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जेएमएम ने एमएमडीआर कानून विरोधी प्रदर्शनी की तैयारी तेज की

सियाटांड़ के जेएमएम नेताओं ने जमुआ में एमएमडीआर कानून के विरोध में बड़े प्रदर्शन की तैयारी बढ़ा दी है। उन्होंने केंद्र सरकार पर राज्य अधिकारों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए इस कानून को वापस लेने की मांग की और क्षेत्र में सड़क‑पुल जैसी विकास कार्यों के माध्यम से जनता से सीधा संवाद स्थापित करने के महत्व को उजागर किया। पार्टी का कहना है कि इस आयोजन में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक भाग लेंगे।

18 सितंबर 2026 को 09:04 pm बजे
जेएमएम ने एमएमडीआर कानून विरोधी प्रदर्शनी की तैयारी तेज की

सौजन्य से:- Hindustan

एमएमडीआर कानून के विरोध में जेएमएम की तैयारी शुरू

सियाटांड़ में, जेएमएम ने एमएमडीआर कानून के विरोध में जमुआ में प्रस्तावित प्रदर्शन की तैयारी तेज कर दी है। विधायक केदार हजरा ने केंद्र सरकार पर राज्यों के अधिकारों के उल्लंघन का आरोप लगाया और कानून वापस लेने की मांग की। उन्होंने क्षेत्र की विकास जरूरतों पर भी ध्यान केंद्रित करते हुए जनता से संवाद को महत्वपूर्ण बताया।

सियाटांड़, प्रतिनिधि। एमएमडीआर कानून के विरोध में जेएमएम ने जमुआ में प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर तैयारी तेज कर दी है। पार्टी नेताओं का दावा है कि कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक जुटेंगे। शुक्रवार को जमुआ विधायक केदार हजरा ने केंद्र सरकार पर राज्यों के अधिकारों को प्रभावित करने का आरोप लगाते हुए कहा कि एमएमडीआर कानून वापस लिया जाना चाहिए।

प्रमुख मुद्दे

उन्होंने कहा कि वे लगातार क्षेत्र के लोगों के संपर्क में रहे हैं और जरूरत वाले इलाकों को चिन्हित कर सड़क व पुल निर्माण की पहल की। उन्होंने सीमानी, नईटांड़, सोनानाचन और सलैया नदी समेत विभिन्न स्थानों पर पुल निर्माण का उल्लेख करते हुए कहा कि क्षेत्र की जनता की समस्याओं को लेकर वे लगातार सक्रिय रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि जनता से सीधा संवाद और क्षेत्र में विकास कार्यों से उनका जनाधार भी मजबूत हुआ है।

केंद्र सरकार का रुख

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा एमएमडीआर कानून में किए गए प्रावधानों से राज्यों के अधिकारों को लेकर सवाल खड़े हुए हैं। इसी मुद्दे को लेकर जेएमएम जनता के बीच जाएगा। वहीं, केंद्र सरकार का कहना है कि 2026 के एमएमडीआर संशोधन से राज्यों के भूमि और खनिज संबंधी अधिकार तथा खनिजों पर राज्यों द्वारा वसूले जाने वाले कर समाप्त नहीं होते और खनन से होने वाले अधिकांश कर एवं वैधानिक भुगतान राज्यों को ही मिलते रहेंगे।

मौके पर जेएमएम के प्रखंड अध्यक्ष रंजीत राम, ओमप्रकाश महतो, रोजान मियां, चीना खान, मुस्लिम अंसारी समेत कई कार्यकर्ता जुटे हुए हैं।

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