होमवकीलदुबई से हस्ताक्षर, अयोध्या में समझौता: 47 साल पुराना विवाद भी खत्म, एससी ने कैसे किया मामलों का निपटारा?
वकील

दुबई से हस्ताक्षर, अयोध्या में समझौता: 47 साल पुराना विवाद भी खत्म, एससी ने कैसे किया मामलों का निपटारा?

{"_id":"6a8ede4812a5177b560ffa8a","slug":"supreme-court-special-lok-adalat-1978-trade-dispute-47-year-tenancy-row-resolved-2026-08-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"दुबई से हस्ताक्षर, अयोध्या में समझौता:…

26 अगस्त 2026 को 01:22 pm बजे
दुबई से हस्ताक्षर, अयोध्या में समझौता: 47 साल पुराना विवाद भी खत्म, एससी ने कैसे किया मामलों का निपटारा?

सौजन्य से:- Amar Ujala

{"_id":"6a8ede4812a5177b560ffa8a","slug":"supreme-court-special-lok-adalat-1978-trade-dispute-47-year-tenancy-row-resolved-2026-08-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"दुबई से हस्ताक्षर, अयोध्या में समझौता: 47 साल पुराना विवाद भी खत्म, एससी ने कैसे किया मामलों का निपटारा?","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}

दुबई से हस्ताक्षर, अयोध्या में समझौता: 47 साल पुराना विवाद भी खत्म, एससी ने कैसे किया मामलों का निपटारा?

Wed, 26 Aug 2026 06:11 PM IST

राकेश कुमार

पीटीआई, नई दिल्ली।

पीटीआई, नई दिल्ली।

Published by: राकेश कुमार

Updated Wed, 26 Aug 2026 06:11 PM IST

सार

दशकों से अदालतों में चल रहे विवाद आखिरकार बातचीत और सहमति से खत्म हुए। सुप्रीम कोर्ट की विशेष लोक अदालत ने दिखाया कि लंबे मुकदमों का रास्ता सिर्फ फैसले से नहीं, आपसी समाधान से भी निकल सकता है।

विज्ञापन

खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें

या

वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें

अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो

विस्तार

साल 1978 से चल रहा कारोबारी विवाद, 47 साल पुरानी किरायेदारी की लड़ाई और अयोध्या की जमीन का दशकों पुराना मामला। सुप्रीम कोर्ट में आयोजित विशेष लोक अदालत में इन विवादों का अंत हो गया। तीन दिन चली इस विशेष लोक अदालत में कई पुराने मामलों में आपसी सहमति से समाधान निकाला गया। सुप्रीम कोर्ट के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, शीर्ष अदालत में 96 हजार से अधिक मामले लंबित हैं। इनमें 10 हजार से ज्यादा मामले ऐसे हैं, जो दस साल से अधिक समय से निपटारे का इंतजार कर रहे हैं।

तीन दिन में 1712 मामलों का निपटारा

21 से 23 अगस्त तक आयोजित विशेष लोक अदालत समाधान समारोह 2026 में 1712 मामलों का निपटारा हुआ। 48 मामलों में मध्यस्थता के जरिए समझौता कराया गया। सूचीबद्ध 3285 मामलों में 1664 मामले लोक अदालत के दौरान निपटाए गए या उनमें समझौता हुआ। इस दौरान 240.94 करोड़ रुपये की राशि का वितरण किया गया।

1978 का कारोबारी विवाद सुलझा

सऊदी अरब की अल मुस्तनीर एस्टैब्लिशमेंट फॉर ट्रेड और सिंडिकेट बैंक (जो अब केनरा बैंक का हिस्सा है) के बीच 1978 का विवाद था। मामला 2,000 मीट्रिक टन एमएस राउंड बार की आपूर्ति से जुड़ा था। सौदे की कीमत करीब 6.8 लाख अमेरिकी डॉलर थी। दिल्ली हाईकोर्ट से होता हुआ मामला 2017 में सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। जुलाई में मध्यस्थता के बाद दोनों पक्षों में सहमति बनी और तय राशि के भुगतान के साथ विवाद खत्म हो गया।

