वकील का मुवक्किल की गोपनीय जानकारी सुरक्षित रखने का दायित्व नौकरी छोड़ने के बाद भी रहता है, यह स्थायी है: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा कि वकील का अपने मुवक्किल के साथ हुई बातचीत और उसे दी गई पेशेवर कानूनी सलाह की गोपनीयता बनाए रखने का दायित्व नौकरी या पेशेवर नियुक्ति समाप्त होने के बाद भी खत्म नहीं होता, बल्कि यह दायित्व स्थायी रहता है। चीफ जस्टिस अल्पेश वाई. कोगजे और जस्टिस विवेक रूसिया की खंडपीठ ने याचिकाकर्ता के अपने पूर्व नियोक्ता से संबंधित मामला उठाने के आचरण को “बेहद आपत्तिजनक और निंदनीय” बताया। खंडपीठ ने कहा, “एक वकील का अपने मुवक्किल के प्रति निष्ठा और गोपनीयता बनाए रखने का अटूट दायित्व है। कानून के तहत वकील को अपने मुवक्किल

सौजन्य से:- लाइव लॉ हिंदी
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मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा कि वकील का अपने मुवक्किल के साथ हुई बातचीत और उसे दी गई पेशेवर कानूनी सलाह की गोपनीयता बनाए रखने का दायित्व नौकरी या पेशेवर नियुक्ति समाप्त होने के बाद भी खत्म नहीं होता, बल्कि यह दायित्व स्थायी रहता है। चीफ जस्टिस अल्पेश वाई. कोगजे और जस्टिस विवेक रूसिया की खंडपीठ ने याचिकाकर्ता के अपने पूर्व नियोक्ता से संबंधित मामला उठाने के आचरण को “बेहद आपत्तिजनक और निंदनीय” बताया। खंडपीठ ने कहा, “एक वकील का अपने मुवक्किल के प्रति निष्ठा और गोपनीयता बनाए रखने का अटूट दायित्व है। कानून के तहत वकील को अपने मुवक्किल
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