राष्ट्रपति की स्वीकृति से गुजरात बना यूसीसी वाला दूसरा राज्य
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मंजूरी के बाद गुजरात ने समान नागरिक संहिता (UCC) को लागू किया, जिससे यह उत्तराखंड के बाद दूसरा ऐसा राज्य बन गया। यह विधेयक मार्च 2026 में विधानसभा में पारित होकर अक्टूबर 2026 में गैजेट नोटिफिकेशन के माध्यम से कानून बन गया, जिसमें विवाह, तलाक, उत्तराधिकार आदि में सभी धर्मों के लिए एक ही नियम और लिव‑इन रिश्तों की पंजीकरण अनिवार्य किया गया है, जबकि आदिवासी समुदाय को छूट दी गई है।

सौजन्य से:- Navbharat Times
Uniform Civil Code in Gujarat: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की स्वीकृति के बाद गुजरात में यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू हो गया है। गुजरात सरकार ने लंबी प्रक्रिया के बाद इस बिल को मार्च, 2026 में पास करके राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा था। राष्ट्रपति की स्वीकृति के बाद इस कानून के तौर पर नोटीफाई कर दिया गया है।
हाइलाइट्स
गुजरात में लागू हुआ यूनिफॉर्म सिविल कोड कानून
राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद गैजेट नोटिफिकेशन जारी
मार्च, 2026 में विधानसभा से पास हुआ था यह बिल
अहमदाबाद: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुजरात में यूनिफॉर्म सिविल कोड को लागू करने को अपनी स्वीकृति दे दी है। गुजरात में भूपेंद्र पटेल की अगुवाई वाली सरकार ने यूनिफॉर्म सिविल कोड यानी समान नागरिक संहिता कानून को विधानसभा में पारित करके राष्ट्रपति के पास मंजूरी के लिए भेजा था। उत्तराखंड के बाद अब गुजरात दूसरा राज्य हो गया है जहां पर यूनिफॉर्म सिविल कोड प्रभावी हो गया है। देश में सबसे पहले उत्तराखंड में यूसीसी लागू हुआ था। कुछ दिन पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था कि केंद्र सरकार 2029 से पहले सभी एनडीए शासित राज्यों में यूसीसी लागू करेगी। गुजरात में बीजेपी ने इसे 2022 विधानसभा चुनाव के संकल्प पत्र में रखा था।
गुजरात बना देश का दूसरा राज्य
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मंजूरी मिलने के बाद, गुजरात भारत का दूसरा ऐसा राज्य बन गया है जिसे यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने की मंजूरी मिली है। गुजरात में आदिवासी समाज को इस कानून के दायरे से बाहर रखा गया है। गुजरात विधानसभा ने मार्च में साढ़े सात घंटे की लंबी चर्चा के बाद यूनिफ़ॉर्म सिविल कोड बिल पास किया था। उत्तराखंड के बाद ऐसा कानून पास करने वाला गुजरात दूसरा राज्य है। जहां ये कानून लागू हो गया है। इस बिल के पास होने पर मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा था कि यह बिल सभी को समान अधिकार देता है, जबकि विपक्ष ने इस कानून को मुस्लिम-विरोधी बताया और आरोप लगाया कि सरकार ने इसे चुनावी फायदे के लिए पास किया है।
यूनिफॉर्म सिविल कोड के बड़े पड़ाव (कब क्या हुआ):
गुजरात में यूनिफॉर्म सिविल को लागू करने की दिशा में बीजेपी अक्टूबर 2022 में पहल की थी।
तब राज्य सरकार ने गुजरात विधानसभा चुनाव 2022 के ठीक पहले समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने के लिए एक उच्च-स्तरीय कमेटी गठित करने का वादा किया था।
फरवरी 2024 में गुजरात सरकार ने आधिकारिक तौर पर यूनिफॉर्म सिविल कोड की संभावनाओं और ड्राफ्ट को तैयार करने के लिए एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया।
मार्च 2026 में समिति ने अपनी रिपोर्ट गुजरात सरकार को सौंपी।
22 मार्च 2026 के अंतिम सप्ताह में गुजरात विधानसभा में गुजरात यूनिफॉर्म सिविल कोड बिल, 2026 भारी बहस के बीच पारित कर दिया गया।
अक्टूबर 2026 में इस विधेयक को राष्ट्रपति की हरी झंडी मिल गई है और इसे आधिकारिक तौर पर लागू कर दिया गया है जिसके तहत विवाह और लिव-इन रिलेशनशिप का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य कर दिया गया है।
यूसीसी के साथ क्या बदलेगा
गुजरात विधानसभा से यूनिफॉर्म सिविल काेड बिल मार्च, 2026 में पास हुआ था। 2 अक्टूबर 2026 को राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद आधिकारिक गजट नोटिफिकेशन के जरिए यह कानून के रूप में लागू हो गया है।
एक समान नियम: विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और संपत्ति के अधिकारों में सभी धर्मों के नागरिकों के लिए एक समान कानूनी ढांचा तय किया गया है (बेटियों को बेटों के बराबर संपत्ति का हक)।
अनिवार्य पंजीकरण: विवाह और लिव-इन रिलेशनशिप का निर्धारित समय-सीमा के भीतर पंजीकरण कराना अनिवार्य कर दिया गया है।
