सिस्टम सुधारने के लिए क्या कदम उठाए? NEET पेपर लीक पर सुप्रीम कोर्ट ने NTA से मांगा जवाब - supreme court to nta detail neet exam reforms institutional strengthening
सिस्टम सुधारने के लिए क्या कदम उठाए? NEET पेपर लीक पर सुप्रीम कोर्ट ने NTA से मांगा जवाब सुप्रीम कोर्ट ने नीट पेपर लीक मामले में सुनवाई करते हुए एनटीए को संस्थागत रूप से मजबूत करने पर जोर दिया। समय कम है? जानिए मुख्य बात…

सौजन्य से:- Jagran
सिस्टम सुधारने के लिए क्या कदम उठाए? NEET पेपर लीक पर सुप्रीम कोर्ट ने NTA से मांगा जवाब
सुप्रीम कोर्ट ने नीट पेपर लीक मामले में सुनवाई करते हुए एनटीए को संस्थागत रूप से मजबूत करने पर जोर दिया।
समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। नीट परीक्षा लीक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करते हुए बुधवार को इस बात पर जोर दिया कि नीट व अन्य परीक्षाएं आयोजित करने वाली नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) को संस्थागत रूप देने , मजबूत बनाने की आवश्यकता है ताकि प्रश्नपत्रों के लीक होने जैसी समस्या न हो।
परीक्षाओं में सुधारों को संस्थागत रूप देने की जरूरत को देखते हुए कोर्ट ने एनटीए को राधाकृष्णन पैनल और नंदन नीलेकणि समिति की सिफारिशों को लागू करने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में जानकारी देने को कहा है। कोर्ट ने इस संबंध में नया हलफनामा दाखिल करने को कहा है।
ऐसी संस्था बनाए जिसपर गर्व हो: SC
शीर्ष अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि यह सुनिश्चित करना हमारा कर्तव्य है कि एक जीवंत संस्था हो, जिस पर देश गर्व कर सके। यदि संस्थागत ढांचा नहीं बनाया जाता है, तो अनुभवी लोग तबादलों में चले जाते हैं और सारा अनुभव व्यर्थ हो जाता है।
कई तकनीकी बदलाव लाने होंगे। हालांकि एनटीए और केंद्र सरकार की ओर से पेश सालिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि प्रश्नपत्र तैयार करने से लेकर प्रिंटिंग और परीक्षा केंद्र में बच्चों के हाथ तक पहुंचने के लिए बहुत चाक चौबंद व्यवस्था की गई है। कहा कि सिस्टम फूलप्रूफ है और इसे तोड़ना आसान नहीं है।
एनटीए को बदलने की उठ रही मांग
ये निर्देश और टिप्पणियां न्यायमूर्ति पीएस नरसिम्हा और आलोक अराधे की पीठ ने नीट पेपर लीक मामले में दाखिल विभिन्न याचिकाओं की सुनवाई के दौरान बुधवार को दिये। याचिकाओं में एनटीए को बदलने या पूरी तरह नया और ज्यादा सुरक्षित सिस्टम बनाने की मांग की गई है।
सुनवाई के दौरान जब मेहता कोर्ट को अपनाई गई फूलप्रूफ व्यवस्था की जानकारी दे रहे थे तभी पीठ ने कहा कि उनकी चिंता परीक्षा संचालन को संस्थागत रूप देने के तरीके को लेकर है। सुरक्षित कार्यालय व्यवस्था, गोपनीय परिचालन ढांचा, साइबर सुरक्षा आदि। कोर्ट ने कहा कि राधाकृष्णन समिति ने 10 विभाग बनाने का सुझाव दिया है।
समिति की सिफारिशों पर मांगी जानकारी
परीक्षा केंद्र, केंद्रीय नेटवर्क संचालक आदि। समिति ने कहा है कि इनमें से प्रत्येक के लिए आपको बुनियादी ढांचा तैयार करना होगा। प्रश्नपत्रों की सीलिंग की प्रक्रिया एक स्थाई समिति द्वारा की जानी चाहिए। कोर्ट ने पूछा कि कितने महानिदेशक, सहायक महानिदेशक आदि नियुक्त किये गए हैं। पीठ ने कहा कि ये वो नियमित हलफनामे के माध्यम से जानना चाहता है।
पीठ ने कहा कि समिति ने एक और बात सुझाई है, वास्तव में जिसे करने की जरूरत है, वो है संस्थागत स्मृति (इंस्टीट्यूशनल मैमोरी), संस्थागत विशेषज्ञता। कोर्ट ने कहा कि हमें बस यह देखना है कि क्या यह सब स्थापित हो चुका है। आपके पास अनुसंधान एवं विकास (आर एंड डी) बुनियादी ढांचा होना चाहिए। हर परीक्षा प्रणाली बदलती है, तकनीक बदलती है।
साफ्टवेयर और डेटाबेस पर भी सवाल
आप कौन सा साफ्टवेयर विकसित कर रहे हैं। पीठ ने कहा कि एक संप्रभु डेटाबेस होना चाहिए। स्टोरेज के बारे में क्या व्यवस्था है। बुनियादी ढांचे की आवश्यकता है। जहां तक सुरक्षा का सवाल है, आपके पास निदेशक रैंक का अधिकारी होना चाहिए। तब आपको पता चलेगा कि कमियां क्या हैं।
पीठ ने कहा कि एक जीवंत प्रणाली और संस्थागतकरण (इंस्टीट्यूशनलाइजेशन) की आवश्यकता है। इसके बाद कोर्ट ने राधाकृष्ण समिति की सिफारिशें लागू करने के लिए उठाए गए कदमों का विस्तृत विवरण देने वाला हलफनामा दाखिल करने को कहा। अब सुनवाई तीन सप्ताह बाद होगी।
राधाकृष्णन समिति की सिफारिश
गौरतलब है कि नीट यूजी पेपर लीक के बाद शिक्षा मंत्रालय ने परीक्षा प्रक्रिया में सुधार, डेटा सुरक्षा प्रोटोकाल को बेहतर बनाने और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के ढांचे और कामकाज पर सुझाव देने के लिए सात सदस्यीय राधाकृष्णन समिति का गठन किया था।
राधाकृष्णन समिति ने अपनी सिफारिशें दी थीं। इसके बाद सरकार ने नीट परीक्षा में ढांचागत सुधार के लिए इन्फोसिस के सह संस्थापक नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय टास्क फोर्स का भी गठन किया है।
यह भी पढ़ें- पेपर लीक पर बड़ी स्ट्राइक, एनटीए ने प्रश्नपत्र तैयार करने वाले 600 विशेषज्ञ हटाए
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