होम›वकील›सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड सरकार की विशेष याचिकाएँ खारिज, बाबा बैद्यनाथ मेडिकल कॉलेज की जमीन कार्यवाही जारी
वकील

सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड सरकार की विशेष याचिकाएँ खारिज, बाबा बैद्यनाथ मेडिकल कॉलेज की जमीन कार्यवाही जारी

सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड सरकार द्वारा हाईकोर्ट के 15 जुलाई 2026 के आदेश को चुनौती देने वाली दोनों विशेष अनुमति याचिकाएँ अस्वीकार कर दीं। इस निर्णय से बाबा बैद्यनाथ मेडिकल ट्रस्ट को प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल से जुड़ी जमीन की म्यूटेशन और आवश्यक प्रमाण‑पत्र जारी करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की राह खुल गई, जबकि आवश्यकता प्रमाणपत्र का निर्णय अभी प्राधिकारी के अधीन है।

1 अक्टूबर 2026 को 06:05 pm बजे
सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड सरकार की विशेष याचिकाएँ खारिज, बाबा बैद्यनाथ मेडिकल कॉलेज की जमीन कार्यवाही जारी

सौजन्य से:- Prabhat Khabar

सुप्रीम कोर्ट से झारखंड सरकार की SLP खारिज, बाबा बैद्यनाथ मेडिकल कॉलेज का रास्ता साफ

सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने बाबा बैद्यनाथ मेडिकल ट्रस्ट से जुड़े मामले में झारखंड सरकार की याचिका खारिज कर दी है. जानिए कोर्ट के फैसले और म्यूटेशन विवाद का पूरा ब्यौरा.

Supreme Court: बाबा बैद्यनाथ मेडिकल ट्रस्ट से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड सरकार की विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) खारिज कर दी है. जस्टिस एसवीएन भट्टी और जस्टिस एनवी अंजारिया की पीठ ने झारखंड सरकार की ओर से दायर दोनों एसएलपी पर सुनवाई करते हुए झारखंड हाईकोर्ट के 15 जुलाई 2026 के आदेशों में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया. पीठ ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कहा कि हाईकोर्ट के आदेशों में हस्तक्षेप करने का कोई आधार नहीं है. इसके बाद दोनों विशेष अनुमति याचिकाएं खारिज कर दी गयीं. सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर एक अक्टूबर 2026 को इस मामले की एसएलपी संख्या 34211-34212/2026 की लिस्टिंग भी दर्ज है.

हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती दी थी राज्य सरकार ने

झारखंड सरकार और अन्य की ओर से सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर कर हाईकोर्ट के 15 जुलाई 2026 के आदेश को चुनौती दी गयी थी. सुप्रीम कोर्ट में राज्य सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अरुणाभ चौधरी ने पक्ष रखा, जबकि बाबा बैद्यनाथ मेडिकल ट्रस्ट की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अमित रावल पेश हुए. सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप से इनकार कर दिया.

15 जुलाई को हाईकोर्ट ने राज्य की अपील खारिज की थी

इससे पहले झारखंड हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने देवघर में प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज से जुड़ी जमीन के मामले में राज्य सरकार और परित्राण मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (पीएमसीएच) की ओर से दायर अपीलों को खारिज कर दिया था. हाईकोर्ट में बाबा बैद्यनाथ मेडिकल ट्रस्ट से जुड़े मामले की अपीलें सूचीबद्ध थीं.

म्यूटेशन को लेकर था मुख्य विवाद

मामले की शुरुआत बाबा बैद्यनाथ मेडिकल ट्रस्ट द्वारा बैंक की सार्वजनिक नीलामी में परित्राण मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल की जमीन खरीदने के बाद हुई. ट्रस्ट ने नीलामी के बाद जमीन अपने नाम म्यूटेशन कराने के लिए आवेदन किया था. देवघर के अंचल अधिकारी ने आवेदन को खारिज कर दिया. इसके खिलाफ ट्रस्ट ने हाइकोर्ट का रुख किया था. एकल पीठ ने अंचल अधिकारी के आदेश को रद्द करते हुए ट्रस्ट के पक्ष में म्यूटेशन करने का निर्देश दिया था. इसी आदेश को चुनौती देते हुए राज्य सरकार ने अपील दायर की. पीएमसीएच की ओर से भी अलग अपील दाखिल की गयी थी. झारखंड हाइकोर्ट की 2026 की कार्यवाही में बाबा बैद्यनाथ मेडिकल ट्रस्ट बनाम राज्य सरकार से जुड़े मामले दर्ज हैं.

