शिकायतकर्ता की पहली शादी कायम रहते दूसरी शादी करने पर सास के खिलाफ क्रूरता की FIR कायम नहीं रह सकती: गुजरात हाईकोर्ट
गुजरात हाईकोर्ट ने सास के खिलाफ क्रूरता के आरोप में दर्ज FIR रद्द करते हुए कहा कि भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 498ए लागू नहीं हो सकती, क्योंकि शिकायतकर्ता ने आरोपी के बेटे से उस समय शादी की थी जब उसकी पहली शादी कानूनी रूप से कायम थी। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि उसकी सास ने अपने बेटे यानी शिकायतकर्ता के पति को उसके साथ क्रूरता करने के लिए उकसाया था। जस्टिस पी.एम. रावल ने गौर किया कि शिकायतकर्ता ने 1 फरवरी 2007 को आरोपी के बेटे से शादी करने से पहले किसी अन्य व्यक्ति से विवाह किया था।

सौजन्य से:- लाइव लॉ हिंदी
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गुजरात हाईकोर्ट ने सास के खिलाफ क्रूरता के आरोप में दर्ज FIR रद्द करते हुए कहा कि भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 498ए लागू नहीं हो सकती, क्योंकि शिकायतकर्ता ने आरोपी के बेटे से उस समय शादी की थी जब उसकी पहली शादी कानूनी रूप से कायम थी। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि उसकी सास ने अपने बेटे यानी शिकायतकर्ता के पति को उसके साथ क्रूरता करने के लिए उकसाया था। जस्टिस पी.एम. रावल ने गौर किया कि शिकायतकर्ता ने 1 फरवरी 2007 को आरोपी के बेटे से शादी करने से पहले किसी अन्य व्यक्ति से विवाह किया था।
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