ईयू किड्स एक्ट: बच्चों के सोशल मीडिया व एआई उपयोग पर सख्त नियम
यूरोपीय संघ ने बच्चों की शारीरिक‑मानसिक सेहत बचाने के लिए सोशल मीडिया, ऑनलाइन गेम और AI असिस्टेंट पर कठोर नियमन प्रस्तावित किए हैं, जिसमें लत‑लगाने वाले स्क्रॉल और बार‑बार नोटिफिकेशन पर प्रतिबंध शामिल है। 13‑14 वर्ष के बच्चों को सीमित मिनी‑अकाउंट, 15‑साल से ऊपर के बच्चों को पूर्ण अकाउंट, और एक घंटे का दैनिक स्क्रीन‑टाइम दिया जाएगा। नियम उल्लंघन करने वाली कंपनियों पर वार्षिक टर्नओवर के 6 % तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

सौजन्य से:- Hindustan
बच्चों के लिए सोशल मीडिया को लेकर ईयू का नया कानून पेश
यूरोपीय संघ ने बच्चों के लिए सोशल मीडिया, ऑनलाइन गेम और एआई असिस्टेंट के इस्तेमाल को लेकर नए और सख्त कानून का प्रस्ताव पेश किया है। इसे ईयू किड्स एक्ट कहा गया है। इस कानून का उद्देश्य बच्चों की मानसिक और शारीरिक सेहत की रक्षा करना है। यदि कोई कंपनी नियमों का उल्लंघन करती है, तो उस पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा।
यूरोपीय संघ (ईयू) ने गुरुवार को बच्चों के लिए सोशल मीडिया, ऑनलाइन गेम और एआई असिस्टेंट इस्तेमाल करने को लेकर सख्त नया कानून पेश किया। प्रस्तावित नियमों के तहत बच्चों को लत लगाने वाली सुविधाओं पर रोक लगाई जा सकती है। इनमें लगातार नीचे की ओर स्क्रॉल करते रहने वाला फीचर और बच्चों के सोने के समय आने वाले बार-बार के नोटिफिकेशन पर रोक शामिल है।
कानूनी प्रस्ताव
यह कानूनी प्रस्ताव यूरोपीय संघ की प्रमुख उर्सुला वॉन डेर लेयेन के उस बयान के एक दिन बाद आया, जिसमें उन्होंने कहा था कि 27 देशों वाला ईयू 13 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर रोक लगाने और 15 साल की उम्र तक उन्हें केवल सीमित और निगरानी में सोशल मीडिया इस्तेमाल करने की अनुमति देने की योजना बना रहा है। इस प्रस्ताव को ईयू किड्स एक्ट नाम दिया गया। यह प्रस्ताव अभी कानून नहीं बना है। इसे कानून बनने के लिए यूरोपीय संसद और ईयू के सदस्य देशों के बीच बातचीत और सहमति जरूरी होगी। इस प्रक्रिया में कई महीने लग सकते हैं।
कंपनियों पर भारी जुर्माने का प्रावधान
अगर किसी कंपनी ने नियमों का उल्लंघन किया, तो उस पर उसके सालाना कारोबार के छह प्रतिशत तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। ईयू ने यह कदम इसलिए उठाने की दिशा में बढ़ाया है क्योंकि कई सबूत सामने आए हैं कि सोशल मीडिया बच्चों की शारीरिक और मानसिक सेहत पर बुरा असर डाल सकता है।
नए कानून में ये शामिल
- 15 साल या उससे ज्यादा उम्र के बच्चे अपना सोशल मीडिया अकाउंट बना सकेंगे।
- 13 और 14 साल के बच्चों को मिनी अकाउंट की सुविधा दी जा सकती है।
- दिन में अधिकतम एक घंटे का स्क्रीन टाइम शामिल होगा।
- एआई चैटबॉट पर बच्चों की भावनात्मक रूप से निर्भरता को रोकना।
- बच्चे की लोकेशन बंद, कैमरा और माइक्रोफोन बंद रहेगा।
- किसी दूसरे यूजर को ब्लॉक या म्यूट करना आसान होना चाहिए।
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