विज्ञापन

यह भी पढ़ें: महाराष्ट्र: प्रेमी ने प्रेमिका को पास कराने के लिए लीक किया था पेपर, ब्रेकअप के बाद खुद ही कर दी शिकायत

दुबई से भेजा हस्ताक्षरित समझौता

अयोध्या की कृषि भूमि के विवाद में दुबई में रह रहे मोहम्मद तौसीफ भारत नहीं आ सके। उन्होंने दुबई में हिंदी समझौता पत्र छापा, उस पर हस्ताक्षर किए और उसकी स्कैन प्रति व्हाट्सऐप से अपने कानूनी प्रतिनिधियों को भेज दी। समझौते में अपीलकर्ताओं को उत्तरी हिस्से में 53 फीसदी और प्रतिवादियों को दक्षिणी हिस्से में 47 फीसदी हिस्सा मिला। पश्चिमी रास्ते का दोनों पक्ष मिलकर इस्तेमाल करेंगे।

47 साल पुरानी किरायेदारी की लड़ाई खत्म

जयपुर की एक दुकान का विवाद 1952 की किरायेदारी से जुड़ा था। मकान मालिक ने 1979 में बेदखली की कार्रवाई शुरू की। मामला 2017 में सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। वर्ष 2003 में दुकान बेचने पर सहमति और कुछ भुगतान के बावजूद मुकदमा चलता रहा। आखिरकार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर की मदद से तय राशि पर दुकान बेचने का समझौता हो गया।

विज्ञापन

तीन दिन में 1712 मामलों का निपटारा

21 से 23 अगस्त तक आयोजित विशेष लोक अदालत समाधान समारोह 2026 में 1712 मामलों का निपटारा हुआ। 48 मामलों में मध्यस्थता के जरिए समझौता कराया गया। सूचीबद्ध 3285 मामलों में 1664 मामले लोक अदालत के दौरान निपटाए गए या उनमें समझौता हुआ। इस दौरान 240.94 करोड़ रुपये की राशि का वितरण किया गया।

विज्ञापन

- विवादों के समाधान के लिए 21 अप्रैल से पहले से प्रक्रिया शुरू की गई थी।

- समझौते की संभावना वाले लंबित मामलों को अलग से चिह्नित किया गया।

- पक्षकारों और उनके वकीलों से पहले ही संपर्क कर सहमति की संभावना तलाशी गई।

- लोक अदालत में वैवाहिक, संपत्ति और मोटर दुर्घटना मुआवजा मामले भी रखे गए।

- कर, सेवा और श्रम विवादों को भी आपसी सहमति से सुलझाने का प्रयास हुआ।

1978 का कारोबारी विवाद सुलझा

सऊदी अरब की अल मुस्तनीर एस्टैब्लिशमेंट फॉर ट्रेड और सिंडिकेट बैंक (जो अब केनरा बैंक का हिस्सा है) के बीच 1978 का विवाद था। मामला 2,000 मीट्रिक टन एमएस राउंड बार की आपूर्ति से जुड़ा था। सौदे की कीमत करीब 6.8 लाख अमेरिकी डॉलर थी। दिल्ली हाईकोर्ट से होता हुआ मामला 2017 में सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। जुलाई में मध्यस्थता के बाद दोनों पक्षों में सहमति बनी और तय राशि के भुगतान के साथ विवाद खत्म हो गया।

विज्ञापन

यह भी पढ़ें: महाराष्ट्र: प्रेमी ने प्रेमिका को पास कराने के लिए लीक किया था पेपर, ब्रेकअप के बाद खुद ही कर दी शिकायत

