होमअपराधसलवार खोलना दुष्कर्म का प्रयास नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने पटना उच्च न्यायालय के फैसले पर विस्तृत आदेश की मांग को देखा
अपराध

सलवार खोलना दुष्कर्म का प्रयास नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने पटना उच्च न्यायालय के फैसले पर विस्तृत आदेश की मांग को देखा

पटना उच्च न्यायालय के एक फैसले में सलवार खोलने का प्रयास दुष्कर्म के प्रयास की तरह नहीं माना गया, जिससे सुप्रीम कोर्ट में सवाल उठे।

15 जुलाई 2026 को 05:13 pm बजे
सलवार खोलना दुष्कर्म का प्रयास नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने पटना उच्च न्यायालय के फैसले पर विस्तृत आदेश की मांग को देखा

सौजन्य से:- Jagran

'सलवार खोलना दुष्कर्म का प्रयास नहीं; लज्जा भंग का अपराध', पटना हाई कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए की टिप्पणी

पटना हाईकोर्ट के एक फैसले पर सुप्रीम कोर्ट में सवाल उठे हैं, जिसमें सलवार खोलने के प्रयास को दुष्कर्म का प्रयास नहीं, बल्कि लज्जा भंग माना गया था। ...और पढ़ें

HighLights

- पटना हाईकोर्ट ने सलवार खोलने को दुष्कर्म का प्रयास नहीं माना।

- सुप्रीम कोर्ट ने पटना हाईकोर्ट के फैसले पर सवाल उठाए।

- इलाहाबाद हाईकोर्ट के समान फैसले को SC पहले ही रद्द कर चुका।

विधि संवाददाता, पटना। पटना हाई कोर्ट ने हाल ही में एक फैसला सुनाया, जिसमें कहा गया था कि किसी महिला की सलवार खोलने का प्रयास और उसके सीने को दबाकर छेड़छाड़ करना मात्र दुष्कर्म के प्रयास (धारा 376/511 आईपीसी) का अपराध नहीं माना जा सकता। पटना हाई कोर्ट का ये फैसला सुप्रीम कोर्ट में भी चर्चा का विषय बन गया।

वरिष्ठ अधिवक्ता शोभा गुप्ता ने सुप्रीम कोर्ट का ध्यान इस फैसले की ओर दिलाते हुए कहा कि इस तरह के मामलों में इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट पहले ही रद कर चुका है। इसके बावजूद समान तथ्यों पर पटना हाई कोर्ट ने ऐसा निर्णय दिया है।

पटना हाई कोर्ट के फैसले पर SC में चर्चा

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायाधीश जॉयमाल्या बागची और न्यायाधीश वी. मोहन की पीठ के समक्ष शोभा गुप्ता और वरिष्ठ अधिवक्ता एच.एस. फुल्का ने पटना हाई कोर्ट का फैसला सुनाया।

वकील ने बताया कि इस मामले में हाई कोर्ट ने माना कि सलवार हटाने का प्रयास और सीने से छेड़छाड़, दुष्कर्म के प्रयास का स्पष्ट कृत्य सिद्ध नहीं करते और अधिक से अधिक धारा 354 आईपीसी (महिला की लज्जा भंग) का मामला बनता है।

यह मामला वर्ष 2008 का है। अभियोजन के अनुसार पीड़िता अपने पिता के साथ बांका जिले के अमरपुर स्थित एक फोटो स्टूडियो गई थी।

आरोप था कि स्टूडियो संचालक ने पिता को कंप्यूटर पर फोटो देखने के बहाने बाहर भेज दिया, भीतर से दरवाजा बंद कर पीड़िता की सलवार खोलने का प्रयास किया और उसके सीने को दबाकर छेड़छाड़ की। पीड़िता के शोर मचाने पर उसके पिता पहुंचे, जिसके बाद आरोपी मौके से भाग गया।

खबरें और भी

ट्रायल कोर्ट का बदला था फैसला

ट्रायल कोर्ट ने आरोपी को दुष्कर्म के प्रयास और अवैध बंधन के आरोप में दोषी ठहराते हुए तीन वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई थी।

