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नीट केस: शुक्रवार को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी में बड़े सुधार की तारीख, सुप्रीम कोर्ट में होगी अगली सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने बड़े सुधार की घोषणा की। NTA में एन्क्रिप्टेड डिजिटल ट्रांसमिशन, 24x7 जीपीएस और बायोमेट्रिक ट्रैकिंग, सरकारी संस्थानों पर ही परीक्षा केंद्र और एक ही पाली में निकटतम केंद्रों पर परीक्षा का मॉडल लागू करने की योजना है।

3 अगस्त 2026 को 12:16 pm बजे
नीट केस: शुक्रवार को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी में बड़े सुधार की तारीख, सुप्रीम कोर्ट में होगी अगली सुनवाई

सौजन्य से:- AajTak

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राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली और NEET परीक्षा में स्ट्रक्चरल सुधार की मांग वाली जनहित याचिका (PIL) पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल (SG) तुषार मेहता ने अदालत को सूचित किया कि सरकार का जवाब तैयार है और वे प्रश्नपत्र की प्रिंटिंग से लेकर परीक्षा केंद्रों तक उसके परिवहन तक की पूरी प्रक्रिया को विस्तार से समझाएंगे.

कोर्ट रूम में क्या हुआ?

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि मेरा जवाब पूरी तरह तैयार है, लेकिन इस पर गुरुवार को सुनवाई की जा सकती है. मैं पर्चा छापने से लेकर केंद्रों तक पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया अदालत के सामने स्पष्ट करूंगा.

जस्टिस सूर्यकांत व जस्टिस सूर्यकांत/जस्टिस नागरत्ना/जस्टिस सूर्य कांत पीठ की अदालत ने सुनवाई की अगली तारीख तय करते हुए कहा कि हम इस मामले पर अब शुक्रवार को सुनवाई करेंगे. वहीं याचिकाकर्ता के पक्षकार ने अनुरोध किया कि जवाब की प्रति उन्हें भी उपलब्ध कराई जाए, जिस पर सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि हलफनामा दाखिल करते ही प्रति प्रदान कर दी जाएगी.

NTA की साख और परीक्षाओं की पारदर्शिता को लेकर जारी विवाद के बीच सुप्रीम कोर्ट में होने वाली यह सुनवाई काफी अहम मानी जा रही है. अब शुक्रवार को यह तय होगा कि केंद्र सरकार NTA के सुरक्षा तंत्र और संचालन में क्या-क्या बड़े बदलाव पेश करने जा रही है.

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क्या है NTA की 'प्रिंट टू ट्रांसपोर्ट' नई सुरक्षा नीति?

सुप्रीम कोर्ट में सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता द्वारा दिए गए बयान के बाद यह साफ हो गया है कि केंद्र सरकार NTA के बेसिक ढांचे में कई बड़े सुरक्षा बदलाव करने जा रही है. सूत्रों और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार अदालत के समक्ष NTA की जिन नई व्यवस्थाओं का ब्योरा रख सकती है, उनमें प्रमुख बिंदु ये शामिल हैं.

एन्क्रिप्टेड डिजिटल ट्रांसमिशन: भविष्य की परीक्षाओं के लिए प्रश्नपत्रों को अंतिम समय तक डिजिटल फॉर्मेट में गुप्त कोड के साथ केंद्रों तक भेजने का नया सुरक्षा मॉडल.

24x7 जीपीएस और बायोमेट्रिक ट्रैकिंग: प्रिंटिंग प्रेस से लेकर परीक्षा केंद्रों तक प्रश्नपत्रों के बक्सों की ट्रैकिंग जीपीएस (GPS) और डिजिटल लॉक से होगी.

सरकारी संस्थानों पर ही परीक्षा केंद्र: प्राइवेट सेंटरों के बजाय अब सिर्फ ए-ग्रेड सरकारी स्कूलों, कॉलेजों और डिजिटल नोडल सेंटरों को ही प्राथमिकता दी जाएगी.

सिंगल शिफ्ट और नियरबाई सेंटर्स: हाल ही में NEET PG के संदर्भ में लिए गए फैसले की तर्ज पर अन्य बड़ी परीक्षाओं में भी मल्टी-शिफ्ट और नॉर्मलाइजेशन विवाद से बचने के लिए 'एक ही पाली' में निकटतम केंद्रों पर परीक्षा का मॉडल लागू करना.

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