हरियाणा में कानून व्यवस्था और शक्तियों का फेरबदल, तीन जिलों में डीसी की जगह सीपी बने मजिस्ट्रेट - unequal distribution of magisterial powers across haryanas five police commissionerates
हरियाणा में कानून व्यवस्था और शक्तियों का फेरबदल, तीन जिलों में डीसी की जगह सीपी बने मजिस्ट्रेट हरियाणा के पांच पुलिस कमिश्नरेट में पुलिस आयुक्तों के मजिस्ट्रेटी अधिकारों में असमानता पर सवाल खड़े हो गए हैं। HighLights -…

सौजन्य से:- Jagran
हरियाणा में कानून व्यवस्था और शक्तियों का फेरबदल, तीन जिलों में डीसी की जगह सीपी बने मजिस्ट्रेट
हरियाणा के पांच पुलिस कमिश्नरेट में पुलिस आयुक्तों के मजिस्ट्रेटी अधिकारों में असमानता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
HighLights
- हरियाणा के पांच पुलिस कमिश्नरेट में शक्तियों का असमान वितरण।
- पंचकूला, सोनीपत, झज्जर में पुलिस आयुक्तों को जिलाधीश शक्तियां।
- गुरुग्राम, फरीदाबाद में मजिस्ट्रेटी अधिकार उपायुक्तों के पास।
राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा में पुलिस कमिश्नरेट व्यवस्था को लेकर अधिकारों के समान वितरण पर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रदेश के पांच पुलिस कमिश्नरेट गुरुग्राम, फरीदाबाद, पंचकूला, सोनीपत और झज्जर में पुलिस आयुक्तों को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) 2023 की धारा 163 के तहत एक जैसी शक्तियां हासिल नहीं हैं। खास बात यह है कि यह धारा जुलाई 2024 से लागू होने के बाद पूर्ववर्ती सीआरपीसी की धारा 144 का स्थान ले चुकी है।
पंचकूला, सोनीपत और झज्जर में पुलिस आयुक्तों को जिलाधीश की शक्तियां प्रदान की गई हैं। इसके विपरीत गुरुग्राम और फरीदाबाद में ये अधिकार पुलिस कमिश्नरों की बजाय उपायुक्त-सह-जिलाधीश या संबंधित एसडीएम के पास हैं। ऐसे में एक ही राज्य में समान प्रकृति की कमिश्नरेट व्यवस्था के बावजूद मजिस्ट्रेटी अधिकारों में अंतर प्रशासनिक और कानूनी बहस का विषय बन गया है।
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के अधिवक्ता हेमंत कुमार ने इस व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जब तीन पुलिस कमिश्नरेट में पुलिस आयुक्तों को धारा 163 के तहत जिलाधीश की शक्तियां दी जा सकती हैं, तो गुरुग्राम और फरीदाबाद को इससे अलग रखने का आधार स्पष्ट होना चाहिए।
धारा 163 के तहत सार्वजनिक उपद्रव, संभावित खतरे या आपात परिस्थितियों में प्रतिबंधात्मक आदेश जारी करने का अधिकार सामान्यतः जिलाधीश, उपमंडल मजिस्ट्रेट अथवा राज्य सरकार द्वारा अधिकृत कार्यकारी मजिस्ट्रेट को प्राप्त होता है।
गुरुग्राम-फरीदाबाद में डीसी के पास अधिकार
वर्तमान व्यवस्था में 23 राजस्व जिलों में पंचकूला, सोनीपत और झज्जर को छोड़कर अन्य जिलों में धारा 163 के आदेश डीसी या एसडीएम जारी कर सकते हैं। इसमें गुरुग्राम और फरीदाबाद भी शामिल हैं।
इससे सवाल यह है कि जहां पुलिस कमिश्नरेट व्यवस्था के तहत कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी वरिष्ठ आइपीएस अधिकारी के पास है, वहां महत्वपूर्ण मजिस्ट्रेटी शक्ति जिला प्रशासन के पास क्यों रखी गई है।
हरियाणा सरकार के सामने दो विकल्प
हेमंत कुमार ने हरियाणा सरकार के सामने दो विकल्प सुझाए हैं। उनके अनुसार या तो गुरुग्राम और फरीदाबाद के पुलिस आयुक्तों को भी समान शक्तियां दी जाएं या पंचकूला, सोनीपत और झज्जर से ये अधिकार वापस लेकर पूरे प्रदेश में एकरूप व्यवस्था लागू की जाए।
उन्होंने हरियाणा पुलिस कानून 2007 की धारा 8 का हवाला देते हुए कहा कि पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली में जिलाधीश की शक्तियों का पुलिस आयुक्त द्वारा प्रयोग करना इसकी मूल अवधारणा से जुड़ा है। उनका कहना है कि इस संबंध में सरकार और गृह विभाग को कई बार ज्ञापन दिए जा चुके हैं, लेकिन अब तक स्पष्ट जवाब नहीं मिला है।
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