नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी का कठोर फैसला, 20 साल की सजा का आदेश
धमतरी जिला अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को 20 साल की सश्रम कारावास की सजा सुनाई है. यह फैसला पॉक्सो एक्ट के तहत सुनाया गया है. प्रभावी विवेचना और वैज्ञानिक साक्ष्यों ने आरोपी के खिलाफ अपराध सिद्ध होने का मार्ग प्रशस्त किया.

सौजन्य से:- ETV Bharat
नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को 20 साल की सजा, धमतरी जिला अदालत का फैसला
धमतरी जिला अदालत ने दुष्कर्म के दोषी को 20 साल की सजा सुनाई है. पॉक्सो एक्ट में यह फैसला सुनाया गया है.
By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : July 15, 2026 at 6:28 PM IST
धमतरी: जिला अदालत ने साल 2024 के चर्चित पॉक्सो केस में बड़ा फैसला सुनाया है. कोर्ट ने नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को 20 साल की सजा सुनाई है. माननीय अपर सत्र न्यायाधीश (एफटीसी) धमतरी ने दोषी को भारतीय न्याय संहिता और पॉक्सो अधिनियम के तहत दोषी करार देते हुए कठोर दंड दिया.
जानिए कब की है वारदात ?
वर्ष 2024 में सिहावा थाना क्षेत्र के ग्राम पावद्वार में एक युवक जबरन एक लड़की के घस में घुस गया था. उसके बाद उसने दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया. पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया. पहचान परेड और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर उसके खिलाफ दुष्कर्म एवं पॉक्सो एक्ट के तहत अपराध सिद्ध हुआ.
न्यायालय ने आरोपी को धारा 332 भारतीय न्याय संहिता के तहत 7 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 1,000 रुपये अर्थदंड तथा धारा 6 पॉक्सो अधिनियम के तहत 20 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 3,000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई. दोनों सजाएं न्यायालय के आदेशानुसार लागू होंगी. इस मामले की विवेचना सहायक उपनिरीक्षक दुलाल नाथ ने की. प्रभावी अनुसंधान, वैज्ञानिक साक्ष्यों के संकलन और न्यायालय में मजबूत पक्ष रखने के कारण आरोपी के खिलाफ अपराध सिद्ध हुआ.
धमतरी एएसपी ने दी जानकरी
एएसपी शैलेंद्र पांडेय ने बताया कि धमतरी पुलिस महिला एवं बाल अपराधों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है. ऐसे मामलों में तुरंत, निष्पक्ष और प्रभावी विवेचना कर दोषियों को कठोर सजा दिलाना पुलिस की प्राथमिकता है. उन्होंने कहा कि इस प्रकरण में पुलिस की मजबूत विवेचना के चलते आरोपी को 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा मिली है.
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