सुप्रीम कोर्ट ने जमानत के बाद विजय जुलूस निकाले अपराधी को कोर्ट में लाने का आदेश दिया
सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद हत्या के आरोपी विशाल के विजय जुलूस और गवाहों को धमकी देने के कृत्य पर गहरा सख्त रुख अपनाया। अदालत ने हरियाणा पुलिस को निर्देश दिया कि आरोपी को 21 सितंबर 2026 को अदालत में पेश किया जाए और पहले आत्मसमर्पण करने के बाद जमानत माँगने के निर्देश का पालन कराना है।

सौजन्य से:- Hindustan
विजय जुलूस निकालने वाले आरोपी को कोर्ट में पेश करें: शीर्ष अदालत
- हत्या के एक मामले में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट से मिली थी जमानत - शीर्ष अदालत
नई दिल्ली, एजेंसी। सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद हत्या के एक आरोपी द्वारा विजय जुलूस निकाले जाने के मामले को गंभीरता से लिया है। अदालत ने हरियाणा पुलिस को निर्देश दिया कि वह आरोपी को कोर्ट में पेश करे。
आदेश का विवरण
न्यायाधीश विक्रम नाथ और न्यायाधीश संदीप मेहता की पीठ ने अपने आदेश में दर्ज किया कि आरोपी के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी होने के बाद भी उसे हिरासत में लेकर न्यायालय में पेश नहीं किया गया। पीठ ने शिकायतकर्ता के वकील की इस दलील का संज्ञान लिया कि आरोपी विशाल ने हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद विजय जुलूस निकाला था और गवाहों को धमकाया था। अदालत ने मामले पर आठ सितंबर को सुनवाई के दौरान गौर किया कि आरोपी की ओर से उसका वकील पेश हुआ था। पीठ ने आरोपी को पहले आत्मसमर्पण करने और उसके बाद जमानत का अनुरोध करने का निर्देश दिया तथा जमानत मिलने पर विजय जुलूस निकालने के लिए उसे फटकार लगाई। पीठ ने कहा कि आप आत्मसमर्पण कीजिए और फिर जमानत मांगिए, उसके बाद हम आपकी बात सुनेंगे। जमानत मिलने पर विजय जुलूस निकालना उचित नहीं है।
पुलिस की जिम्मेदारी
पीठ ने आदेश दिया कि हरियाणा के चरखी दादरी जिले के पुलिस अधीक्षक गैर-जमानती वारंट के तहत कार्रवाई करें और प्रतिवादी को 21 सितंबर 2026 को अदालत के समक्ष पेश करें। पीठ ने न्यायालय की रजिस्ट्री को आदेश की एक प्रति 24 घंटे के भीतर ई-मेल और अन्य माध्यमों से पुलिस अधीक्षक को भेजने का निर्देश दिया। बता दें, हाईकोर्ट ने हत्या के मामले में आरोपी को 23 अप्रैल को जमानत दी थी।
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