हालांकि न्यायाधीश पूर्णेंदु सिंह की एकलपीठ ने कहा कि रिकॉर्ड पर कोई साक्ष्य या ऐसा स्पष्ट कृत्य नहीं है, जिससे दुष्कर्म के प्रयास का अपराध सिद्ध हो सके।

अदालत ने माना कि आरोपी का कृत्य महिला की लज्जा भंग करने के दायरे में आता है, लेकिन धारा 376/511 के तहत दोषसिद्धि टिकाऊ नहीं है।

इसके आधार पर ट्रायल कोर्ट का फैसला रद करते हुए आरोपी को बरी कर दिया गया। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने संकेत दिया कि वह पटना हाई कोर्ट के फैसले पर भी विस्तृत आदेश पारित करेगी।

Powered by Nyaya 247 News

संबंधित ख़बरें

इसी विषय की और ख़बरें →
सुप्रीम कोर्ट में हंगामा: न्यायिक हिरासत में पांच दिन छात्रों का होगा कारावास
अपराध

सुप्रीम कोर्ट में हंगामा: न्यायिक हिरासत में पांच दिन छात्रों का होगा कारावास

बहरत तिवारी एनकाउंटर केस: वकील को सुप्रीम कोर्ट से हाई कोर्ट भेजने की सलाह
अपराध

बहरत तिवारी एनकाउंटर केस: वकील को सुप्रीम कोर्ट से हाई कोर्ट भेजने की सलाह

बलिया वेद प्रकाश सिंह हत्याकांड पर बड़ा फैसला: हाईकोर्ट ने दोनों आरोपियों को मिली उम्रकैद की सजा को रद्द कर दिया
अपराध

बलिया वेद प्रकाश सिंह हत्याकांड पर बड़ा फैसला: हाईकोर्ट ने दोनों आरोपियों को मिली उम्रकैद की सजा को रद्द कर दिया

SC ने पटना HC की आलोचना की, 'स्तन पकड़ना बलात्कार का प्रयास नहीं' संबंधी आदेश पर तीखा जवाब
अपराध

SC ने पटना HC की आलोचना की, 'स्तन पकड़ना बलात्कार का प्रयास नहीं' संबंधी आदेश पर तीखा जवाब

सुप्रीम कोर्ट ने जजों की संवेदनहीनता के मामले में कड़ी नाराजगी जताई, भड़का हाईकोर्ट का विवादित फैसला
अपराध

सुप्रीम कोर्ट ने जजों की संवेदनहीनता के मामले में कड़ी नाराजगी जताई, भड़का हाईकोर्ट का विवादित फैसला

सलवार उतारना और ब्रेस्ट दबाना दुष्कर्म की कोशिश नहीं, पटना HC की टिप्पणी पर सुप्रीम कोर्ट खफा: सुप्रीम कोर्ट ने पटना हाई कोर्ट के एक आदेश की आलोचना की, जिसमें सलवार उतारना और ब्रेस्ट दबाना को दुष्कर्म का प्रयास नहीं माना गया
अपराध

सलवार उतारना और ब्रेस्ट दबाना दुष्कर्म की कोशिश नहीं, पटना HC की टिप्पणी पर सुप्रीम कोर्ट खफा: सुप्रीम कोर्ट ने पटना हाई कोर्ट के एक आदेश की आलोचना की, जिसमें सलवार उतारना और ब्रेस्ट दबाना को दुष्कर्म का प्रयास नहीं माना गया

सुप्रीम कोर्ट में हंगामे के आरोप में दो कानून के छात्र न्यायिक हिरासत में
अपराध

सुप्रीम कोर्ट में हंगामे के आरोप में दो कानून के छात्र न्यायिक हिरासत में

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा सवाल, दो से ज्यादा बच्चों वाले व्यक्ति को पंचायत चुनाव लड़ने का क्या हक?
अपराध

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा सवाल, दो से ज्यादा बच्चों वाले व्यक्ति को पंचायत चुनाव लड़ने का क्या हक?

ताज़ा ख़बरें