स्कूली बसों के लिए सुप्रीम कोर्ट की 18 अहम गाइडलाइन्स
स्कूली बसों को लेकर सुप्रीम कोर्ट की 18 गाइडलाइन, निर्देशों के उल्लंघन पर होगी कार्रवाई सागर में स्कूल खुलने से पहले स्कूली बसों का निरीक्षण, बच्चों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन गंभीर, सुप्रीम कोर्ट के गाइडलाइन का पालन करन…

सौजन्य से:- ETV Bharat
स्कूली बसों को लेकर सुप्रीम कोर्ट की 18 गाइडलाइन, निर्देशों के उल्लंघन पर होगी कार्रवाई
सागर में स्कूल खुलने से पहले स्कूली बसों का निरीक्षण, बच्चों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन गंभीर, सुप्रीम कोर्ट के गाइडलाइन का पालन करना जरूरी.
By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : June 10, 2026 at 4:53 PM IST
सागर: नया शिक्षा सत्र शुरू होने वाला है और स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने गंभीरता से काम शुरू कर दिया है. जिला कलेक्टर प्रतिभा पाल के निर्देश पर परिवहन विभाग स्कूल खुलने के पहले ही स्कूली बसों का औचक निरीक्षण और सघन जांच का अभियान चलाया जा रहा है. क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी खुद स्कूलों में पहुंचकर बसों की जांच कर रहे हैं.
जिसमें वे स्कूल बसों के संचालन के लिए जरूरी 18 बिंदुओं का पालन किया जा रहा है कि नहीं ये देख रहे हैं. पिछले दिनों कलेक्टर की अध्यक्षता में हुई बैठक में स्कूल संचालकों को साफ निर्देश दिए गए थे कि सुप्रीम कोर्ट और सीबीएसई की गाइडलाइन का 100 प्रतिशत पालन सुनिश्चित किया जाए. कलेक्टर ने साफ कहा है कि बच्चों की सुरक्षा के तय मानदंडों में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
परिवहन विभाग ने शुरू किया अभियान
कलेक्टर के निर्देश के बाद आरटीओ मनोज कुमार खुद स्कूलों में पहुंचकर बसों की जांच कर रहे हैं. उन्होंने मंगलवार को पारस विद्या विहार, दिल्ली पब्लिक स्कूल और दून स्कूल पहुंचकर करीब 46 बसों की सघन जांच की. परिवहन विभाग की टीम ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित 18 बिंदुओं की सुरक्षा चेकलिस्ट के आधार पर बसों की जांच की. उन्होंने बताया कि "इन बसों में से करीब 13 बसों में कमियां पाई गई, जिन्हें शीघ्र सुधार के निर्देश दिए गए. इस तरह की जांच 15 जून तक सभी स्कूल परिसर में की जाएगी और जब सत्र शुरू हो जाएगा, तो औचक निरीक्षण किया जाएगा."
लापरवाही मिलने पर होगी कड़ी कार्रवाई
जिन स्कूलों का निरीक्षण आरटीओ ने किया है और जो कमियां पाई गई है, उनको सत्र शुरू होने के पहले दुरूस्त करने के निर्देश दिए गए हैं. आरटीओ मनोज कुमार ने स्कूल प्रबंधकों और बस चालकों को सख्त हिदायत दी कि "वे सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन का अक्षरशः पालन करें. कलेक्टर के साफ निर्देश हैं कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है.
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आगामी निरीक्षणों में किसी भी स्कूल बस में सीसीटीवी, जीपीएस, पैनिक बटन या योग्य स्टाफ जैसी अनिवार्य शर्तों का उल्लंघन पाया गया, तो संबंधित वाहन का फिटनेस निरस्त करने के साथ-साथ स्कूल प्रबंधन के खिलाफ भी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी."
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इसका मतलब क्या है
सुप्रीम कोर्ट की 18 गाइडलाइन्स स्कूली बसों की सुरक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण कदम है। यह निर्देश सुनिश्चित करते हैं कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता न किया जाए। इन गाइडलाइन्स का पालन करने से न केवल स्कूली बसों की सुरक्षा में सुधार होगा, बल्कि यह भी सुनिश्चित होगा कि स्कूल प्रशासन और बस संचालक गैर-जिम्मेदारी बरतने पर कार्रवाई का सामना करें। इससे बच्चों के माता-पिता को भी राहत मिलेगी और वे अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर अधिक सुनिश्चित महसूस करेंगे।
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