सुलतानपुर: अदालत सख्त, लेखपाल के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने ग्राम समाज की भूमि अतिक्रमण मामले में मनमाने ढंग से रिपोर्ट बनाने वाले लेखपाल के खिलाफ FIR का आदेश दिया। इसके अलावा ग्राम समाज की भूमि पर अतिक्रमण की शिकायत के निस्तारण में अनियमितता पाई गई।

सौजन्य से:- Jagran
सुलतानपुर : मनमाने ढंग से रिपोर्ट तैयार करने के पर अदालत सख्त, लेखपाल के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश
सुलतानपुर में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने ग्राम समाज की भूमि पर अतिक्रमण की शिकायत में मनमाने ढंग से रिपोर्ट बनाने वाले लेखपाल शिव बहादुर सिंह के खिला ...और पढ़ें
HighLights
- मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने लेखपाल के खिलाफ FIR का आदेश दिया।
- ग्राम समाज की भूमि पर अतिक्रमण रिपोर्ट में अनियमितता पाई गई।
- शिकायतकर्ता नरेंद्र उपाध्याय ने लेखपाल पर गंभीर आरोप लगाए थे।
संवाद सूत्र, जयसिंहपुर (सुलतानपुर)। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) ने लेखपाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच कराने का आदेश दिया है। प्रकरण ग्राम समाज की भूमि में अतिक्रमण की शिकायत के निस्तारण से जुड़ा है। इसमें लेखपाल की भूमिका सही नहीं पाई गई।
रामनाथपुर के नरेंद्र उपाध्याय ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर कहा कि उन्होंने खपराडीह और रामनाथपुर में ग्राम समाज की भूमि पर हुए अतिक्रमण की शिकायत की थी। शिकायत की जांच के लिए तत्कालीन तहसीलदार हृदयराम तिवारी, लेखपाल शिव बहादुर सिंह व अन्य कर्मचारी गांव पहुंचे।
क्या है आरोप?
आरोप है कि पैमाइश के दौरान तहसीलदार ने उन्हें अपशब्द कहे और सुरक्षा गार्डों को पकड़ने का निर्देश दिया, जिससे वह मौके से चले गए। उनके जाने के बाद तहसीलदार और लेखपाल ने मनमाने ढंग से पैमाइश कर रिपोर्ट तैयार की और लेखपाल शिव बहादुर सिंह ने उनके खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने का मुकदमा दर्ज करा दिया।
जबकि, ग्राम समाज की कथित रूप से अतिक्रमित पड़ी दर्जनों बीघा भूमि पर कब्जाधारकों के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की गई। सुनवाई के बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नवनीत सिंह ने प्रथम दृष्टया शिकायत सही पाए जाने पर लेखपाल शिव बहादुर सिंह के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर जांच कराने का आदेश दिया है।
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