UPI पर MDR का रास्ता खुला, कारोबारियों के लिए भी 2040 तक बदले नियम; नए टैक्स कानून में क्या-क्या? - taxation other laws act 2026 upi diamonds electronics
UPI पर MDR का रास्ता खुला, कारोबारियों के लिए भी 2040 तक बदले नियम; नए टैक्स कानून में क्या-क्या? Taxation & Other Laws Amendment Act: सरकार ने 'टैक्सिएशन एंड अदर लॉज़ (अमेंडमेंट) एक्ट, 2026' को मंजूरी दी है, जिससे UPI,…

सौजन्य से:- Jagran
UPI पर MDR का रास्ता खुला, कारोबारियों के लिए भी 2040 तक बदले नियम; नए टैक्स कानून में क्या-क्या?
Taxation & Other Laws Amendment Act: सरकार ने 'टैक्सिएशन एंड अदर लॉज़ (अमेंडमेंट) एक्ट, 2026' को मंजूरी दी है, जिससे UPI, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरि ...और पढ़ें
HighLights
- UPI पर MDR का रास्ता खुला, लेकिन भुगतान अभी मुफ्त।
- इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को 2040-41 तक टैक्स प्रोत्साहन मिलेगा।
- रफ डायमंड बिक्री पर विदेशी कंपनियों को टैक्स छूट।
नई दिल्ली। देश के टैक्स सिस्टम और बिजनेस सेक्टर से जुड़े नियमों में बदलाव करते हुए, सरकार ने 'टैक्सिएशन एंड अदर लॉज़ (अमेंडमेंट) एक्ट, 2026' (Taxation & Other Laws Amendment Act) को हरी झंडी दे दी है। 4 अगस्त को इस बिल को लोकसभा में पेश किया गया था और 17 अगस्त 2026 को राष्ट्रपति ने इस बिल को मंजूरी दे दी, जिसके बाद अब ये कानून बन गया है।
ये नया कानून पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम एक्ट, इनकम टैक्स एक्ट और फाइनेंस एक्ट में कई सारे अहम बदलाव करता है। मालूम हो कि इस नए कानून का सीधा असर देश के डिजिटल पेमेंट, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग और रफ डायमंड सेक्टर पर पड़ेगा। आइए आपको बताते हैं कि इस नए कानून का आम लोगों और कारोबारियों का क्या-क्या असर पड़ेगा।
1. UPI पेमेंट में क्या बदलाव हुआ?
कई दिनों से UPI Transaction पर मर्चेटं डिस्काउंट रेट यानी कि एमडीआर लगने की चर्चाएं हो रहीं थी। ऐसे में इस नए कानून के तहत पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम एक्ट में संशोधन कर यूपीआई पर एमडीआर का कानूनी रास्ता तो खोल दिया गया है, लेकिन इसका ये बिल्कुल मतलब नहीं है कि अब यूपीआई पर चार्ज लगने वाला है।
सरकार ने ये भी साफ किया है फिलहाल यूपीआई पर कोई एमडीआर लागू नहीं किया गया है और न ही कोई दर अभी तय की गई है। वित्त मंत्री ने खुद संसद में साफ किया था कि लोगों के लिए यूपीआई पेमेंट पहले की तरह अभी भी फ्री रहने वाला है। वहीं सरकार का कहना है कि अगर फ्यूचर में कबी एमडीआर लागू करते हैं, तो आम जनता को हितों को ध्यान में रखकर ही कोई फैसला लेगी।
2. इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग में क्या बदलाव?
मेक इन इंडिया और देश में इलेक्ट्रॉनिक सामानों के प्रोडक्शन को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने टैक्स इंसेंटिव की अवधि को पूरे 10 साल के लिए आगे बढ़ा दिया है। जिसका मतलब है कि अब इन कारोबारियों को FY2040-41 तक टैक्स में इंसेंटिव मिलता रहेगा, जो पहले सिर्फ FY2030-31 तक के लिए था।
मालूम हो कि इस दायरे में मोबाइल, लैपटॉप, पीसी, टैबलेट, सर्वर, वियरएबल्स और हियरएबल्स जैसे कई तरह के इलेक्ट्रॉनिक आइटम्स को शामिल किया गया है। वहीं इसके अलावा, इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स की सप्लाई चेन से जुड़ी Eligible Foreign Companies को कस्टम-बॉन्डेड वेयरहाउसिंग में भी टैक्स से राहत दी गई है।
3. डायमंड कारोबारियों के लिए इसमें क्या?
सूरत और देश के कई हिस्सों में बसे डायमंड कारोबारियों के लिए भी ये कानून बड़ी राहत देने वाला है। 1 अक्टूबर 2026 से नोटिफाइड स्पेशल जोन्स में काम करने वाली योग्य विदेशी कंपनियों को रफ डायमंड की बिक्री से होने वाली इनकम पर टैक्स से छूट दी जाएगी। ये छूट भी FY2040-41 तक जारी रहेगी, जिससे भारत ग्लोबल डायमंड हब के रूप में और मजबूत होगा।
4. विदेशी निवेशकों के लिए भी बड़ी राहत
देश में विदेशी निवेशकों को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने नए नियमों को काफी सिंपल बनाया है। इस नए कानून में योग्य फंड्स के लिए इंडियन पार्टिसिपेशन की 5% सीमा और नए फंड्स के लिए ₹25 करोड़ तक की विशेष राहत देने का एलान किया है। इसके अलावा FIIs और बैंक ऑफ इंटरनेशनल सेटलमेंट्स को मिलने वाले ब्याज और कैपिटल गेन्स टैक्स में भी छूट दी गई है।
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