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राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: एसआईटी ने सुप्रीम कोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट सौंपी, आज सुनवाई

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एसआईटी ने अपनी स्टेटस रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में सौंप दी है, जिसमें मामले की ताज़ा जानकारी मौजूद है. ये रिपोर्ट अदालत को जांच की प्रगति से अवगत कराने के लिए दाखिल की गई है. मामले में चारा चोरी की सीबीआई से अदालत की निगरानी में जांच कराने की मांगें भी प्रस्तुत की गई हैं.

19 जुलाई 2026 को 06:14 pm बजे
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: एसआईटी ने सुप्रीम कोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट सौंपी, आज सुनवाई

सौजन्य से:- Aaj Tak News

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अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) ने अपनी स्टेटस रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में सीलबंद लिफाफे में दाखिल कर दी है. यह रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट के उस निर्देश के बाद सौंपी गई है, जिसमें जांच की प्रगति से अदालत को अवगत कराने को कहा गया था. मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की तीन सदस्यीय पीठ ने SIT को जांच की प्रगति और अब तक के निष्कर्षों पर रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया था.

सुप्रीम कोर्ट फिलहाल उन याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा है, जिनमें श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को मिले चढ़ावे में वित्तीय अनियमितताओं की सीबीआई से अदालत की निगरानी में जांच कराने की मांग की गई है. इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को नोटिस भी जारी किया था.

क्या है पूरा मामला?

यह मामला अयोध्या के राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए नकद और अन्य दान की चोरी के आरोपों से जुड़ा है. आरोप सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने जून महीने में तीन सदस्यीय SIT का गठन कर जांच शुरू की थी. बाद में कई याचिकाकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट का रुख करते हुए मंदिर के चढ़ावे में वित्तीय अनियमितताओं की सीबीआई से कोर्ट की निगरानी में जांच कराने की मांग की.

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यह भी पढ़ें: 'आपकी चुप्पी बर्दाश्त से बाहर...', राम मंदिर चंदा चोरी मामले में राहुल-खड़गे की PM मोदी को चिट्ठी

अब तक जांच में क्या सामने आया?

एसआईटी ने उत्तर प्रदेश सरकार को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सौंप दी है और जांच पूरी करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा है. शुरुआती जांच में मंदिर के चढ़ावे के प्रबंधन में कई सुरक्षा और प्रक्रियागत खामियां सामने आई हैं. जांच एजेंसी के मुताबिक, दानपात्रों तक कथित अनधिकृत पहुंच, चढ़ावे की गिनती और निगरानी व्यवस्था में कमजोरियां पाई गई हैं. अब तक इस मामले में आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है.

इनमें रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव और मनीष यादव को हाल ही में आगे की पूछताछ के लिए 39 घंटे की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है, जबकि अन्य आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं. एसआईटी फिलहाल चढ़ावे के नकद और कीमती सामान के कथित गबन की कड़ियों को जोड़ने के साथ-साथ मंदिर में दान प्रबंधन से जुड़े जिम्मेदार लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है.

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