बहुविवाह पर प्रतिबंध: पति या पत्नी के जीवित रहते दूसरा विवाह करने पर पूर्ण प्रतिबंध (एकविवाह का नियम) रखा गया है।
आदिवासी समाज को छूट: पारंपरिक रीति-रिवाजों को ध्यान में रखते हुए अनुसूचित जनजातियों के सदस्यों को इस कानून के दायरे से बाहर रखा गया है।
लेखक के बारे मेंअचलेंद्र कटियारअचलेंद्र कुमार कटियार नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में गुजरात में रहकर पश्चिमी राज्यों की हलचल को कवर करते हैं। प्रिंट, डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के साथ-साथ अध्यापन को मिलाकर उन्हें 17 से अधिक वर्षों का अनुभव है। इस दौरान उन्होंने उत्तर प्रदेश, दिल्ली और हरियाणा जैसे राज्यों में रिपोर्टर और एडिटर की भूमिका में काम किया है। अचलेंद्र कुमार कटियार ने सितंबर 2022 में नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जॉइन किया था।
पिछले तीन वर्षों में उन्होंने तीन बड़े चुनावों को कवर किया है। इनमें 2022 गुजरात विधानसभा चुनाव, 2024 महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव और 2024 लोकसभा चुनाव शामिल हैं। गुजरात विधानसभा चुनावों में उन्होंने ‘गुजरात बोले’ के तहत कई ग्राउंड रिपोर्ट्स की थीं।
गुजरात की राजनीतिक हलचल हो या फिर कोई बड़ा घटनाक्रम, उसके तमाम पहलुओं को अचलेंद्र रिपोर्ट करते हैं। गुजरात में अहमदाबाद विमान हादसे को उन्होंने सभी एंगल से कवर किया था। राजनीतिक घटनाक्रमों को वे स्टोरी और वीडियो के जरिए पाठकों तक पहुंचाते हैं।
विशेषज्ञता:
गुजरात समेत पश्चिमी राज्यों की राजनीति पर अच्छी पकड़, अपराध और ब्यूरोक्रेसी की हलचल, शहरों के विकास से जुड़े अपडेट और बड़े आयोजनों की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाना।
पत्रकारिता अनुभव:
प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया को मिलाकर 17 से अधिक वर्षों से कार्यरत अचलेंद्र कुमार कटियार ने अप्रैल 2008 में मेरठ से प्रकाशित होने वाले डीएलए न्यूज़पेपर से अपने करियर की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने हिंदुस्तान (कानपुर लोकेशन) में सब-एडिटर के तौर पर काम किया। फिर कानपुर में ही दैनिक जागरण समूह के आई-नेक्ट न्यूज़पेपर में बतौर सब-एडिटर कार्य किया।
मार्च 2011 में उन्होंने दिल्ली का रुख किया और इंडिया न्यूज़ समूह के अख़बार आज समाज को जॉइन किया। यहां विभिन्न डेस्क के साथ-साथ खेल रिपोर्टिंग भी की। अप्रैल 2012 में हिंदुस्तान टाइम्स समूह के अख़बार हिंदुस्तान की युवा टीम का हिस्सा बने। यहां रहते हुए उन्होंने टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया और इंटरनेट की दुनिया से जुड़ी तमाम हलचलों को कवर किया।
2014 में वे हिंदुस्तान के दिल्ली ब्यूरो की रिपोर्टिंग टीम में शामिल हुए। इसके बाद दिल्ली मेट्रो, दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) और सीपीडब्ल्यूडी (केंद्रीय लोक निर्माण विभाग) से जुड़ी खबरों के साथ-साथ दिल्ली की समस्याओं को कवर किया।
2017 में दिल्ली-एनसीआर के अंतर्गत आने वाले गुरुग्राम के ब्यूरो चीफ बने। बतौर चीफ रिपोर्टर उन्होंने हरियाणा की टीम को लीड किया। इस दौरान हरियाणा के 2019 विधानसभा और लोकसभा चुनावों को कवर किया। कई बड़ी रैलियों की रिपोर्टिंग की और कोरोना महामारी के दौरान ग्राउंड ज़ीरो से कवरेज किया।
विश्वविद्यालय में अध्यापन:
2020 में न्यूज़रूम से क्लासरूम की ओर रुख करते हुए उन्होंने गुजरात के वडोदरा स्थित पारूल यूनिवर्सिटी को जॉइन किया। यहां उन्होंने फैकल्टी ऑफ आर्ट्स के मास कम्युनिकेशन डिपार्टमेंट में असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में अध्यापन किया। इस दौरान पत्रकारिता के छात्रों को पाठ्यक्रम के साथ-साथ फील्ड के अनुभवों से भी अवगत कराया।
अगस्त 2021 में उन्होंने मीडिया स्टार्टअप नेशन प्लान न्यूज़ को जॉइन किया। यहां ‘रिमांड’ नाम के टॉक शो के जरिए कई हस्तियों के इंटरव्यू किए।
शिक्षा / पुरस्कार:
मूल रूप से उत्तर प्रदेश के कानपुर के रहने वाले अचलेंद्र कटियार ने छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय (CSJM University), कानपुर के डीएवी कॉलेज से पीजी किया है। इसके बाद दिल्ली स्थित जामिया मिलिया इस्लामिया से मीडिया की पढ़ाई की।
अच्छे काम के लिए अचलेंद्र कटियार को कई इन-हाउस और बाहरी संस्थाओं से पुरस्कार मिल चुके हैं। हरियाणा में काम के दौरान उन्हें ‘गुरुग्राम अचीवर्स अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया था।... और पढ़ें
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