होम›हाई कोर्ट›आपसी सहमति से साथ रहने और अलग होने के लिखित समझौते से शादी के झूठे वादे पर रेप का आरोप साबित करना मुश्किल: गुजरात हाईकोर्ट
हाई कोर्ट

आपसी सहमति से साथ रहने और अलग होने के लिखित समझौते से शादी के झूठे वादे पर रेप का आरोप साबित करना मुश्किल: गुजरात हाईकोर्ट

गुजरात हाईकोर्ट ने कहा कि जब दो वयस्क आपसी सहमति से लिखित समझौते के तहत साथ रहते हैं। बाद में एक अन्य लिखित समझौते के जरिए अलग होने का फैसला करते हैं तो शादी के झूठे वादे के आधार पर रेप का आरोप साबित करना मुश्किल हो जाता है। हाईकोर्ट ने यह टिप्पणी अपनी पूर्व लिव-इन पार्टनर से रेप के आरोपी व्यक्ति को ट्रायल कोर्ट द्वारा बरी किए जाने के फैसले को बरकरार रखते हुए की। जस्टिस इलेश जे. वोरा और जस्टिस आर.टी. वच्छानी की खंडपीठ ने कहा कि दोनों पक्षों के बीच लंबे समय तक चला संबंध, उनका साथ

22 अक्टूबर 2026 को 10:42 am बजे
आपसी सहमति से साथ रहने और अलग होने के लिखित समझौते से शादी के झूठे वादे पर रेप का आरोप साबित करना मुश्किल: गुजरात हाईकोर्ट

सौजन्य से:- लाइव लॉ हिंदी

स्रोत संक्षेप

गुजरात हाईकोर्ट ने कहा कि जब दो वयस्क आपसी सहमति से लिखित समझौते के तहत साथ रहते हैं। बाद में एक अन्य लिखित समझौते के जरिए अलग होने का फैसला करते हैं तो शादी के झूठे वादे के आधार पर रेप का आरोप साबित करना मुश्किल हो जाता है। हाईकोर्ट ने यह टिप्पणी अपनी पूर्व लिव-इन पार्टनर से रेप के आरोपी व्यक्ति को ट्रायल कोर्ट द्वारा बरी किए जाने के फैसले को बरकरार रखते हुए की। जस्टिस इलेश जे. वोरा और जस्टिस आर.टी. वच्छानी की खंडपीठ ने कहा कि दोनों पक्षों के बीच लंबे समय तक चला संबंध, उनका साथ

यह स्रोत के समाचार फ़ीड का संक्षिप्त विवरण है। पूरी रिपोर्ट और संदर्भ के लिए मूल प्रकाशक की रिपोर्ट पढ़ें।

लाइव लॉ हिंदी — मूल रिपोर्ट

संबंधित ख़बरें

इसी विषय की और ख़बरें →
व्हाट्सऐप अकाउंट बहाल होने के बाद एमपी हाईकोर्ट ने बार एसोसिएशन अध्यक्ष की याचिका का निपटारा किया
हाई कोर्ट

व्हाट्सऐप अकाउंट बहाल होने के बाद एमपी हाईकोर्ट ने बार एसोसिएशन अध्यक्ष की याचिका का निपटारा किया

इंदौर मेट्रो के लिए पेड़ काटने की अनुमति, लेकिन पक्षी विशेषज्ञों की निगरानी में होगी चरणबद्ध कटाई: हाईकोर्ट
हाई कोर्ट

इंदौर मेट्रो के लिए पेड़ काटने की अनुमति, लेकिन पक्षी विशेषज्ञों की निगरानी में होगी चरणबद्ध कटाई: हाईकोर्ट

यूपी में बड़ा न्यायिक फेरबदल, 57 न्यायिक अधिकारियों को नई तैनाती, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जारी की अधिसूचना
हाई कोर्ट

यूपी में बड़ा न्यायिक फेरबदल, 57 न्यायिक अधिकारियों को नई तैनाती, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जारी की अधिसूचना

कोर्ट के आदेश के बिना सुनवाई की पुरानी रिकॉर्डिंग पाने का अधिकार नहीं: कर्नाटक हाईकोर्ट ने याचिका खारिज की
हाई कोर्ट

कोर्ट के आदेश के बिना सुनवाई की पुरानी रिकॉर्डिंग पाने का अधिकार नहीं: कर्नाटक हाईकोर्ट ने याचिका खारिज की

आरोपी को मजिस्ट्रेट के सामने पेश करने के लिए अदालत के समय की पाबंदी नहीं लगाई जा सकती: केरल हाईकोर्ट ने सरकारी दिशानिर्देश रद्द किए
हाई कोर्ट

आरोपी को मजिस्ट्रेट के सामने पेश करने के लिए अदालत के समय की पाबंदी नहीं लगाई जा सकती: केरल हाईकोर्ट ने सरकारी दिशानिर्देश रद्द किए

'गार्जियंस एंड वार्ड्स एक्ट' के तहत कस्टडी की अर्जी पर उसी कोर्ट में सुनवाई होनी चाहिए, जहां बच्चा रहता है: गुजरात हाईकोर्ट
हाई कोर्ट

'गार्जियंस एंड वार्ड्स एक्ट' के तहत कस्टडी की अर्जी पर उसी कोर्ट में सुनवाई होनी चाहिए, जहां बच्चा रहता है: गुजरात हाईकोर्ट

रजिस्ट्रेशन एक्ट | जमीन के समझौते में धोखाधड़ी के आरोपों पर रिट कोर्ट पूरी सुनवाई नहीं कर सकती: इलाहाबाद हाईकोर्ट
हाई कोर्ट

रजिस्ट्रेशन एक्ट | जमीन के समझौते में धोखाधड़ी के आरोपों पर रिट कोर्ट पूरी सुनवाई नहीं कर सकती: इलाहाबाद हाईकोर्ट

शिकायतकर्ता की पहली शादी कायम रहते दूसरी शादी करने पर सास के खिलाफ क्रूरता की FIR कायम नहीं रह सकती: गुजरात हाईकोर्ट
हाई कोर्ट

शिकायतकर्ता की पहली शादी कायम रहते दूसरी शादी करने पर सास के खिलाफ क्रूरता की FIR कायम नहीं रह सकती: गुजरात हाईकोर्ट

ताज़ा ख़बरें