बिहार में शांति की ओर: नालंदा में 21 अगस्त से सुप्रीम कोर्ट के पेंडिंग केस आपसी सुलह से निपटाए जाएंगे
नालंदा में 21-23 अगस्त 2026 को सुप्रीम कोर्ट में लंबित सुलहनीय मामलों के निपटारे के लिए 'विशेष लोक अदालत समाधान समारोह' आयोजित होगा। लंबित मामलों के पक्षकार आपसी सुलह के आधार पर अपने विवादों का निपटारा कर सकते हैं। जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 31 जुलाई है।

सौजन्य से:- Jagran
आपसी सुलह से खत्म होंगे सुप्रीम कोर्ट के पेंडिंग केस, नालंदा में 21 अगस्त से 'विशेष लोक अदालत'
सुप्रीम कोर्ट में लंबित सुलहनीय मामलों के निपटारे के लिए नालंदा में 21-23 अगस्त 2026 को 'विशेष लोक अदालत समाधान समारोह' आयोजित होगा। ...और पढ़ें
HighLights
सुप्रीम कोर्ट के लंबित मामलों के निपटारे हेतु विशेष लोक अदालत।
नालंदा में 21 से 23 अगस्त 2026 तक होगा आयोजन।
आवेदन की अंतिम तिथि 31 जुलाई, गूगल फॉर्म से करें।
जागरण संवाददाता, बिहारशरीफ। 'पैन इंडिया' के तहत जिले में सुप्रीम कोर्ट में लंबित सुलहनीय मामलों के निपटारे के लिए 'विशेष लोक अदालत समाधान समारोह' का आयोजन किया जाएगा। नई दिल्ली स्थित सुप्रीम कोर्ट के तत्वावधान में 21, 22 और 23 अगस्त 2026 को इसका आयोजन होगा।
विभिन्न राज्यों से सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामलों के पक्षकारों के लिए आपसी सुलह के आधार पर अपना विवाद खत्म करने का यह एक सुनहरा अवसर है।
ऐसे पक्षकार अपने मुकदमों के निपटारे के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) के माध्यम से गूगल फॉर्म भरकर आवेदन कर सकते हैं, जिसकी अंतिम तिथि बढ़ाकर अब 31 जुलाई कर दी गई है।
डीएलएसए के सचिव सह सब-जज राजेश कुमार गौरव ने बताया कि नालंदा जिले के अंतर्गत ऐसे कुल 23 वादों (मामलों) की सूची भेजी गई है, जिसमें पक्षकार अन्य जिलों से भी संबंधित हैं।
सभी पक्षकारों को जिला प्राधिकार द्वारा नोटिस के माध्यम से सूचना भेज दी गई है, ताकि वे उपस्थित होकर अपनी बात रख सकें और उभय पक्षों (दोनों पक्षों) के बीच सुलह-वार्ता की प्रक्रिया आगे बढ़ सके।
इसी क्रम में अब तक कुल 53 पक्षकार जिला विधिक सेवा प्राधिकार के समक्ष उपस्थित होकर अपनी बात रख चुके हैं।
प्राधिकार प्रतिदिन इस समारोह की सफलता के लिए काम कर रहा है, ताकि अधिक से अधिक वादों का निपटारा हो सके। दोनों पक्षों को जोड़ने का भी हरसंभव प्रयास किया जा रहा है, ताकि सुलह-समझौते में पूरी सफलता मिले।
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इसका मतलब क्या है
विशेष लोक अदालत का आयोजन सुप्रीम कोर्ट के पेंडिंग केसों को आपसी सुलह के माध्यम से निपटाने का एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल मामलों का निपटारा तेजी से होगा, बल्कि यह लोगों को न्याय प्राप्त करने का एक सुगम तरीका भी प्रदान करेगा। यह आयोजन न्यायिक प्रणाली को अधिक पारदर्शी और有效 बनाने में मदद करेगा, जिससे लोगों का न्यायपालिका में विश्वास बढ़ेगा।
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