जेल लोक अदालत में दो मामलों की सुनवाई, एक पर रिहाई का आदेश
जिला एवं सत्र न्यायाधीश वी. मलिक और सीजेएम‑सह‑सचिव गीतांजलि गोयल ने केंद्रीय जेल का निरीक्षण करते हुए दो बंदियों के मामलों की लोक अदालत में सुनवाई की। निर्धारित शर्तों के पालन पर एक बंदी को रिहा करने का आदेश दिया गया, जबकि दूसरे मामले की कार्यवाही जारी रही। निरीक्षण में बंदियों को मुफ्त कानूनी सहायता, भोजन, स्वच्छता और स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति की भी समीक्षा की गई।

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar
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जेल लोक अदालत में 2 मामलों की सुनवाई, एक का निपटारा
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भास्कर न्यूज | अम्बाला
जिला एवं सत्र न्यायाधीश वीरेंद्र मलिक और सीजेएम-सह-सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण गीतांजलि गोयल ने वीरवार को केंद्रीय कारागार का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान बंदियों की समस्याओं और आवश्यकताओं की जानकारी ली गई। विभिन्न बैरकों का जायजा लेने के साथ बंदियों को मिल रही नि:शुल्क कानूनी सहायता, भोजन, स्वच्छता और स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा की गई। लंबित कानूनी सहायता आवेदनों की स्थिति भी देखी गई।
निरीक्षण के दौरान सीजेएम गीतांजलि गोयल की देखरेख में जेल लोक अदालत लगाई गई। इसमें विचाराधीन बंदियों से संबंधित 2 मामलों को सुनवाई के लिए लिया गया। इनमें 1 मामले का निपटारा किया गया। निपटाए गए मामले में निर्धारित नियमों एवं शर्तों का पालन करने पर 1 बंदी को रिहा करने के आदेश दिए गए।
निरीक्षण के दौरान जेल प्रशासन को बंदियों के मानवाधिकारों से जुड़े वैधानिक दिशा-निर्देशों का पालन करने के निर्देश दिए गए। जेल परिसर और बैरकों में स्वच्छ वातावरण बनाए रखने तथा जरूरत के अनुसार बंदियों को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने को कहा गया। जरूरतमंद बंदियों को नि:शुल्क एवं प्रभावी कानूनी सहायता समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।
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