बायोमीट्रिक डेटा मैच नही होने पर नियुक्ति रद्द करना सही: दिल्ली हाई कोर्ट
दिल्ली हाई कोर्ट ने बायोमीट्रिक और फोटो रिकॉर्ड में गड़बड़ी मिलने के मामलों में नियुक्तियां रद्द करने के फैसले को सही ठहराया है। हाई कोर्ट ने कहा कि सरकारी नौकरी में सबसे पहली जरूरत यह साबित करना है कि नियुक्ति पाने वाला शख्स वही है, जिसने सिलेक्शन एग्जाम दिया था।

सौजन्य से:- Navbharat Times
बयोमीट्रिक डेटा मैच न होने के मामले में एक शख्स ने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की, लेकिन कोर्ट ने साफ कर दिया कि अगर किसी का बायोमीट्रिक डेटा मैच नहीं होता है तो नियुक्ति रद्द कर द
नई दिल्ली: सरकारी नौकरी पाने के बाद भी अगर उम्मीदवार यह साबित नहीं कर पाए कि परीक्षा में बैठने वाला शख्स वही था तो उसकी नियुक्ति पर सवाल उठ सकता है। दिल्ली हाई कोर्ट ने बायोमीट्रिक और फोटो रिकॉर्ड में गड़बड़ी मिलने के ऐसे मामलों में नियुक्तियां रद्द करने के फैसले को सही ठहराया है।
दोबारा कराया वेरिफिकेशन
जस्टिस अनिल क्षेत्रपाल और जस्टिस शैल जैन की बेंच ने सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल के उन आदेशों को रद्द कर दिया, जिनसे वार्डर, मैट्रन और स्टेनोग्राफर समेत कई पदों पर नियुक्त कुछ प्रोबेशनर कर्मचारियों को राहत मिली थी। मामला उस समय सामने आया, जब परीक्षा में किसी और के बैठने की शिकायतों के बाद सरकारी विभाग ने उम्मीदवारों का दोबारा वेरिफिकेशन कराया।
आगे भर्तियों में हो सकेंगे शामिल
जांच में कुछ कर्मचारियों के बायोमीट्रिक डेटा और तस्वीरें एग्जाम के समय दर्ज रिकॉर्ड से मेल नहीं खाईं। हाई कोर्ट ने कहा कि सरकारी नौकरी में सबसे पहली जरूरत यह साबित करना है कि नियुक्ति पाने वाला शख्स वही है, जिसने सिलेक्शन एग्जाम दिया था। हालांकि, नियुक्ति रद्द होने से वे भविष्य की भर्तियों के लिए अयोग्य नहीं होंगे।
लेखक के बारे मेंप्राची यादवलगभग 19 साल से पत्रकारिता में हैं। सात साल तक एक दिल्ली-एनसीआर न्यूज चैनल में विभिन्न क्षेत्रों में काम किया। प्रोग्रामिंग और एंकरिंग भी की। टीवी से ही लीगल रिपोर्टिंग की शुरुआत हुई। उस दौरान, जिला अदालतों और दिल्ली हाई कोर्ट के साथ सुप्रीम कोर्ट तक की रिपोर्टिंग की। 2013 में नवभारत टाइम्स से जुड़ीं। यहां पर शुरुआत जिला अदालतों, नैशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल और उपभोक्ता अदालतों की रिपोर्टिंग से हुई। वर्तमान में अन्य सभी अदालतों के साथ दिल्ली हाई कोर्ट भी कवर कर रही हैं।... और पढ़ें
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