पलवल में लोक अदालत ने 21,935 मामलों की सुनवाई कर 9.25 करोड़ रुपये का निपटारा किया
पलवल की लोक अदालत ने इस अवधि में 21,935 मामलों की सुनवाई की और सभी पक्षों के बीच कुल 9.25 करोड़ रुपये के समझौते को अंतिम रूप दिया। इस कदम से कई विवादों का समाधान हुआ और न्याय की पहुँच को सुदृढ़ किया गया।

सौजन्य से:- Amar Ujala
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Palwal News: लोक अदालत में 21,935 मामलों की सुनवाई, 9.25 करोड़ का समझौता
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संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल।
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार शनिवार को पलवल, होडल और हथीन की अदालतों में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण की अध्यक्ष राज गुप्ता के मार्गदर्शन और मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एवं प्राधिकरण के सचिव हरीश गोयल के नेतृत्व में आयोजित लोक अदालत में लंबित मामलों के निपटारे पर जोर दिया गया।
लोक अदालत में कुल 21,935 मामलों की सुनवाई हुई, जिनमें से 9,733 मामलों का मौके पर ही निपटारा किया गया। इन मामलों में कुल 9 करोड़ 25 लाख 8 हजार 68 रुपये की सेटलमेंट हुई।
लोक अदालत के लिए अलग-अलग न्यायिक पीठों का गठन किया गया था। इनमें परिवार न्यायालय की प्रधान न्यायाधीश पायल मित्तल, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश हेम राज मित्तल सहित न्यायिक मजिस्ट्रेट और उपमंडलीय न्यायिक मजिस्ट्रेट शामिल रहे। पैनल अधिवक्ताओं को भी पीठ के सदस्यों के रूप में शामिल किया गया।
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सीजेएम हरीश गोयल ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत से पहले प्री-लोक अदालतों का आयोजन कर लंबित मामलों के निपटारे का प्रयास किया गया था। लोक अदालत में वाहन दुर्घटना मुआवजा, बैंक वसूली, राजीनामा योग्य आपराधिक मामले, बिजली-पानी के बिल, श्रम विवाद, पारिवारिक विवाद, चेक बाउंस और राजस्व मामलों की सुनवाई की गई।
इसके अलावा मोटर वाहन अधिनियम और बिजली चोरी से संबंधित मामलों का भी निपटारा किया गया। मामलों को आपसी सुलह और समझौते के आधार पर निपटाने का प्रयास किया गया।
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पलवल।
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार शनिवार को पलवल, होडल और हथीन की अदालतों में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण की अध्यक्ष राज गुप्ता के मार्गदर्शन और मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एवं प्राधिकरण के सचिव हरीश गोयल के नेतृत्व में आयोजित लोक अदालत में लंबित मामलों के निपटारे पर जोर दिया गया।
लोक अदालत में कुल 21,935 मामलों की सुनवाई हुई, जिनमें से 9,733 मामलों का मौके पर ही निपटारा किया गया। इन मामलों में कुल 9 करोड़ 25 लाख 8 हजार 68 रुपये की सेटलमेंट हुई।
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लोक अदालत के लिए अलग-अलग न्यायिक पीठों का गठन किया गया था। इनमें परिवार न्यायालय की प्रधान न्यायाधीश पायल मित्तल, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश हेम राज मित्तल सहित न्यायिक मजिस्ट्रेट और उपमंडलीय न्यायिक मजिस्ट्रेट शामिल रहे। पैनल अधिवक्ताओं को भी पीठ के सदस्यों के रूप में शामिल किया गया।
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सीजेएम हरीश गोयल ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत से पहले प्री-लोक अदालतों का आयोजन कर लंबित मामलों के निपटारे का प्रयास किया गया था। लोक अदालत में वाहन दुर्घटना मुआवजा, बैंक वसूली, राजीनामा योग्य आपराधिक मामले, बिजली-पानी के बिल, श्रम विवाद, पारिवारिक विवाद, चेक बाउंस और राजस्व मामलों की सुनवाई की गई।
इसके अलावा मोटर वाहन अधिनियम और बिजली चोरी से संबंधित मामलों का भी निपटारा किया गया। मामलों को आपसी सुलह और समझौते के आधार पर निपटाने का प्रयास किया गया।
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