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सुप्रीम कोर्ट ने सीनियर अफसरों पर दी क्लास, उन्हें कोर्ट में पेश होने का आदेश, क्या करेंगे?

सुप्रीम कोर्ट ने सीनियर अफसरों पर जमकर क्लास लगाई, उन्हें आदेश दिया कि वे 4 अगस्त को कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से पेश हों, अदालत ने हादसों के बाद प्रशासन को कार्रवाई करने के लिए कहा, अगर कोई ठोस कार्रवाई नहीं दिखती तो सीधा अथॉरिटी के CEO या कमिश्नर को जिम्मेदार ठहराया जाएगा।

9 जुलाई 2026 को 09:58 am बजे
सुप्रीम कोर्ट ने सीनियर अफसरों पर दी क्लास, उन्हें कोर्ट में पेश होने का आदेश, क्या करेंगे?

सौजन्य से:- Hindustan

क्या एक्शन लिया, बताओ नहीं तो… सीनियर अफसरों पर इतना क्यों भड़का सुप्रीम कोर्ट

कोर्ट ने कहा कि हादसे के बाद प्रशासन ‘कुछ चेहरों’ को बचाने के लिए बिल्डरों को गिरफ्तार कर लेता है, लेकिन उन अफसरों पर कोई कार्रवाई नहीं होती जिनकी नाक के नीचे ये सब होता है। SC ने अफसरों को कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया है।

देशभर में अवैध कंस्ट्रक्शन और इससे जुड़े हादसों को लेकर गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने सीनियर अधिकारियों की जमकर क्लास लगाई है। हाल ही में दिल्ली और लखनऊ जैसे शहरों में हुए दर्दनाक हादसों पर सख्त रुख अपनाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली, गुरुग्राम, लखनऊ, पटना और तमिलनाडु के नगर निकायों के अधिकारियों को तगड़ी फटकार लगाई। अदालत ने अफसरों को तलब करते हुए यह बताने का भी आदेश दिया है कि अवैध कंस्ट्रक्शन के खिलाफ क्या एक्शन लिया गया है।

सुनवाई के दौरान जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस आर. महादेवन की पीठ ने संबंधित अफसरों को 4 अगस्त को होने वाली अगली सुनवाई में कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से हाजिर रहने की चेतावनी दी। दिल्ली के साकेत में बिल्डिंग के ढहने और मालवीय नगर और लखनऊ के अलीगंज में हुए भीषण अग्निकांडों का संज्ञान लेते हुए कोर्ट ने साफ किया कि ऐसे मामलों सिर्फ कागजी कार्रवाई नहीं चलेगी।

अवमानना कार्रवाई की चेतावनी

इस दौरान कोर्ट ने यह भी कहा कि हादसे के बाद प्रशासन केवल कुछ चेहरों को बचाने के लिए बिल्डरों को गिरफ्तार कर लेता है, लेकिन सरकारी अफसरों पर कोई कार्रवाई नहीं होती। कोर्ट ने आदेश दिया कि रिपोर्ट में उन सीनियर अफसरों के नाम भी बताए जाएं जो अपनी ड्यूटी निभाने में फेल रहे। सुप्रीम कोर्ट ने चेतावनी देते हुए कहा, "अगर अगली तारीख तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं दिखती है, तो सीधा अथॉरिटी के CEO या कमिश्नर को जिम्मेदार ठहराया जाएगा।" कोर्ट ने अल्टीमेटम देते हुए कहा कि आदेशों का पालन नहीं किया गया तो कमिश्नरों और अधिकारियों के खिलाफ स्वत: संज्ञान लेकर अवमानना की कार्रवाई शुरू की जा सकती है।

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट पर संज्ञान

SC ने गुरुग्राम विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी प्रमुख को भी व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में पेश होने का फरमान सुनाया है। एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक कोर्ट ने हिंदुस्तान टाइम्स की दिल्ली एडिशन में छपी एक रिपोर्ट का संज्ञान लेते हुए अधिकारी को समन भेजा है। रिपोर्ट में बताया गया था कि कैसे गुरुग्राम के 93 फीसदी बिल्डिंग फायर सेफ्टी नियमों का पालन करने में फेल रहे हैं।

इस दौरान SC ने राजधानी दिल्ली के संवेदनशील इलाकों की जांच के लिए एक विशेष टीम के गठन का निर्देश दिया है। इस टीम में IIT दिल्ली के दो सीनियर प्रोफेसर और दो ड्राफ्ट्समैन शामिल होंगे। यह टीम दिल्ली नगर निगम (MCD) के अधिकारियों के साथ मिलकर साकेत, मालवीय नगर और लाजपत नगर का जमीनी सर्वे करेगी। वहीं नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (NDMC) के अंतर्गत आने वाले सरोजिनी नगर इलाके में भी ऐसी ही जांच की जाएगी। कोर्ट ने कहा कि कमेटी को ईमानदारी से रिपोर्ट सौंपनी होगी, अगर किसी भी तरह का शक हुआ तो सुप्रीम कोर्ट खुद अपनी विशेष टीम भेजकर रिपोर्ट की सच्चाई की जांच कराएगा।

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Jagriti Kumariजागृति को छोटी उम्र से ही खबरों की दुनिया ने इतना रोमांचित किया कि पत्रकारिता को ही करियर बना लिया। 2 साल पहले लाइव हिन्दुस्तान के साथ करियर की शुरुआत हुई। उससे पहले डिग्री-डिप्लोमा सब जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में। भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और संत जेवियर्स कॉलेज रांची से स्नातक के बाद से खबरें लिखने का सिलसिला जारी। खबरों को इस तरह से बताना जैसे कोई बेहद दिलचस्प किस्सा, जागृति की खासियत है। अंतर्राष्ट्रीय संबंध और अर्थव्यवस्था की खबरों में गहरी रुचि। लाइव हिन्दुस्तान में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शानदार कवरेज के लिए इंस्टा अवॉर्ड जीता और अब बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर रोजाना कुछ नया सीखने की ललक के साथ आगे बढ़ रही हैं। इसके अलावा सिनेमा को समझने की जिज्ञासा है।

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