इमरान खान को प्राइवेट हॉस्पिटल में शिफ्ट करने पर सस्पेंस, पाक सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश को दी चुनौती - pakistan government not want to shift imran khan to private hospital challenges supreme court order
इमरान खान को प्राइवेट हॉस्पिटल में शिफ्ट करने पर सस्पेंस, पाक सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश को दी चुनौती सुप्रीम कोर्ट ने इमरान खान को निजी अस्पताल में स्थानांतरित करने का आदेश दिया था। पाकिस्तान सरकार ने इस आदेश की समी…

सौजन्य से:- Jagran
इमरान खान को प्राइवेट हॉस्पिटल में शिफ्ट करने पर सस्पेंस, पाक सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश को दी चुनौती
सुप्रीम कोर्ट ने इमरान खान को निजी अस्पताल में स्थानांतरित करने का आदेश दिया था। पाकिस्तान सरकार ने इस आदेश की समीक्षा के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है।
HighLights
- सुप्रीम कोर्ट ने इमरान खान को निजी अस्पताल भेजने का आदेश दिया।
- पाकिस्तान सरकार ने आदेश को भेदभावपूर्ण बताकर समीक्षा याचिका दायर की।
- सरकार के अनुसार, यह अन्य दोषियों के लिए मिसाल बन सकता है।
डिजिटल डेस्क, इस्लामाबाद। पाकिस्तान सरकार ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को निजी अस्पताल में स्थानांतरित करने के आदेश की समीक्षा और उसे वापस लेने की मांग की।
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को आदेश दिया था कि 73 साल के खान को अगले दो दिनों के भीतर इस्लामाबाद के शिफा इंटरनेशनल हास्पिटल ले जाया जाए और वे 16 सितंबर को होने वाली अगली सुनवाई तक वहीं रहें।
कोर्ट ने एक मेडिकल बोर्ड बनाने का भी आदेश दिया और पूर्व क्रिकेटर से नेता बने खान को परिवार से हर हफ्ते मिलने की इजाजत दी।
यह आदेश खान की सेहत को लेकर उनके परिवार और समर्थकों की महीनों से चली आ रही चिंता और उन्हें सही मेडिकल सुविधा न मिलने के बार-बार लगाए गए आरोपों के बाद आया।
इमरान खान की सेहत बिगड़ी
पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआइ) पार्टी के संस्थापक खान 2023 से रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद हैं और उन पर कई मामले चल रहे हैं।
बुधवार को समीक्षा याचिका दायर करते हुए केंद्र सरकार ने इस आदेश को भेदभावपूर्ण बताया और तर्क दिया कि इससे सभी दोषियों के लिए सेहत से जुड़ी समस्याओं के मामले में इसी तरह के इलाज की मांग करने का एक उदाहरण बन सकता है।
खान की पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने केंद्र सरकार के इस कदम की आलोचना की और आरोप लगाया कि सरकार सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करने के बजाय मामले को टालने की चालें चल रही है।
(समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)
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