'सिर्फ समझौते के आधार पर रेप केस रद्द नहीं किया जा सकता, सभी परिस्थितियों पर गौर करना जरूरी': पटना हाईकोर्ट
पटना हाईकोर्ट ने कहा कि रेप जैसे गंभीर अपराधों से जुड़े आपराधिक मामलों को सिर्फ इसलिए रद्द नहीं किया जा सकता कि दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया। हालांकि, कोर्ट ने कहा कि यह तय करते समय कि क्या ऐसे मामलों को आगे चलाया जाना चाहिए। सभी तथ्यों और परिस्थितियों पर विचार किया जाना चाहिए। इसमें जांच के दौरान जुटाए गए सबूत और बाद में हुआ समझौता भी शामिल है। जस्टिस चंद्र शेखर झा की सिंगल बेंच ने उन लोगों के खिलाफ चल रही आपराधिक कार्यवाही रद्द की, जिन्हें फैसले में 'होने वाले ससुराल वाले' (प्रस्तावित ससुराल पक्ष) बताया

सौजन्य से:- लाइव लॉ हिंदी
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पटना हाईकोर्ट ने कहा कि रेप जैसे गंभीर अपराधों से जुड़े आपराधिक मामलों को सिर्फ इसलिए रद्द नहीं किया जा सकता कि दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया। हालांकि, कोर्ट ने कहा कि यह तय करते समय कि क्या ऐसे मामलों को आगे चलाया जाना चाहिए। सभी तथ्यों और परिस्थितियों पर विचार किया जाना चाहिए। इसमें जांच के दौरान जुटाए गए सबूत और बाद में हुआ समझौता भी शामिल है। जस्टिस चंद्र शेखर झा की सिंगल बेंच ने उन लोगों के खिलाफ चल रही आपराधिक कार्यवाही रद्द की, जिन्हें फैसले में 'होने वाले ससुराल वाले' (प्रस्तावित ससुराल पक्ष) बताया
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