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'राबड़ी देवी को 10 सर्कुलर रोड खाली करना पड़ेगा', कानून विशेषज्ञ ने कहा- कोर्ट से राहत की उम्मीद नहीं

'राबड़ी देवी को 10 सर्कुलर रोड खाली करना पड़ेगा', कानून विशेषज्ञ ने कहा- कोर्ट से राहत की उम्मीद नहीं अगर 10 सर्कुलर रोड आवास खाली करने के नोटिस के खिलाफ राबड़ी देवी कोर्ट जाएंगी तो क्या उनको राहत मिलेगी? पढ़ें पूरी खबर.…

ETV Bharat के अनुसार3 जून 2026 को 08:55 pm बजे
'राबड़ी देवी को 10 सर्कुलर रोड खाली करना पड़ेगा', कानून विशेषज्ञ ने कहा- कोर्ट से राहत की उम्मीद नहीं

सौजन्य से:- ETV Bharat

'राबड़ी देवी को 10 सर्कुलर रोड खाली करना पड़ेगा', कानून विशेषज्ञ ने कहा- कोर्ट से राहत की उम्मीद नहीं

अगर 10 सर्कुलर रोड आवास खाली करने के नोटिस के खिलाफ राबड़ी देवी कोर्ट जाएंगी तो क्या उनको राहत मिलेगी? पढ़ें पूरी खबर..

Published : June 3, 2026 at 8:57 PM IST

पटना: पूर्व मुख्यमंत्री और बिहार विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी के 10 सर्कुलर रोड बंगला को लेकर विवाद अभी तक थमा नहीं है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने साफ कर दिया है कि हर हाल में बंगला खाली करना होगा, जबकि आरजेडी खाली नहीं करने पर अड़ा है और कोर्ट जाने की बात कर रहा है. वहीं, कानून के जानकार कहते हैं कि सरकार के फैसले को मानना ही पड़ेगा. अदालत जाएंगे तो कोई लाभ नहीं मिलने वाला है.

राबड़ी को घर खाली करने का नोटिस: असल में विधानसभा चुनाव में जबरदस्त जीत के बाद जब नीतीश कुमार के नेतृत्व में पिछले साल सरकार बनी तो मंत्रियों को बंगला दिया गया. उस समय विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी को भी नया बंगला अलॉट किया गया. 39 नंबर हार्डिंग रोड का बंगला राबड़ी देवी को दिया गया लेकिन पिछले 6 महीने में राबड़ी देवी ने बंगला खाली नहीं किया है.

39 नंबर हार्डिंग रोड जाएंगी राबड़ी?: जब सम्राट चौधरी के नेतृत्व में सरकार बनी तो फिर से बंगला का आवंटन किया गया. 39 नंबर हार्डिंग रोड का बंगला राबड़ी देवी को दिया गया. साथ ही 10 सर्कुलर रोड आवास का बंगला मंत्री नंदकिशोर राम के नाम कर दिया गया. नोटिस के बावजूद राबड़ी देवी ने घर खाली करने से इंकार कर दिया. पिछले दिनों जब जब प्रशासन की टीम उनके आवास पर गई तो 15 दिनों का अल्टीमेटम देकर निकल गई.

आरजेडी ने जताया विरोध: इधर, राष्ट्रीय जनता दल की ओर से पार्टी के वरिष्ठ नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सत्ता पक्ष पर मनमानी करने का आरोप लगाया. सत्ता पक्ष के कई सांसद और नेताओं को मनमानी ढंग से बंगला देने का आरोप भी लगाया गया. हालांकि इसका जवाब भवन निर्माण मंत्री लेसी सिंह ने दिया. वहीं, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सार्वजनिक सभा में ऐलान कर दिया कि हर हाल में राबड़ी देवी को बंगला खाली करना होगा.

कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगी राबड़ी: पूर्व विधानसभा अध्यक्ष और आरजेडी उपाध्यक्ष उदय नारायण चौधरी का कहना है कि जो भी नियम संगत कार्रवाई होगी, हम लोग करेंगे. इस सवाल पर कि क्या कोर्ट भी जा सकते हैं? उन्होंने सीधे इसका जवाब तो नहीं दिया लेकिन कहा कि जो भी सही होगा, हम लोग करेंगे. कानून के खिलाफ कोई भी काम हम लोग करने नहीं जा रहे हैं.

अदालत से मिलेगी राहत?: सवाल उठता है कि अगर राबड़ी देवी बंगला खाली नहीं करती हैं तो उसका क्या असर होगा? अगर वह मामले को अदालत में लेकर जाती हैं तो क्या उनको राहत मिलेगी? इस पर पटना हाई कोर्ट सीनियर एडवोकेट आलोक कुमार सिन्हा का कहना है कि बंगला का आवंटन सरकार के अधिकार क्षेत्र में आता है. ऐसे में प्रशासनिक फैसला मानना ही पड़ेगा. यदि कोर्ट में जाते हैं तो उसका लाभ मिलने वाला नहीं है.

"यह सरकार का फैसला है और एडमिनिस्ट्रेटिव फैसले को मानना ही पड़ेगा. कोर्ट में भी जाएंगे तो कोई लाभ नहीं मिलने वाला है. इससे पहले तेजस्वी यादव भी बंगला को लेकर कोर्ट में गए थे लेकिन कोर्ट ने कोई दलील नहीं माना और उन पर जुर्माना भी लगा दिया."- आलोक कुमार सिन्हा, वरिष्ठ अधिवक्ता, पटना उच्च न्यायालय

राजनीतिक मुद्दा बनाएगा आरजेडी?: इस पर राजनीतिक विशेषज्ञ प्रिय रंजन भारती का कहना है कि सरकार का फैसला है, लिहाजा हर हाल में उनको इसे मानना ही होगा. सरकार के पास ही पावर है और लुटियन जोन से लालू परिवार को हटाने की सरकार ने तैयारी कर ली है. लालू परिवार विकटिंग कार्ड खेल रहा है लेकिन आज की परिस्थितियों में इसका बहुत ज्यादा लाभ मिलने वाला नहीं है. हालांकि यह जरूर है कि 39 हार्डिंग रोड यदि उन्हें पसंद नहीं है तो दूसरे बंगले की डिमांड कर सकते हैं और शायद सरकार उस पर विचार भी कर सकती है.

"यदि पुलिस कार्रवाई की नौबत हुई तो कुछ हंगामा जरूर होगा लेकिन बहुत ज्यादा विरोध होगा, इसकी संभावना नहीं है. इससे लालू परिवार की बदनामी होगी. इसलिए लालू परिवार ऐसी कोई गलती नहीं करेगा, जिससे उनका मैसेज और खराब जाए. सरकार के फैसले से नाराजगी जरूर है लेकिन अंत में करना वही पड़ेगा जो सरकार का डिसीजन है."- प्रिय रंजन भारती, राजनीतिक विशेषज्ञ

जेडीयू ने दी नसीहत: वहीं, जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा का भी कहना है कि राबड़ी देवी को विधान परिषद के नेता प्रतिपक्ष के नाते बंगला मिला है. इसलिए 10 सर्कुलर रोड बंगाल का मोह छोड़कर उस घर में शिफ्ट कर जाना चाहिए, जो सरकार ने विधान परिषद के नेता प्रतिपक्ष की हैसियत से उनको आवंटित किया है.

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