होमवकीलसुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ जिला खनिज न्यास घोटाले के मास्टरमाइंड को जमानत दी
वकील

सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ जिला खनिज न्यास घोटाले के मास्टरमाइंड को जमानत दी

सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ जिला खनिज न्यास घोटाले में आरोपित सतपाल सिंह छाबड़ा को जमानत दे दी है। अदालत ने कहा कि कई सहआरोपितों को पहले ही जमानत मिल चुकी है। सतपाल सिंह को ट्रायल कोर्ट की संतुष्टि के अनुसार जमानत बांड भरना होगा।

15 जुलाई 2026 को 10:13 pm बजे
सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ जिला खनिज न्यास घोटाले के मास्टरमाइंड को जमानत दी

सौजन्य से:- Jagran

छत्तीसगढ़ जिला खनिज न्यास घोटाले के कथित मास्टरमाइंड को सुप्रीम कोर्ट से जमानत

सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ के जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) फंड में अनियमितताओं और भ्रष्टाचार से जुड़े मामले में आरोपित सतपाल सिंह छाबड़ा को जमानत दे दी है ...और पढ़ें

HighLights

- पीठ ने कहा कि मुख्य आरोपित अनिल टुटेजा को 18 मई 2026 को जमानत दी गई थी

- पुरानी कार्रवाई के आधार पर अदालत ने सतपाल सिंह को जमानत देने का आदेश पारित किया

पीटीआई, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ के जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) फंड में अनियमितताओं और भ्रष्टाचार से जुड़े मामले में आरोपित सतपाल सिंह छाबड़ा को जमानत दे दी है। छाबड़ा को इस मामले का कथित मास्टरमाइंड माना जाता है।

प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जोयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहन की पीठ ने सुनवाई के दौरान इस तथ्य पर ध्यान दिया कि मामले के कई सह आरोपितों को पहले ही जमानत मिल चुकी है।

छाबड़ा की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता शोएब आलम ने दलील दी कि छत्तीसगढ़ कैडर के सेवानिवृत्त आइएएस अधिकारी अनिल टुटेजा सहित अन्य आरोपितों को भी राहत मिल चुकी है।

पीठ ने कहा कि मुख्य आरोपित अनिल टुटेजा को 18 मई 2026 को जमानत दी गई थी। इसके बाद अदालत ने सतपाल सिंह छाबड़ा को भी जमानत देने का आदेश पारित किया।

हालांकि, शीर्ष न्यायालय ने स्पष्ट किया कि आरोपित को ट्रायल कोर्ट की संतुष्टि के अनुसार जमानत बांड भरना होगा और ट्रायल कोर्ट आवश्यकतानुसार अन्य शर्तें भी लगा सकेगी।

आरोप है कि सतपाल सिंह छाबड़ा ने जिला खनिज न्यास फंड के तहत ठेके दिलाने के बदले करीब पांच करोड़ रुपये की अवैध रिश्वत प्राप्त की थी।

सुप्रीम कोर्ट का तमिलनाडु के पूर्व मंत्री पर हाई कोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप से इनकार

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को मद्रास हाई कोर्ट के उस आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया, जिसमें अभियोजन पक्ष को तमिलनाडु के पूर्व मंत्री ईवी वेलु के खिलाफ भ्रष्टाचार मामले में 28 जुलाई तक कोई दंडात्मक कदम नहीं करने का निर्देश दिया गया था।

जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने तमिलनाडु सरकार की उस याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया, जिसमें हाई कोर्ट के नौ जुलाई के आदेश को चुनौती दी गई थी।

हाई कोर्ट ने राज्य की पिछली द्रमुक सरकार के दौरान सड़क निर्माण के लिए ठेके देने में कथित अनियमितताओं के संबंध में वेलु के खिलाफ जारी लुक आउट सर्कुलर पर भी रोक लगा दी थी। राज्य की मौजूदा टीवीके सरकार ने हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।

Powered by Nyaya 247 News

संबंधित ख़बरें

इसी विषय की और ख़बरें →
सुप्रीम कोर्ट ने 3 लाख का जुर्माना समय रैना और अन्य पर लगाया, बोले 'आपको कोर्ट का सम्मान करना होगा'
वकील

सुप्रीम कोर्ट ने 3 लाख का जुर्माना समय रैना और अन्य पर लगाया, बोले 'आपको कोर्ट का सम्मान करना होगा'

सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड हाईकोर्ट के हल्द्वानी स्थानांतरित करने का रास्ता साफ किया
वकील

सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड हाईकोर्ट के हल्द्वानी स्थानांतरित करने का रास्ता साफ किया

सोशल मीडिया क्लास एक्शन की वाहवाही के बावजूद, YouTube से नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाने वाला मामला चुनौती दी गई
वकील

सोशल मीडिया क्लास एक्शन की वाहवाही के बावजूद, YouTube से नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाने वाला मामला चुनौती दी गई

सुप्रीम कोर्ट ने पूछा, पूर्वोत्तर राज्यों के लोगों की सुरक्षा की व्यवस्था करने से कैसे निकाले जा रहे हैं?
वकील

सुप्रीम कोर्ट ने पूछा, पूर्वोत्तर राज्यों के लोगों की सुरक्षा की व्यवस्था करने से कैसे निकाले जा रहे हैं?

सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड हाईकोर्ट हल्द्वानी शिफ्ट करने का रास्ता साफ़ किया
वकील

सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड हाईकोर्ट हल्द्वानी शिफ्ट करने का रास्ता साफ़ किया

गुरुग्राम कारागार में लोक अदालत आयोजित, एक विचाराधीन को मिली रिहाई
वकील

गुरुग्राम कारागार में लोक अदालत आयोजित, एक विचाराधीन को मिली रिहाई

सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण बात: मौखिक घोषणा फैसले की अंतिम तिथि नहीं, परिवर्तन और सुनवाई तक संभव
वकील

सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण बात: मौखिक घोषणा फैसले की अंतिम तिथि नहीं, परिवर्तन और सुनवाई तक संभव

सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड हाईकोर्ट शिफ्टिंग मामले में दिया बड़ा फैसला, जनमत संग्रह पर रोक
वकील

सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड हाईकोर्ट शिफ्टिंग मामले में दिया बड़ा फैसला, जनमत संग्रह पर रोक

ताज़ा ख़बरें