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अनुकंपा नियुक्ति में बेटी का दावा पोते से स्वतः श्रेष्ठ नहीं माना जा सकता: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कर्मचारी की सेवा बहाल की

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा कि मृत सरकारी कर्मचारी की बेटी का अनुकंपा नियुक्ति का दावा केवल बेटी होने के आधार पर उसके पोते के दावे से स्वतः श्रेष्ठ नहीं माना जा सकता। अदालत ने स्पष्ट किया कि अनुकंपा नियुक्ति का फैसला संबंधित राज्य सरकार की लागू नीति और मामले के तथ्यों के आधार पर किया जाना चाहिए। जस्टिस आनंद सिंह बहारावत ने कहा, “केवल इसलिए कि हस्तक्षेपकर्ता मृत कर्मचारी की बेटी है, उसके दावे को याचिकाकर्ता यानी पोते के दावे से स्वतः श्रेष्ठ नहीं माना जा सकता। अनुकंपा नियुक्ति के प्रश्न पर लागू नीति और सक्षम प्राधिकारी के समक्ष

22 अक्टूबर 2026 को 10:31 am बजे
अनुकंपा नियुक्ति में बेटी का दावा पोते से स्वतः श्रेष्ठ नहीं माना जा सकता: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कर्मचारी की सेवा बहाल की

सौजन्य से:- लाइव लॉ हिंदी

स्रोत संक्षेप

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा कि मृत सरकारी कर्मचारी की बेटी का अनुकंपा नियुक्ति का दावा केवल बेटी होने के आधार पर उसके पोते के दावे से स्वतः श्रेष्ठ नहीं माना जा सकता। अदालत ने स्पष्ट किया कि अनुकंपा नियुक्ति का फैसला संबंधित राज्य सरकार की लागू नीति और मामले के तथ्यों के आधार पर किया जाना चाहिए। जस्टिस आनंद सिंह बहारावत ने कहा, “केवल इसलिए कि हस्तक्षेपकर्ता मृत कर्मचारी की बेटी है, उसके दावे को याचिकाकर्ता यानी पोते के दावे से स्वतः श्रेष्ठ नहीं माना जा सकता। अनुकंपा नियुक्ति के प्रश्न पर लागू नीति और सक्षम प्राधिकारी के समक्ष

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