होम›हाई कोर्ट›पत्नी, बच्चों और बुजुर्ग माता-पिता का भरण-पोषण पति का 'पवित्र दायित्व': इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मनुस्मृति के श्लोक का दिया हवाला
हाई कोर्ट

पत्नी, बच्चों और बुजुर्ग माता-पिता का भरण-पोषण पति का 'पवित्र दायित्व': इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मनुस्मृति के श्लोक का दिया हवाला

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि पत्नी, नाबालिग बच्चों और आर्थिक रूप से असमर्थ बुजुर्ग माता-पिता का भरण-पोषण करना पति का न केवल कानूनी, बल्कि 'पवित्र दायित्व' भी है। कोर्ट ने इस संदर्भ में मनुस्मृति के अध्याय 11, श्लोक 10 का हवाला दिया। जस्टिस प्रवीण कुमार गिरि की पीठ ने यह टिप्पणी कानपुर नगर की फैमिली कोर्ट द्वारा निर्धारित भरण-पोषण राशि बढ़ाने की मांग को लेकर पत्नी की ओर से दाखिल क्रिमिनल रिवीजन पर सुनवाई करते हुए की। कोर्ट ने मनुस्मृति के श्लोक को उद्धृत किया: “वृद्धौ च मातापितरौ साध्वी भार्या सुतः शिशुः। अपकार्यशतं कृत्वा भर्तव्या मनुर्ब्रवीत॥” कोर्ट द्वारा दिए

29 अक्टूबर 2026 को 10:52 am बजे
पत्नी, बच्चों और बुजुर्ग माता-पिता का भरण-पोषण पति का 'पवित्र दायित्व': इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मनुस्मृति के श्लोक का दिया हवाला

सौजन्य से:- लाइव लॉ हिंदी

स्रोत संक्षेप

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि पत्नी, नाबालिग बच्चों और आर्थिक रूप से असमर्थ बुजुर्ग माता-पिता का भरण-पोषण करना पति का न केवल कानूनी, बल्कि 'पवित्र दायित्व' भी है। कोर्ट ने इस संदर्भ में मनुस्मृति के अध्याय 11, श्लोक 10 का हवाला दिया। जस्टिस प्रवीण कुमार गिरि की पीठ ने यह टिप्पणी कानपुर नगर की फैमिली कोर्ट द्वारा निर्धारित भरण-पोषण राशि बढ़ाने की मांग को लेकर पत्नी की ओर से दाखिल क्रिमिनल रिवीजन पर सुनवाई करते हुए की। कोर्ट ने मनुस्मृति के श्लोक को उद्धृत किया: “वृद्धौ च मातापितरौ साध्वी भार्या सुतः शिशुः। अपकार्यशतं कृत्वा भर्तव्या मनुर्ब्रवीत॥” कोर्ट द्वारा दिए

यह स्रोत के समाचार फ़ीड का संक्षिप्त विवरण है। पूरी रिपोर्ट और संदर्भ के लिए मूल प्रकाशक की रिपोर्ट पढ़ें।

लाइव लॉ हिंदी — मूल रिपोर्ट

संबंधित ख़बरें

इसी विषय की और ख़बरें →
सिर्फ पुलिस में शिकायत दर्ज कराना मानहानि नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट
हाई कोर्ट

सिर्फ पुलिस में शिकायत दर्ज कराना मानहानि नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने अरुण फरेरा की 2011 की गिरफ्तारी को अवैध करार दिया, 2 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया
हाई कोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने अरुण फरेरा की 2011 की गिरफ्तारी को अवैध करार दिया, 2 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया

राजस्थान हाईकोर्ट ने आसाराम की याचिका का निपटारा किया, राज्य ने 20 दिन की पैरोल के आदेश का पालन किया
हाई कोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने आसाराम की याचिका का निपटारा किया, राज्य ने 20 दिन की पैरोल के आदेश का पालन किया

दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों के दौरान बार-बार CAPF की तैनाती पर आशीष जोशी पहुंचे हाईकोर्ट, सरकार से मांगा आदेशों और कारणों का ब्योरा
हाई कोर्ट

दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों के दौरान बार-बार CAPF की तैनाती पर आशीष जोशी पहुंचे हाईकोर्ट, सरकार से मांगा आदेशों और कारणों का ब्योरा

बीमारी के कारण यात्रा करने में असमर्थ गवाह से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए क्रॉस-एग्जामिनेशन की जा सकती है: दिल्ली हाईकोर्ट
हाई कोर्ट

बीमारी के कारण यात्रा करने में असमर्थ गवाह से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए क्रॉस-एग्जामिनेशन की जा सकती है: दिल्ली हाईकोर्ट

मामले में कुछ तो गड़बड़ है: चार्जशीट तैयार होने के एक साल बाद भी कोर्ट में दाखिल नहीं करने पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उठाए सवाल, गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव से मांगा जवाब
हाई कोर्ट

मामले में कुछ तो गड़बड़ है: चार्जशीट तैयार होने के एक साल बाद भी कोर्ट में दाखिल नहीं करने पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उठाए सवाल, गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव से मांगा जवाब

केवल आपराधिक मामलों की संख्या पुलिस निगरानी जारी रखने का आधार नहीं: राजस्थान हाईकोर्ट
हाई कोर्ट

केवल आपराधिक मामलों की संख्या पुलिस निगरानी जारी रखने का आधार नहीं: राजस्थान हाईकोर्ट

फिरौती की कॉल, ‘स्टॉक पंच’ और खामोश गवाह: जानिए बॉम्बे हाईकोर्ट ने बच्चे की हत्या में उम्रकैद काट रहे शख्स को क्यों किया बरी
हाई कोर्ट

फिरौती की कॉल, ‘स्टॉक पंच’ और खामोश गवाह: जानिए बॉम्बे हाईकोर्ट ने बच्चे की हत्या में उम्रकैद काट रहे शख्स को क्यों किया बरी

ताज़ा ख़बरें