भीलवाड़ा में शुरू हुई तीसरी राष्ट्रीय लोक अदालत: 21 बेंचों पर राजीनामे से मामलों का निपटारा
राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के आदेशानुसार भीलवाड़ा में इस वर्ष की तीसरी राष्ट्रीय लोक अदालत शुरू हुई है, जिसमें 21 बैचों का गठन किया गया है। सिविल, फौजदारी और राजस्व मामलों को आपसी समझौते के आधार पर निपटाया जा रहा है, जहाँ मूल राशि में कमी और ब्याज माफ़ किया जा रहा है। बड़ी संख्या में पीड़ित और पक्षकार कोर्ट में उपस्थित हैं और केवल स्वैच्छिक सहमति से ही आदेश जारी किया जा रहा है।

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar
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भीलवाड़ा में राष्ट्रीय लोक अदालत शुरू:21 बेंचों पर मामलों का राजीनामे से निस्तारण; पीड़ित और पक्षकार कोर्ट पहुंचे
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राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर के आदेशानुसार भीलवाड़ा में साल की तीसरी राष्ट्रीय लोक अदालत शुरू हो चुकी है। भीलवाडा जिले में राजीनामें के लिए चिन्हित प्रकरणों के लिए 21 बैचों का गठन किया गया हैं। जिसमें न्यायिक अधिकारी एंव राजस्व अधिकारी औ
लोक अदालत पहुंचने लगे पीड़ित और पक्षकार
राष्ट्रीय लोक अदालत में कोर्ट के सिविल, फौजदारी प्रकरणों के अलावा राजस्व मामलों को भी राजीनामें के माध्यम से प्रकरणों को निस्तारण किया जाएगा। लोक अदालत को लेकर पक्षकारों को में उत्साह का माहौल है। बड़ी संख्या में पीड़ित और पक्षकार अपने मामलों को लेकर कोर्ट पहुंच रहे हैं।
ब्याज माफ और मूल राशि में भी कमी
प्राधिकरण की सचिव रश्मि आर्य ने बताया- राष्ट्रीय लोक अदालत में राजीनामा योग्य सभी प्रकृति के मुकदमों को आपसी समझाइश के माध्यम से निस्तारण किया जा रहा है। इस लोक अदालत में मुकदमा पूर्व में रखी गई बैंक, बिजली और अन्य संस्था के मामलों में मूल राशि से भी कम व ब्याज माफ कर मामलो का हाथों हाथ फैसला किया जा रहा है।
कोई भी फैंसला थोपा नहीं जाता
राष्ट्रीय लोक अदालत में दोनों पक्षों को साथ-साथ बैठाकर आपसी बातचीत और राजीनामें के आधार पर विवाद को निस्तारण का प्रयास किया जाता है। राष्ट्रीय लोक अदालत का माहौल न्यायालय जैसा नहीं होकर अनौपचारिक व बहुत ही सहज होता है। लोक अदालत के समक्ष दोनों पक्ष अपनी बात खुलकर कह सकते है। राजीनामा किसी भी पर थोपा नहीं जाता है बल्कि दोनों पक्षों की स्वेच्छिक सहमति होने पर ही आदेश पारित किया जाता है।
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