दुबई से भेजा हस्ताक्षरित समझौता

अयोध्या की कृषि भूमि के विवाद में दुबई में रह रहे मोहम्मद तौसीफ भारत नहीं आ सके। उन्होंने दुबई में हिंदी समझौता पत्र छापा, उस पर हस्ताक्षर किए और उसकी स्कैन प्रति व्हाट्सऐप से अपने कानूनी प्रतिनिधियों को भेज दी। समझौते में अपीलकर्ताओं को उत्तरी हिस्से में 53 फीसदी और प्रतिवादियों को दक्षिणी हिस्से में 47 फीसदी हिस्सा मिला। पश्चिमी रास्ते का दोनों पक्ष मिलकर इस्तेमाल करेंगे।

47 साल पुरानी किरायेदारी की लड़ाई खत्म

जयपुर की एक दुकान का विवाद 1952 की किरायेदारी से जुड़ा था। मकान मालिक ने 1979 में बेदखली की कार्रवाई शुरू की। मामला 2017 में सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। वर्ष 2003 में दुकान बेचने पर सहमति और कुछ भुगतान के बावजूद मुकदमा चलता रहा। आखिरकार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर की मदद से तय राशि पर दुकान बेचने का समझौता हो गया।

Powered by Nyaya 247 News

संबंधित ख़बरें

इसी विषय की और ख़बरें →
सुप्रीम कोर्ट ने ‘वंदे मातरम’ के 6 पदों के गायन पर दंड के प्रश्न को जांचने का आश्वासन दिया
वकील

सुप्रीम कोर्ट ने ‘वंदे मातरम’ के 6 पदों के गायन पर दंड के प्रश्न को जांचने का आश्वासन दिया

सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के वेतन कटौती व अवमानना आदेश पर रोक लगाई, हिमाचल के बागवानी सचिव को मिली राहत
वकील

सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के वेतन कटौती व अवमानना आदेश पर रोक लगाई, हिमाचल के बागवानी सचिव को मिली राहत

सुप्रीम कोर्ट ने वैध कारणों से ‘वन्दे मातरम्’ न गाने पर दंड की जाँच को स्वीकृत किया, पर गीत के पदों की संख्या का फैसला संसद के अधिकार में रखा
वकील

सुप्रीम कोर्ट ने वैध कारणों से ‘वन्दे मातरम्’ न गाने पर दंड की जाँच को स्वीकृत किया, पर गीत के पदों की संख्या का फैसला संसद के अधिकार में रखा

सुप्रीम कोर्ट ने दवाओं की ऊँची कीमतों को ‘डकैती’ कहा, दवाओं पर मूल्य नियंत्रण की मांग
वकील

सुप्रीम कोर्ट ने दवाओं की ऊँची कीमतों को ‘डकैती’ कहा, दवाओं पर मूल्य नियंत्रण की मांग

दिल्ली के 33 लाख मतदाताओं को SIR नोटिस: सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से स्पष्टीकरण व फ़िल्टरिंग का निर्देश
वकील

दिल्ली के 33 लाख मतदाताओं को SIR नोटिस: सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से स्पष्टीकरण व फ़िल्टरिंग का निर्देश

लोक अदालत ने फरीदाबाद में सड़क दुर्घटना के मुआवजा क्लेम का निपटारा; बीमा कंपनी को 2.5 लाख रुपये देने का आदेश
वकील

लोक अदालत ने फरीदाबाद में सड़क दुर्घटना के मुआवजा क्लेम का निपटारा; बीमा कंपनी को 2.5 लाख रुपये देने का आदेश

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली SIR नोटिसों को ‘मशीन‑जनित’ कहा
वकील

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली SIR नोटिसों को ‘मशीन‑जनित’ कहा

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली के वोटर लिस्ट रिव्यू में ‘लॉजिकल डिस्क्रिपेन्सी’ नोटिस को यांत्रिक बताया
वकील

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली के वोटर लिस्ट रिव्यू में ‘लॉजिकल डिस्क्रिपेन्सी’ नोटिस को यांत्रिक बताया

ताज़ा ख़बरें