होममुकदमेभोपाल में आवासीय क्षेत्रों में 62,500 व्यवसायों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में निर्णायक सुनवाई
मुकदमे

भोपाल में आवासीय क्षेत्रों में 62,500 व्यवसायों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में निर्णायक सुनवाई

आज सुप्रीम कोर्ट में भोपाल के आवासीय इलाकों में चल रहे 62,500 व्यापारियों के मामलों की सुनवाई होगी, जहाँ नगर निगम ने अब तक की एक्शन‑टेकन रिपोर्ट पेश की है और सीलिंग को झूठा साबित करने के दस्तावेज़ प्रस्तुत करेगा। निवासियों ने शोर, भीड़ और सुरक्षा‑संबंधी समस्याओं के कारण इन व्यवसायों को बंद करने की मांग की है, जबकि व्यापारियों ने विरोध में सड़क पर उतरकर कार्रवाई को रोक दिया था। इस मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर को निर्धारित है।

15 सितंबर 2026 को 12:04 am बजे
भोपाल में आवासीय क्षेत्रों में 62,500 व्यवसायों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में निर्णायक सुनवाई

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar

- Hindi News

- Local

- Mp

- Bhopal

- Bhopal Residential Area Business Case | Supreme Court Hearing Update

रहवासी इलाकों में कारोबार-सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज:62,500 प्रतिष्ठानों को लेकर फैसला संभव; निगम जमा कर चुका हलफनामा

- कॉपी लिंक

भोपाल के रहवासी इलाकों में कारोबार के मामले में मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई होगी। इसमें कुल 62 हजार 500 प्रतिष्ठानों को लेकर फैसला दिया जा सकता है।

नगर निगम अब तक की अपनी एक्शन टेकन रिपोर्ट पेश कर चुका है। वहीं, रहवासी सीलिंग की कार्रवाई को झूठी बताते हुए रिकॉर्ड पेश करेंगे।

बता दें कि 5 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद नगर निगम ने पूरे शहर में ऐसे प्रतिष्ठानों को नोटिस दिए थे, जो आवासीय क्षेत्र में चल रहे थे।

करीब 15 दिन तक नोटिस देने का दौर चला। इस दौरान लिस्टेड 62 हजार 500 में से 8084 प्रतिष्ठानों को नोटिस दिए गए थे। फिर 3 दिन तक 190 प्रतिष्ठान बंद किए थे।

व्यापारी सड़क पर उतरे तो कार्रवाई रोकी

निगम की सीलिंग और नोटिस देने के विरोध में जब व्यापारी सड़क पर उतरे तो कार्रवाई रोक दी गई थी। पिछले 15 दिन से कार्रवाई नहीं हुई।

दूसरी ओर, रहवासी निगम के जिम्मेदारों पर पक्षपात का आरोप लगा रहे हैं। याचिकाकर्ता विवेक त्रिपाठी ने कहा कि निगम की एक्शन टेकन रिपोर्ट पर आपत्ति की है।

हमने सुप्रीम कोर्ट में अपने दस्तावेज पेश किए हैं। जिसमें बताया गया कि निगम ने झूठी कार्रवाई की। जिन प्रतिष्ठानों को सील किया गया, वे फिर से खुल गए।

यह है मामला- सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश

भोपाल में आवासीय भवनों के व्यावसायिक उपयोग और अवैध निर्माण के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अगस्त के पहले सप्ताह में सुनवाई की थी। सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश सरकार को बड़ा झटका देते हुए राज्य सरकार द्वारा गठित 10 सदस्यीय जांच समिति की कार्रवाई पर रोक लगा दी थी।

साथ ही इस मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट से दुकान संचालकों को मिले सभी राहत आदेश (स्टे ऑर्डर) निरस्त कर दिए थे। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि उसके निर्देश पर चल रही जांच में किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप स्वीकार नहीं किया जाएगा। मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर को होगी।

इस दौरान नगर निगम को कार्रवाई की रिपोर्ट पेश करना है। इसके चलते ही नोटिस और सीलिंग की कार्रवाई की गई। अब तक हुई कार्रवाई की रिपोर्ट भी कोर्ट में पेश की जा चुकी है।

रहवासियों की यह मांग

- रहवासी इलाकों में कमर्शियल गतिविधियां गलत है। इन्हें बंद किया जाए।

- कमर्शियल गतिविधि होने से आवासीय क्षेत्र में व्यवधान जैसे- शोर, भीड़ और सार्वजनिक शांति भंग जैसी स्थितियां बन रही हैं।

- असामाजिक तत्वों की गतिविधियां भी बढ़ रही हैं। इस वजह से सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

