सुप्रीम कोर्ट ने राजपाल यादव को चेक बाउंस मामले में सख्त चेतावनी दी, जेल को कहा असली मंज़िल
सुप्रीम कोर्ट ने अभिनेता राजपाल यादव को अपने बकाया भुगतान के हलफनामे की अनदेखी करने पर कड़ी फटकार दी और कहा कि उसकी असली जगह जेल है; अदालत ने दो करोड़ रुपये जमा करने की अंतिम सीमा तय की लेकिन वह बीतने के बाद भी भुगतान नहीं किया। यदि वह आगे निर्देशों का पालन नहीं करता तो शिकायतकर्ता के पैसे वापस मिलने की संभावना समाप्त हो सकती है।

सौजन्य से:- Jagran
'आपकी जगह जेल में है', सुप्रीम कोर्ट ने राजपाल यादव को लगाई फटकार
सुप्रीम कोर्ट ने चेक बाउंस के एक पुराने मामले में अभिनेता राजपाल यादव को कड़ी फटकार लगाई है।
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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने चेक बाउंस से जुड़े एक पुराने मामले में निजी फर्म का बकाया भुगतान करने के अपने ही हलफनामे का पालन न करने पर अभिनेता राजपाल यादव को कड़ी फटकार लगाई है।
कोर्ट ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अभिनेता का अहंकार सही जगह पर लाने की जरूरत है और उनकी असली जगह जेल में है।प्रधान न्यायाधीश (सीजेआइ) सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जोयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने सुनवाई के दौरान नाराजगी जताई।
सुप्रीम कोर्ट ने राजपाल यादव को फटकारा
कोर्ट ने कहा कि 15 सितंबर को अभिनेता को दो सप्ताह का आखिरी मौका दिया गया था और सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री में दो करोड़ रुपये जमा करने का निर्देश दिया गया था, लेकिन तय समय सीमा (पांच अक्टूबर) बीत जाने के बाद भी कोई भुगतान नहीं किया गया।
सुनवाई के दौरान जब राजपाल यादव के वकील ने कहा कि शिकायतकर्ता गरीब नहीं हैं, तो जस्टिस बागची भड़क उठे। उन्होंने टिप्पणी की कि वे आपसे अधिक अमीर हो सकते हैं, लेकिन आपने जितनी राशि हड़पी है, उस हद तक वे पीड़ित हैं।
यह चेक बाउंस विवाद वर्ष 2010 में एक फिल्म के लिए लिए गए पांच करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता से जुड़ा है। वर्ष 2012 के समझौते के तहत राजपाल यादव, उनकी पत्नी और उनकी कंपनी को ब्याज सहित लगभग 11 करोड़ रुपये चुकाने थे। वर्ष 2013 में 1.05 करोड़ रुपये के सात चेक दिए गए थे, जो सभी बाउंस हो गए थे।
बकाया भुगतान न करने पर कोर्ट ने जेल में जगह बताई
नए घटनाक्रम में सुनवाई के दौरान अभिनेता के वकील ने 50 लाख रुपये के बैंक में प्रोसेस हो रहे डिमांड ड्राफ्ट की कापी पेश की, जिस पर कोर्ट और शिकायतकर्ता के वकील ने उसकी सत्यता पर संदेह जताया।
शिकायतकर्ता के वरिष्ठ वकील अजित सिन्हा ने आरोप लगाया कि अभिनेता बार-बार कोर्ट के निर्देशों की अवहेलना कर रहे हैं और संस्थान की गरिमा का सम्मान नहीं कर रहे हैं।
हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यदि वे अपील खारिज कर देते हैं, तो शिकायतकर्ता के पैसे वापस मिलने की संभावना खत्म हो सकती है। बहरहाल, कोर्ट ने मंगलवार तक भुगतान करने का निर्देश देते हुए मामले की अगली सुनवाई बुधवार को तय की है।
(न्यूज एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)
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