वन भूमि अतिक्रमण का मामला: मेघालय में प्रशासन की कड़ी कार्रवाई
मेघालय में वन क्षेत्रों में किसानों द्वारा अतिक्रमण की शिकायतों पर वन विभाग और प्रशासन ने जांच शुरू की है।

मेघालय के एक वन क्षेत्र में कथित वन भूमि अतिक्रमण का मामला सामने आने के बाद वन विभाग और स्थानीय प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। सूत्र: News Report
अधिकारियों को शिकायत मिली थी कि संरक्षित वन क्षेत्र के भीतर अवैध निर्माण और भूमि उपयोग में परिवर्तन किया जा रहा है, जिससे पर्यावरण और जैव विविधता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है।
वन विभाग की प्रारंभिक जांच में कुछ स्थानों पर बिना अनुमति भूमि समतलीकरण और निर्माण गतिविधियों के संकेत मिले हैं। इसके बाद संबंधित अधिकारियों ने स्थल निरीक्षण कर आवश्यक दस्तावेज और भूमि अभिलेख तलब किए हैं। मामले में शामिल व्यक्तियों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
अधिकारियों के अनुसार, यदि जांच में वन भूमि पर अवैध कब्जा या अनधिकृत निर्माण की पुष्टि होती है, तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ Forestry and other relevant laws के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि वन भूमि पर अतिक्रमण न केवल प्राकृतिक संसाधनों को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र और वन्यजीवों के आवास को भी प्रभावित करता है। उन्होंने संवेदनशील वन क्षेत्रों में निगरानी और प्रवर्तन तंत्र को और मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया है।
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