- स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता हो रही है। बढ़ते ट्रैफिक की वजह से हादसों का खतरा बना रहता है।

ये खबर भी पढ़ें…

एक ही बिल्डिंग- जहां पोस्टर लगा, वहीं पर दुकान खुली

ये तीनों ही तस्वीर भोपाल के पॉश इलाके अरेरा कॉलोनी की है। रहवासी इलाकों में कमर्शियल एक्टिविटी का मामला सबसे पहले यहीं से सामने आया था। रहवासी सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचे। फिर नगर निगम ने पहले नोटिस, बाद में सीलिंग की कार्रवाई शुरू की। दावा है कि 190 प्रतिष्ठानों को स्वैच्छा से बंद कर दिया गया।पूरी खबर पढ़ें

- महाकाल में गणपति बप्पा को 5.51 लाख मोदक का भोग: खजराना में 7 करोड़ के आभूषणों से श्रृंगार; MP के मंदिरों में उमड़ी भीड़

- भाजपा सांसद हिमाद्री सिंह का नरेंद्र मरावी से तलाक: 9 साल बाद दोनों की सहमति से डिवोर्स; 2021 से अलग रह रहे थे

- MP के 7 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट: सेंधवा में नदी में बहे दंपती, 42 जिलों में गिरा पानी, कुंडालिया डैम के गेट खोले

- भोपाल मास्टर प्लान पर 'सरकार' की हां तो लागू कब?: एक्सपर्ट बोले- 6 महीने लगेंगे; मिक्स्ड लैंड यूज में डायवर्सन के लिए चुकानी होगी कीमत

Powered by Nyaya 247 News

संबंधित ख़बरें

इसी विषय की और ख़बरें →
भोपाल के दो बड़े केसों की आज की सुनवाई: 62,500 व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर सर्वोच्च न्यायालय, तथा तालाब‑डैम की सीमाओं पर एनजीटी
मुकदमे

भोपाल के दो बड़े केसों की आज की सुनवाई: 62,500 व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर सर्वोच्च न्यायालय, तथा तालाब‑डैम की सीमाओं पर एनजीटी

पर्यावरणीय संवेदनशील ज़ोन: नोटिफ़िकेशन हुआ, पर योजना‑प्रबंधन अनुपस्थित
मुकदमे

पर्यावरणीय संवेदनशील ज़ोन: नोटिफ़िकेशन हुआ, पर योजना‑प्रबंधन अनुपस्थित

रॉयल कॉलेज पर बीकॉम प्रवेश में धोखाधड़ी का आरोप, अदालत ने प्रार्थनापत्र को परिवाद के रूप में दर्ज किया
मुकदमे

रॉयल कॉलेज पर बीकॉम प्रवेश में धोखाधड़ी का आरोप, अदालत ने प्रार्थनापत्र को परिवाद के रूप में दर्ज किया

सुप्रीम कोर्ट ने डीपफ़ेक कंटेंट पर कड़ी कार्रवाई की, गुजरात हाई कोर्ट ने केंद्र की एआई सामग्री याचिका को स्थगित किया
मुकदमे

सुप्रीम कोर्ट ने डीपफ़ेक कंटेंट पर कड़ी कार्रवाई की, गुजरात हाई कोर्ट ने केंद्र की एआई सामग्री याचिका को स्थगित किया

अभी कार्रवाई करें: हाथी मधुरी को फिर से वैन्तरा अभयारण्य में भेजने की आवश्यकता
मुकदमे

अभी कार्रवाई करें: हाथी मधुरी को फिर से वैन्तरा अभयारण्य में भेजने की आवश्यकता

सुप्रीम कोर्ट ने फ्रंट‑ऑफ़‑पैक लेबलिंग के चरणबद्ध कार्यान्वयन की समय‑सीमा माँगी
मुकदमे

सुप्रीम कोर्ट ने फ्रंट‑ऑफ़‑पैक लेबलिंग के चरणबद्ध कार्यान्वयन की समय‑सीमा माँगी

पूर्व टीहल्का प्रमुख तेज़पाल ने गोवा में शपथ ली, 10‑वर्ष कैद सजा सुनवाई से पहले
मुकदमे

पूर्व टीहल्का प्रमुख तेज़पाल ने गोवा में शपथ ली, 10‑वर्ष कैद सजा सुनवाई से पहले

कैलकत्ता उच्च न्यायालय से बाहरी लोगों के विश्वविद्यालय परिसरों में प्रवेश पर प्रतिबंध की माँग
मुकदमे

कैलकत्ता उच्च न्यायालय से बाहरी लोगों के विश्वविद्यालय परिसरों में प्रवेश पर प्रतिबंध की माँग

ताज़ा ख़बरें