राज्य के रुख पर अदालत ने की थी टिप्पणी

हाईकोर्ट ने मामले की पृष्ठभूमि और म्यूटेशन प्रक्रिया के दौरान राज्य के रुख को लेकर भी टिप्पणी की थी. अदालत ने कहा था कि जिस जमीन का पहले पीएमसीएच के नाम म्यूटेशन हो चुका था, उसी जमीन के संबंध में नीलामी के सफल खरीदार के म्यूटेशन का विरोध करने की स्थिति पर विचार करना जरूरी है. खंडपीठ ने कहा था कि वैध नीलामी खरीदार को संपत्ति का लाभ लेने से रोकने वाली स्थिति नहीं बननी चाहिए.

इसे भी पढ़ें: झारखंड के 23 विधानसभा कर्मियों हाईकोर्ट से राहत, अदालत ने प्रोन्नति रोकने का आदेश किया निरस्त

मेडिकल कॉलेज के लिए आगे की प्रक्रिया महत्वपूर्ण

सुप्रीम कोर्ट द्वारा राज्य सरकार की दोनों एसएलपी खारिज किए जाने के बाद 15 जुलाई के हाईकोर्ट के आदेश प्रभावी बने हुए हैं. इससे बाबा बैद्यनाथ मेडिकल ट्रस्ट की ओर से प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल से जुड़ी जमीन और आवश्यक प्रमाण पत्र की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हुआ है. हालांकि एसेंशियलिटी सर्टिफिकेट के संबंध में सक्षम प्राधिकारी को निर्धारित प्रक्रिया और समय-सीमा के अनुसार निर्णय लेना होगा. देवघर में मेडिकल कॉलेज की स्थापना से जुड़ी आगे की प्रक्रिया अब संबंधित प्रशासनिक और नियामकीय मंजूरियों पर निर्भर करेगी.

इसे भी पढ़ें: खुले में मांस की बिक्री पर हाईकोर्ट में सुनवाई, झारखंड में मीट दुकानों के लिए नई नियमावली लागू

आपके शहर में

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Powered by Nyaya 247 News

संबंधित ख़बरें

इसी विषय की और ख़बरें →
सुप्रीम कोर्ट ने महुआ मोइत्रा के सर्किट हाउस विवाद में बंगाल सरकार को जवाब देने का आदेश दिया
वकील

सुप्रीम कोर्ट ने महुआ मोइत्रा के सर्किट हाउस विवाद में बंगाल सरकार को जवाब देने का आदेश दिया

बॉम्बे हाई कोर्ट ने सैमंथा रुथ प्रभु के नाम‑छवि की डीपफेक के विरुद्ध अंतरिम सुरक्षा आदेश दिया
वकील

बॉम्बे हाई कोर्ट ने सैमंथा रुथ प्रभु के नाम‑छवि की डीपफेक के विरुद्ध अंतरिम सुरक्षा आदेश दिया

सुप्रीम कोर्ट के CJI के अनुसार, एआई सहायता दे सकता है पर न्यायाधीश का निर्णय अनिवार्य
वकील

सुप्रीम कोर्ट के CJI के अनुसार, एआई सहायता दे सकता है पर न्यायाधीश का निर्णय अनिवार्य

कपिल सिब्बल ने 'वन नेशन‑वन इलेक्शन' विधेयकों पर सुप्रीम कोर्ट दौरे को असंवैधानिक बताया
वकील

कपिल सिब्बल ने 'वन नेशन‑वन इलेक्शन' विधेयकों पर सुप्रीम कोर्ट दौरे को असंवैधानिक बताया

सुप्रीम कोर्ट ने ट्रम्प सरकार की जमानत‑बिना हिरासत नीति पर दांव लगाया
वकील

सुप्रीम कोर्ट ने ट्रम्प सरकार की जमानत‑बिना हिरासत नीति पर दांव लगाया

सुप्रीम कोर्ट ने जिला जज भर्ती में सुधार का संकेत दिया
वकील

सुप्रीम कोर्ट ने जिला जज भर्ती में सुधार का संकेत दिया

सुप्रीम कोर्ट ने जपक और न्यायाधीशों की बैठक पर रोक लगाई
वकील

सुप्रीम कोर्ट ने जपक और न्यायाधीशों की बैठक पर रोक लगाई

सुप्रीम कोर्ट ने न्यायिक भर्ती परीक्षा में सुधार का आग्रह किया
वकील

सुप्रीम कोर्ट ने न्यायिक भर्ती परीक्षा में सुधार का आग्रह किया

ताज़ा ख़बरें