होम›सुप्रीम कोर्ट›सुप्रीम कोर्ट: विधानमंडल कानून में संशोधन करने और नियमों को अवैध बनाने की शक्ति नहीं रोक सकती
सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट: विधानमंडल कानून में संशोधन करने और नियमों को अवैध बनाने की शक्ति नहीं रोक सकती
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि विधानमंडल कानून में संशोधन करने की शक्ति नियमों को ओवरराइड नहीं करने के लिए काम कर सकती है, लेकिन यह शक्ति विनियमन का अस्तित्व बाधित नहीं कर सकती है। उच्चतम न्यायालय ने एक प्रमुख फैसले में लाइवलॉ संविधान प्रोटोकॉल (अपराम्बाध्यक) के तहत विधानमंडल द्वारा अपनाई गई राजेश शर्मा बनाम उत्तरी दिल्ली नगर निगम और एएनआर को अवैध घोषित करने के लिए विनियमन को अवैध घोषित करने की शक्ति की समीक्षा की।

सौजन्य से:- Live Law
विनियमन का अस्तित्व विधानमंडल की क़ानून में संशोधन करने और विनियमन को ओवरराइड करने की शक्ति को बाधित नहीं कर सकता: सुप्रीम कोर्ट
Powered by Nyaya 247 News
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
सुप्रीम कोर्ट
भारत और रूस के सुप्रीम कोर्ट ने न्यायिक सहयोग के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए

सुप्रीम कोर्ट
भारत और रूस के बीच न्यायिक सहयोग में नए अध्याय की शुरुआत

सुप्रीम कोर्ट
भारत और रूस के सुप्रीम कोर्ट ने न्यायिक सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए

सुप्रीम कोर्ट
दुर्घटना में माता-पिता के नुकसान का मात्र गणित से मूल्यांकन असंभव: सर्वोच्च अदालत

सुप्रीम कोर्ट
भारतीय, रूसी सुप्रीम कोर्ट ने एआई, न्यायपालिका में तकनीक पर सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए, संयुक्त कार्य समूह की योजना बनाई - इंडिया लीगल

सुप्रीम कोर्ट
2026 लाइवलॉ (एससी) 642 | सराफत अली (मृत) एलआर एवं अन्य के माध्यम से। वी. उप निदेशक चकबंदी, हरिद्वार एवं अन्य।

सुप्रीम कोर्ट
अब 7 करोड़ चालान के बोझ तले दबी वर्चुअल अदालत

सुप्रीम कोर्ट
अयोध्या सांसद ने सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग, ट्रस्ट भंग करने की भी उठाई आवाज
ताज़ा ख़बरें
- VIDEO: राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हो : सांसद अवधेश प्रसाद
- सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर एक्शन में एमसीडी, द्वारका में नवंबर तक बनकर तैयार होगा 1500 क्षमता वाला 'डॉग शेल्टर'!
- 2026 लाइवलॉ (एससी) 621 | आयुक्त, ब्रुहत बैंगलोर महानगर पालिका बनाम के.के. उमेश कुमार एवं अन्य
- सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस ने जैकलीन फर्नांडिस केस से खुद को अलग किया
- स्कूली बसों को लेकर सुप्रीम कोर्ट की 18 गाइडलाइन, निर्देशों के उल्लंघन पर होगी कार्रवाई
- आपसी सुलह से खत्म होंगे सुप्रीम कोर्ट के पेंडिंग केस, नालंदा में 21 अगस्त से 'विशेष लोक अदालत' - nalanda special lok adalat to settle supreme court pending cases aug 2026
- पुलिस सुधार पर सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण टिप्पणी
- निजी मेडिकल कॉलेजों को सरकारी फीस नहीं देनी पड़े, देश को डॉक्टरों की जरूरत है: सुप्रीम कोर्ट

