गोरखपुर लोक अदालत ने 11.80 लाख मामलों का निपटारा कर नई मिसाल कायम
जनपद न्यायाधीश राज कुमार सिंह की अध्यक्षता में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत ने निर्धारित 12,12,956 मामलों में से 11,80,849 मामलों को सफलतापूर्वक निस्तारित किया। सुलह‑समझौते के आधार पर 1.31 करोड़ रुपये से अधिक की क्षतिपूर्ति दी गई और आपराधिक, राजस्व तथा बैंक‑संबंधी कई वाद भी समाप्त हुए। विभिन्न न्यायालयों और विभागीय अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी ने इस उपलब्धि को संभव बनाया।

सौजन्य से:- Jagran
गोरखपुर दीवानी न्यायालय में लगी लोक अदालत, निस्तारित किए गए 11.80 लाख मामले
गोरखपुर दीवानी न्यायालय परिसर में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में 11 लाख 80 हजार 849 मामलों का निस्तारण कर नया ...और पढ़ें
HighLights
- गोरखपुर लोक अदालत में 11.80 लाख से अधिक मामले निपटाए गए।
- सुलह-समझौते से 1.31 करोड़ रुपये से अधिक की क्षतिपूर्ति दी गई।
- आपराधिक, राजस्व और बैंक संबंधी लाखों वाद भी निस्तारित हुए।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में शनिवार को दीवानी न्यायालय परिसर में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में गोरखपुर ने मामलों के निस्तारण का नया कीर्तिमान बनाया। जनपद न्यायाधीश राज कुमार सिंह की अध्यक्षता में आयोजित लोक अदालत में कुल 12 लाख 12 हजार 956 मामले नियत किए गए थे।
जिनमें से 11 लाख 80 हजार 849 मामलों का निस्तारण किया गया। स्थाई लोक अदालत में कुल 1 करोड़ 31 लाख 82 हजार 249 रुपये की क्षतिपूर्ति सुलह समझौते के आधार पर दी गई।
लोक अदालत में सभी न्यायालयों द्वारा 2,775 आपराधिक वादों का भी निस्तारण किया गया। राजस्व एवं अन्य विभागों से जुड़े 11 लाख 58 हजार 859 प्री-लिटिगेशन वाद निस्तारित हुए। प्राधिकरण की सचिव मीनाक्षी सिन्हा ने बताया कि लोक अदालत का उद्घाटन जनपद न्यायाधीश राज कुमार सिंह ने नई मीटिंग हाल में सुबह 10:30 बजे किया। अपर जिलाधिकारी प्रशासन एवं नोडल अधिकारी, उपजिलाधिकारियों समेत राजस्व विभाग के अन्य अधिकारियों ने भी सक्रिय सहभागिता की।
जनपद न्यायाधीश राज कुमार सिंह ने दो वादों का निस्तारण किया, जबकि पीठासीन अधिकारी वाणिज्यिक न्यायालय ने तीन वाद निस्तारित किए। प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय ने 41 वादों का निस्तारण किया। इस दौरान 13 दंपतियों को परिवार न्यायालय से विदा किया गया। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के पीठासीन अधिकारी राजेश पति त्रिपाठी ने 256 वादों का निस्तारण करते हुए कुल 57 लाख रुपये का प्रतिकर अवार्ड पारित किया।
परिवार से जुड़े प्री-लिटिगेशन और लिटिगेशन स्तर के 117 वाद भी निस्तारित किए गए। वहीं, प्री-लिटिगेशन स्तर पर विभिन्न बैंकों और फाइनेंस कंपनियों से जुड़े 761 वादों का निस्तारण हुआ। इन मामलों में पांच करोड़ 14 हजार 469 रुपये नकद जमा कराए गए।
लोक अदालत में न्यायिक अधिकारियों के साथ राजस्व एवं अन्य विभागों के अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी रही। इस दौरान स्थाई लोक अदालत के अध्यक्ष प्रमोद कुमार सिंह द्वितीय, सदस्य संगीता प्रकाश त्रिपाठी सदस्य दलजीत सिंह आदि उपस्थित रहे।
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