भरतपुर में व्यापारियों पर हुए हमले पर सियासत तेज, कानून व्यवस्था पर घिरी BJP सरकार
राजस्थान में भरतपुर जिले में व्यापारी चंद्रभान सिंह की हत्या और किराना व्यापारी प्रमोद मित्तल पर हमले ने राज्य की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। पुलिस अभी तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर पाई है, जिससे विपक्ष ने सरकार पर हमला तेज कर दिया है।

सौजन्य से:- ABP News
भरतपुर में व्यापारियों पर हुए हमले पर सियासत तेज, कानून व्यवस्था पर घिरी BJP सरकार
Bharatpur Crimes: भरतपुर में शनिवार रात बेखौफ बदमाशों ने अलग-अलग घटनाओं में सर्राफा व्यापारी चंद्रभान सिंह को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया, जिससे राज्य की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए है.
- भरतपुर में व्यापारी हत्या-लूट, कानून व्यवस्था पर बहस छिड़ी.
- पुलिस पाँच दिन से खाली हाथ, डीजीपी ने सफाई दी.
- विपक्ष ने सरकार को घेरा, भाजपा ने दिया कड़ा जवाब.
राजस्थान में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम के गृह जनपद भरतपुर में लूट के लिए व्यापारी की हत्या और गोली मारे जाने की घटनाओं ने राज्य की कानून व्यवस्था को लेकर नए सिरे से बहस छोड़ दी है. 5 दिन बीतने के बाद भी इन घटनाओं को लेकर पुलिस के हाथ पूरी तरह खाली हैं.
खुद डीजीपी को सामने आकर इस मामले में सफाई देनी पड़ रही है. श्री गंगानगर में नाबालिग के साथ गैंगरेप और अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में डकैत की हत्या पर पहले ही कोहराम मचा हुआ है. कानून व्यवस्था को लेकर विपक्ष सरकार पर हमलावर है तो वहीं अपराध की घटनाओं और आंकड़ों को लेकर सियासत भी जारी है.
आपराधिक घटनाओं ने खोली कानून-व्यवस्था और सुरक्षा की पोल
राजस्थान का भरतपुर जिला मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम का गृह जनपद है. शनिवार रात यहां बेखौफ बदमाशों ने अलग-अलग घटनाओं में सर्राफा व्यापारी चंद्रभान सिंह को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया, तो वहीं किराना व्यापारी प्रमोद मित्तल पर फायरिंग करते हुए उनके साठ हजार रुपए लूट लिए. इससे पहले भी हाल के दिनों में राजस्थान में श्री गंगानगर में नाबालिग लड़की के साथ गैंगरेप और अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में चंबल के कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की हत्या समेत अपराध की कई घटनाओं ने कानून व्यवस्था बेहतर होने का दावा करने वाली सरकार को आईना दिखाने का काम किया है.
डीजीपी ने मामले पर क्या कहा?
भरतपुर की दोनों घटनाओं में पांच दिन बीतने के बाद भी पुलिस के हाथ पूरी तरह खाली हैं. पुलिस अभी तक ना तो आरोपियों को गिरफ्तार कर सकी है और ना ही उनका पता लगा सकी है. मुख्यमंत्री और गृह राज्य मंत्री के गृह जनपद में हुई सनसनीखेज घटनाओं को लेकर कोहराम मचा तो डीजीपी राजीव शर्मा को खुद सरकार के बचाव में सामने आना पड़ा. उन्होंने मीडिया के सामने आकर आंकड़ों के जरिए कानून व्यवस्था दुरुस्त होने का दावा किया. भरतपुर की दोनों घटनाओं को लेकर बोले कि जल्द ही खुलासा किया जाएगा. दोषियों को सजा दिलाई जाएगी. उन्होंने यह भी दावा किया कि अपराध की हर घटनाओं में जल्द से जल्द वर्कआउट हो रहा है.
विपक्ष के निशाने पर सरकार
बहरहाल इस मुद्दे पर अब सियासत भी जोरों पर है. मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस कानून व्यवस्था को लेकर सरकार पर जमकर निशाना साध रही है. राजस्थान विधानसभा में विपक्ष के नेता टीकाराम जूली ने भरतपुर जाकर पीड़ित परिवार से मुलाकात कर ली है और सरकार पर दबाव भी बढ़ा दिया है. उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि कानून व्यवस्था बदतर हो चुकी है. एफआईआर दर्ज नहीं कर घटनाओं के कम होने के झूठे आंकड़े पेश किया जा रहे हैं. अपराधी बेखौफ हैं और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को दिल्ली जाकर अपनी कुर्सी बचाने की कोशिशों से फुर्सत नहीं है.
बीजेपी ने क्या सफाई दी?
दूसरी तरफ बीजेपी ने कांग्रेस पार्टी पर पलटवार किया है. बीजेपी का कहना है कि सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है. इसके बावजूद जो भी अपराध हो रहे हैं उनमें न सिर्फ सख्त कार्रवाई हो रही है, बल्कि जल्द से जल्द मामलों का खुलासा भी हो रहा है. जयपुर की सिविल लाइंस विधानसभा सीट से बीजेपी के विधायक गोपाल शर्मा का कहना है कि कांग्रेस को कानून व्यवस्था पर बात करने का अधिकार ही नहीं है. उसके राज में गुंडाराज चरम पर था. अपराधी बेखौफ होते थे, लेकिन भजन लाल शर्मा की सरकार में सब कुछ ठीक है.
गोपाल शर्मा ने आगे कहा, "कहा जा सकता है कि हाल के दिनों की कुछ बड़ी घटनाओं ने कानून व्यवस्था को लेकर जो सवाल खड़े किए हैं, वह कतई गलत नहीं है." अब देखना यह होगा कि राम राज्य आने का दावा करने वाली सरकार अपराधियों पर नकेल कसने और पूरी तरह कानून का राज कायम करने के लिए किस तरह के सख्त कदम उठाती है.
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