निरीक्षण कर अधिकारियों ने जेल में बंदियों की सुविधा को दी अहम जानकारी
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव मुकेश परनामी ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय ने बंदियों के अधिकारों की सुरक्षा, समान व्यवहार और बुनियादी सुविधाओं की नियमित निगरानी पर जोर दिया है। अधिकारियों ने जेल में बंदियों से उनके मुकदमे और सुविधाओं की जानकारी ली और उनके साथ भेदभाव नहीं होने की जानकारी ली।

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar
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सुप्रीम कोर्ट के आदेश की पालना में न्यायिक व प्रशासनिक अधिकारियों ने जेल पहुंचकर सुरक्षा
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भास्कर न्यूज | बूंदी
राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश और सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर अधिकारियों ने जिला कारागृह का निरीक्षण किया। इसमें मुख्य प्रहरी जितेंद्र नागर भी शामिल रहे।
अधिकारियों ने जेल में बैरक, रसोईघर, अस्पताल, पेयजल और स्वच्छता सहित अन्य व्यवस्थाएं जांचीं। उन्होंने बंदियों से बात कर उनके मुकदमों की जानकारी ली। साथ ही पूछा कि जेल में काम के दौरान धर्म, जाति या सामाजिक आधार पर किसी तरह का कोई भेदभाव तो नहीं किया जा रहा है। निरीक्षण में जिला सेशन न्यायाधीश संदीप कुमार शर्मा, विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव मुकेश परनामी, कलेक्टर हरफूलसिंह यादव, एसपी अवनीश कुमार शर्मा, सीएमएचओ डॉ. ओपी सामर, पीडब्ल्यूडी एसई मुकेश गुप्ता, शिक्षा विभाग के सहायक निदेशक धनराज मीणा, कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक राजेश कुमार शर्मा, सामाजिक न्याय अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक अर्पित जैन, जिला उद्योग अधिकारी शुभकरण थालोर और जिला रोजगार अधिकारी भैरुप्रकाश नागर शामिल रहे।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव मुकेश परनामी के अनुसार सर्वोच्च न्यायालय ने सुकन्या शांथा बनाम यूनियन ऑफ इंडिया प्रकरण में देश की जेलों में बंदियों के अधिकारों की सुरक्षा, समान व्यवहार और बुनियादी सुविधाओं की नियमित निगरानी पर जोर दिया है। इसी आदेश की पालना में राज्यों की विधिक सेवा प्राधिकरणों को जेलों का समय-समय पर निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। इसका उद्देश्य यह है कि बंदियों के साथ धर्म, जाति या सामाजिक आधार पर भेदभाव नहीं हो और उन्हें स्वास्थ्य, स्वच्छता, कानूनी सहायता सहित सभी जरूरी सुविधाएं मिलती रहे।
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