कि यह आदेश उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण है, जिन्हें पानी, बिजली जैसी आवश्यक सेवाएं समय पर नहीं मिल रही हैं। ऐसे मामलों में आम नागरिक स्थायी लोक अदालत के माध्यम से त्वरित राहत प्राप्त कर सकते हैं। अदालत के आदेश के तुरंत बाद विभाग ने पानी उपलब्ध कराया।
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