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फ्रांस में बच्चों के सोशल मीडिया बैन पर अदालत का बड़ा फैसला, अंडर-15 बैन पर लगाई रोक

फ्रांस में बच्चों के सोशल मीडिया बैन पर अदालत का बड़ा फैसला, अंडर-15 बैन पर लगाई रोक फ्रांस की संवैधानिक परिषद ने अंडर-15 सोशल मीडिया बैन को अभिव्यक्ति की आजादी का उल्लंघन बताते हुए खारिज कर दिया. Published : August 17,…

17 अगस्त 2026 को 09:55 am बजे
फ्रांस में बच्चों के सोशल मीडिया बैन पर अदालत का बड़ा फैसला, अंडर-15 बैन पर लगाई रोक

सौजन्य से:- ETV Bharat

फ्रांस में बच्चों के सोशल मीडिया बैन पर अदालत का बड़ा फैसला, अंडर-15 बैन पर लगाई रोक

फ्रांस की संवैधानिक परिषद ने अंडर-15 सोशल मीडिया बैन को अभिव्यक्ति की आजादी का उल्लंघन बताते हुए खारिज कर दिया.

Published : August 17, 2026 at 2:19 PM IST

हैदराबाद: फ्रांस की सबसे बड़ी अदालत ने बीते शुक्रवार यानी 14 अगस्त को 15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया इस्तेमाल पर बैन लगाने वाले कानून को रोक दिया है. अदालत का कहना है कि यह कानून लोगों की अभिव्यक्ति की आजादी के अधिकार का उल्लंघन करता है. फ्रांस की सबसे बड़ी अदालत का यह फैसला राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है, जिन्होंने अब अपनी सरकार को इस कानून को दोबारा तैयार करने का आदेश दिया है.

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, फ्रांस की संवैधानिक परिषद (Constitutional Council) ने अपने फैसले में कहा कि किसी भी 15 साल से कम उम्र के व्यक्ति को कुछ खास ऑनलाइन सर्विसेज़ के इस्तेमाल से रोकने के लिए यह जरूरी हो जाता है कि हर इंसान, चाहे वो अडल्ट ही क्यों न हो, उन सर्विसेज़ का इस्तेमाल करने से पहले अपनी उम्र साबित करें.

काउंसिल ने आगे कहा कि कानून बनाने वालों ने यह क्लियर नहीं किया कि उम्र का यह सबूत किन शर्तों और सीमाओं के तहत दिया जाना चाहिए. यही कारण है कि इस नियम का पालन सुनिश्चित करने के लिए जरूरी कानूनी सुरक्षा उपाय स्थापित नहीं हो पाए.

कैसा था फ्रांस का यह कानून

फ्रांस के सांसदों ने 15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया एक्सेस पर बैन लगाने वाले एक नए कानूनी बिल को मंजूरी दे दी थी, जिसके बाद फ्रांस ऑस्ट्रेलिया के नक्शेकदम पर चलने वाला यूरोप का पहला देश बन गया था. गौरतलब है कि ऑस्ट्रेलिया ने दिसंबर 2025 में एक ऐसा कानून बनाकर लागू किया था, जिसके तहत फेसबुक, टिकटॉक और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म्स को 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए बंद कर दिया गया था.

🇫🇷France's highest court has struck down the under-15s social media ban, ruling that it disproportionately infringes upon freedom of expression and privacy.

— Labour Digital Rights Network (@LabDRN) August 16, 2026

It is a massive win that exposes the unworkable reality of these policies: to block kids, you have to force every single… pic.twitter.com/LqPeZFPBac

फ्रांस का यह कानून सितंबर में लागू किया जाना था, जिसके तहत नए अकाउंट बनाने पर रोक लग जाती और पुराने अकाउंट्स को चार महीने के अंदर बंद करने का आदेश दिया जाता. मैक्रों ने प्रधानमंत्री सेबेस्टियन लेकोर्नू को इस कानून को दोबारा तैयार करने का आदेश दिया है, ताकि संवैधानिक परिषद की चिंताओं को ध्यान में रखा जा सके.

एलिसी पैलेस ने बताया कि मैक्रों चाहते हैं कि यह सुधार 2027 के वसंत ऋतु तक यानी फ्रांस के राष्ट्रपति चुनाव से पहले लागू हो जाए. यहां पर गौर करने वाली एक बात यह है कि मैक्रों तीसरी बार तीसरी बार राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव नहीं लड़ सकते.

दुनिया भर में कैसे हैं नियम, भारत में क्या है स्थिति

सोशल मीडिया पर उम्र सीमा को लेकर दुनियाभर में बहस काफी तेज हो चुकी है. ऑस्ट्रेलिया के अलावा डेनमार्क ने भी 15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया ब्लॉक करने के नियम मंजूब किए हैं. वहीं, स्पेन में भी इस तरह का कानून बनाने पर विचार किया जा रहा है. इनके अलावा चीन, यूएई और तुर्की जैसे देशों में भी युवाओं की सोशल मीडिया एक्सेस को सीमित करने के तरीके शुरू किए गए हैं या इसके लिए नए प्लान्स बनाए जा रहे हैं.

भारत की बात करें तो फिलहाल, यहां सोशल मीडिया इस्तेमाल के लिए कोई न्यूनतम उम्र सीमा तय नहीं की गई है. डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (DPDP) एक्ट के तहत प्लेटफॉर्म्स को 18 साल से कम उम्र के यूजर्स का डेटा इस्तेमाल करने से पहले उनके माता-पिता की मंजूरी लेनी जरूरी है.

More countries are banning social media for teenagers.

— Balu Gorade (@BaluGorade) July 24, 2026

Australia: Under 16

France: Under 15

UAE: Under 15

Indonesia: Under 16

Brazil: Under 16 (with parents)

Considering similar laws: Denmark, Greece, Norway, UK, Canada & Vietnam.

Should India follow the same path?

रिपोर्ट्स के मुताबिक, केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया है कि सरकार उम्र के आधार पर रिस्ट्रिक्शन को लेकर सोशल मीडिया कंपनियों के साथ बातचीत कर रही है. फिलहाल, भारत में 15-16 साल से कम उम्र वाले बच्चों के लिए सोशल मीडिया को बैन करने या न करने के ऊपर विचार विमर्श ही किया जा रहा है, लेकिन अभी तक इसके बारे में कोई आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं की गई है.

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