सुप्रीम कोर्ट ने टाटा केमिकल्स को मिली राहत, कच्छ में पर्यावरणीय कठोर कार्रवाई पर रोक
सुप्रीम कोर्ट ने कच्छ की खाड़ी में पर्यावरणीय क्षति के आरोपों को लेकर टाटा केमिकल्स के खिलाफ किसी भी कठोर कार्रवाई को रोक दिया और गुजरात सरकार को दो नवंबर तक जवाब देने का निर्देश दिया। यह आदेश गुजरात हाई कोर्ट के 25 मई के फैसले को चुनौती देने वाली कंपनी की याचिका पर दिया गया। मामले में प्रदूषण और जमीन पर कब्जे के मुद्दे शामिल हैं, जबकि हाई कोर्ट ने 2006 के जिला कलेक्टर आदेश को कंपनी ने चुनौती दी थी।

सौजन्य से:- Jagran
सुप्रीम कोर्ट से टाटा केमिकल्स को राहत, पर्यावरण नुकसान मामले में कठोर कार्रवाई पर लगाई रोक
सुप्रीम कोर्ट ने कच्छ की खाड़ी में पर्यावरण को कथित नुकसान पहुंचाने के मामले में टाटा केमिकल्स के खिलाफ कठोर कार्रवाई पर रोक लगा दी है।
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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को आदेश दिया कि कच्छ की खाड़ी में एक समुद्री अभयारण्य को कथित तौर पर पर्यावरण का नुकसान पहुंचाने के मामले में टाटा केमिकल्स के खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई न की जाए।
भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत और जस्टिस जायमाल्य बागची और वी. मोहना की बेंच ने गुजरात हाई कोर्ट के 25 मई के फैसले को चुनौती देने वाली कंपनी की याचिका पर नोटिस जारी किया।
बेंच ने दो नवंबर तक गुजरात सरकार से जवाब मांगा और कहा, "इस बीच, याचिकाकर्ताओं के खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई नहीं की जाएगी।" टाटा केमिकल्स की ओर से कोर्ट में पेश हुए वरिष्ठ वकील अभिषेक सिंघवी ने कहा कि इस मामले में पर्यावरण को नुकसान और जमीन पर कब्जे से जुड़े मुद्दे शामिल हैं।
25 मई को हाई कोर्ट ने कंपनी की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें जिला कलेक्टर के 2006 के आदेश को चुनौती दी गई थी। कलेक्टर ने उस जमीन पर कंपनी के दावे को खारिज कर दिया था, जिसका इस्तेमाल समुद्र में गंदा पानी छोड़ने वाले खुले नालों के लिए किया जाता था।
(न्यूज एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)
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